9 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अभिमन्यु सिंह का खुलासा: 'देवी' बनने के लिए साड़ी पहनी, अकेले रहे — 'बॉलीवुड-साउथ में फर्क नहीं'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अभिमन्यु सिंह का खुलासा: 'देवी' बनने के लिए साड़ी पहनी, अकेले रहे — 'बॉलीवुड-साउथ में फर्क नहीं'

सारांश

अभिमन्यु सिंह ने 'इंस्पेक्टर अविनाश 2' में 'देवी' का किरदार निभाने के लिए साड़ी पहनी और हफ्तों अकेले रहे। साथ ही उन्होंने बॉलीवुड-साउथ की तथाकथित खाई को भी नकारा — कहा, अच्छा काम दोनों जगह होता है।

मुख्य बातें

अभिमन्यु सिंह ने 'इंस्पेक्टर अविनाश 2' में 'देवी' का चुनौतीपूर्ण किरदार निभाया, जिसमें साड़ी पहनना और स्त्री-रूप अपनाना शामिल था।
किरदार की तैयारी के लिए उन्होंने लंबे समय तक एकांत में रहकर किरदार की मानसिक स्थिति को महसूस किया।
उन्होंने कहा कि बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में कोई बड़ा अंतर नहीं — दोनों जगह प्रोफेशनलिज़्म और मेहनत है।
उनके अनुसार, किसी किरदार को जीवंत करने के लिए सिर्फ डायलॉग नहीं, बल्कि उसके दर्द और भावनाओं को समझना ज़रूरी है।
दर्शकों ने 'देवी' के रूप में उनके प्रदर्शन और शारीरिक रूपांतरण की व्यापक सराहना की।

अभिनेता अभिमन्यु सिंह इन दिनों अपनी चर्चित वेब सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश' के दूसरे सीजन को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसमें उन्होंने 'देवी' नाम का एक अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाया है। मुंबई में दिए एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि इस रोल की तैयारी के लिए उन्हें मानसिक और शारीरिक — दोनों स्तरों पर खुद को पूरी तरह बदलना पड़ा।

बॉलीवुड और साउथ सिनेमा पर अभिमन्यु का नज़रिया

जब उनसे पूछा गया कि क्या साउथ फिल्म इंडस्ट्री में बॉलीवुड की तुलना में ज़्यादा अनुशासन और समय की पाबंदी देखने को मिलती है, तो अभिमन्यु ने सीधे तौर पर इस धारणा को नकारा। उन्होंने कहा, 'मुझे ऐसा कोई बड़ा अंतर महसूस नहीं हुआ। बॉलीवुड में भी लोग समय का पूरा ध्यान रखते हैं। यहां भी बड़े स्तर पर फिल्में पूरी प्रोफेशनल सोच और मेहनत के साथ बनाई जाती हैं।'

उन्होंने आगे जोड़ा, 'मैं बॉलीवुड और साउथ सिनेमा को अलग नज़र से नहीं देखता। दर्शकों के लिए सबसे ज़रूरी फिल्म और कलाकार का काम होता है। अगर कहानी अच्छी हो और कलाकार ईमानदारी से अभिनय करें, तो भाषा या इंडस्ट्री का फर्क मायने नहीं रखता।' यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब OTT प्लेटफॉर्म्स ने दोनों इंडस्ट्रीज़ के बीच की दूरी को और कम कर दिया है।

'देवी' किरदार की मानसिक तैयारी

'इंस्पेक्टर अविनाश 2' में 'देवी' का किरदार अभिमन्यु के अब तक के करियर के सबसे जटिल रोल्स में से एक माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में खुद उन्हें भी यह स्पष्ट नहीं था कि इस किरदार को किस दिशा में ले जाना है।

अभिमन्यु ने कहा, 'इसके लिए मैंने काफी समय अकेले बिताया और लोगों से ज़्यादा बातचीत करने से बचता रहा। मेरा मानना था कि अगर मैं किरदार की भावनाओं और मानसिक स्थिति को महसूस करूंगा, तभी उसे पर्दे पर सच्चाई के साथ दिखा पाऊंगा।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'किसी भी किरदार को निभाने के लिए सिर्फ डायलॉग बोलना काफी नहीं होता, बल्कि उसके दर्द, सोच और भावनाओं को भी समझना ज़रूरी होता है।'

