अखिल सचदेवा का खुलासा: 3-4 बड़ी फिल्मों से आखिरी वक्त पर हटाया, बेटी के जन्म ने बदली जिंदगी
सारांश
मुख्य बातें
संगीतकार और गायक अखिल सचदेवा ने स्वीकार किया है कि पिछले साल उन्हें 3-4 बड़ी हिंदी फिल्मों से अंतिम क्षणों में बाहर कर दिया गया था — और वह उन परियोजनाओं के लिए गाने भी तैयार कर चुके थे। इस कठिन दौर के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आज इमरान हाशमी अभिनीत फिल्म 'आवारापन 2' के गीत 'पिया घर आया- होमकमिंग' के ज़रिए एक बार फिर श्रोताओं के दिलों में जगह बना ली है।
क्या हुआ था उस मुश्किल दौर में
अखिल सचदेवा ने बताया कि पिछले साल का वह समय उनके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण दौर था। उन्होंने कहा, 'पिछले साल मुझे 3-4 बड़ी फिल्मों से आखिरी वक्त पर हटा दिया गया। मैंने उन फिल्मों के लिए गाने भी दिए थे। मैं यह नहीं कहूंगा कि लोग गलत थे, बस उस समय मेरा वक्त मेरे पक्ष में नहीं था।' उन्होंने संबंधित फिल्मों या निर्माताओं का नाम लेने से परहेज किया।
बेटी के जन्म ने मोड़ा जीवन का रुख
अखिल ने बताया कि इस मुश्किल दौर के ठीक बाद उनकी बेटी का जन्म हुआ, जिसने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी। उनके शब्दों में, 'उसके बाद मेरी जिंदगी में बहुत कुछ बेहतर हो गया।' यह व्यक्तिगत खुशी उनके लिए पेशेवर झटकों से उबरने की सबसे बड़ी प्रेरणा बनी।
दिल्ली से ही रचते हैं संगीत, मुंबई की रैट रेस से दूरी
अखिल सचदेवा ने यह भी स्पष्ट किया कि वह जानबूझकर मुंबई शिफ्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा, 'मैं दिल्ली में अपने होम स्टूडियो में संगीत बनाता हूं, चुपचाप काम करता हूं और वापस लौट जाता हूं। मुझे भीड़ और रैट रेस का हिस्सा नहीं बनना है।' यह रवैया बॉलीवुड संगीत उद्योग की मुख्यधारा से एक सचेत दूरी को दर्शाता है।
समझौते से इनकार, संगीत पर अटूट भरोसा
अखिल ने कहा कि वह जीवन में किसी भी तरह का समझौता नहीं करते। उनके अनुसार, 'जब भी मेरा कोई गाना रिलीज होता है, लोग उसकी बात करते हैं, उसे नजरअंदाज नहीं करते।' उन्होंने अपने दीर्घकालिक नज़रिए को भी साझा किया — 'मेरे लिए यह आज या कल की बात नहीं है। मैं पहले भी था, आज भी हूं और आगे भी रहूंगा।'
आगे की राह
फिलहाल 'आवारापन 2' के साथ अखिल सचदेवा एक बार फिर चर्चा में हैं। उनका कहना है कि इन अनुभवों ने उन्हें और परिपक्व बनाया है और अब उनका एकमात्र लक्ष्य श्रेष्ठ संगीत रचना और श्रोताओं से गहरा जुड़ाव बनाए रखना है। बॉलीवुड के बदलते परिदृश्य में उनकी यह यात्रा उन तमाम संगीतकारों के लिए प्रेरणा है जो हाशिये पर धकेले जाने के बावजूद अपनी कला से समझौता नहीं करते।