शारीरिक बदलाव: साड़ी और स्त्री-रूप की चुनौती

इस किरदार की सबसे बड़ी चुनौती शारीरिक रूपांतरण था। अभिमन्यु सिंह को 'देवी' के लिए साड़ी पहनना, महिला जैसे लुक में तैयार होना और उस पूरे अंदाज़ को पर्दे पर पूरी सहजता के साथ प्रस्तुत करना था — जो किसी भी पुरुष अभिनेता के लिए आसान नहीं होता।

उन्होंने बताया कि इस रोल को जीवंत करने में 'बहुत धैर्य और समर्पण की ज़रूरत थी।' गौरतलब है कि दर्शकों ने उनके इस साहसी प्रयास की व्यापक सराहना की है और अभिनय को खासतौर पर सराहा गया है।

दर्शकों की प्रतिक्रिया और आगे की राह

अभिमन्यु सिंह की यह बात कि 'अच्छी फिल्मों को हर जगह प्यार मिल रहा है', OTT के दौर में और भी प्रासंगिक हो जाती है, जहाँ क्षेत्रीय और भाषाई सीमाएँ तेज़ी से टूट रही हैं। 'इंस्पेक्टर अविनाश 2' में उनके प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया है कि वह खुद को हर किरदार में पूरी तरह ढाल सकते हैं। आने वाले समय में उनके और किस तरह के किरदारों में नज़र आएंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

सुनने में सहज लगता है — लेकिन यह उस बड़ी बहस को चुनौती देता है जो 'RRR' और 'KGF' की सफलता के बाद से हिंदी सिनेमा के आत्मनिरीक्षण का हिस्सा बन गई है। 'देवी' जैसे किरदार के लिए जो शारीरिक और मनोवैज्ञानिक तैयारी उन्होंने बताई, वह OTT युग में अभिनेताओं से बढ़ती अपेक्षाओं को रेखांकित करती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर 'ट्रांसफॉर्मेशन' को सिर्फ लुक-चेंज तक सीमित कर देती है — जबकि असली बात यह है कि हिंदी OTT पर इस तरह के जोखिम भरे किरदार अब दर्शकों द्वारा स्वीकार किए जा रहे हैं, जो खुद एक बड़ा बदलाव है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिमन्यु सिंह ने 'इंस्पेक्टर अविनाश 2' में कौन सा किरदार निभाया है?
अभिमन्यु सिंह ने 'इंस्पेक्टर अविनाश 2' में 'देवी' नाम का किरदार निभाया है, जो उनके करियर के सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण रोल्स में से एक माना जा रहा है। इस किरदार के लिए उन्हें साड़ी पहनकर स्त्री-रूप अपनाना पड़ा।
'देवी' किरदार की तैयारी अभिमन्यु सिंह ने कैसे की?
अभिमन्यु सिंह ने बताया कि उन्होंने इस किरदार के लिए लंबे समय तक एकांत में रहकर किरदार की मानसिक और भावनात्मक स्थिति को महसूस किया। उनका मानना है कि सिर्फ डायलॉग बोलने से किरदार नहीं जीता — उसके दर्द और सोच को भीतर से समझना ज़रूरी है।
क्या अभिमन्यु सिंह बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में फर्क मानते हैं?
नहीं। अभिमन्यु सिंह ने स्पष्ट कहा कि उन्हें दोनों इंडस्ट्रीज़ में कोई बड़ा अंतर महसूस नहीं हुआ। उनके अनुसार, दोनों जगह प्रोफेशनलिज़्म और मेहनत है, और अगर कहानी व अभिनय अच्छा हो तो भाषा या इंडस्ट्री का फर्क मायने नहीं रखता।
'देवी' किरदार में शारीरिक बदलाव कितना कठिन था?
अभिमन्यु सिंह के अनुसार यह बेहद मुश्किल था — साड़ी पहनना, महिला जैसे लुक में तैयार होना और उस अंदाज़ को पर्दे पर पूरी सहजता से प्रस्तुत करना। इसके लिए काफी धैर्य और समर्पण की ज़रूरत पड़ी।
दर्शकों ने 'इंस्पेक्टर अविनाश 2' में अभिमन्यु के प्रदर्शन पर क्या प्रतिक्रिया दी?
दर्शकों ने 'देवी' किरदार में अभिमन्यु सिंह के प्रदर्शन और उनके साहसी शारीरिक रूपांतरण की व्यापक सराहना की है। उनके अभिनय को खासतौर पर पसंद किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले