1 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या अनुपम खेर ने आइकन अभिनेत्री कामिनी कौशल के निधन पर दुख व्यक्त किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या अनुपम खेर ने आइकन अभिनेत्री कामिनी कौशल के निधन पर दुख व्यक्त किया?

सारांश

कामिनी कौशल का निधन भारतीय सिनेमा की अदाकारी के लिए एक गंभीर क्षति है। अनुपम खेर ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है, उनकी अद्भुत यात्रा और योगदान को याद करते हुए। जानें कैसे कामिनी ने सिनेमा की दुनिया में अपनी छाप छोड़ी।

मुख्य बातें

कामिनी कौशल का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ा नुकसान है।
अनुपम खेर ने उन्हें भावुक श्रद्धांजलि दी।
उनकी पहली फिल्म 'नीचा नगर' ने कान फिल्म फेस्टिवल में पुरस्कार जीता।
कामिनी की अदाकारी और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
वह एक प्रतिभाशाली कलाकार और इंसान थीं।

नई दिल्ली, 15 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। कामिनी कौशल, जिन्होंने भारतीय सिनेमा में लगभग सात दशकों तक अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता, अब इस दुनिया में नहीं रहीं। उनका निधन पिछले शुक्रवार को 98 साल की उम्र में हो गया। यह एक बड़ा नुकसान है भारतीय सिनेमा के लिए। अनुपम खेर ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए अपनी भावनाएं साझा की हैं।

अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "कामिनी कौशल जी सिर्फ एक महान कलाकार नहीं, बल्कि एक अद्भुत इंसान भी थीं। जब भी मैं उनसे मिला, उन्होंने हमेशा मुस्कराकर और स्नेह से मेरा स्वागत किया और मुझे हमेशा प्रेरित किया। उनका नाम भारतीय फिल्म इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा! ओम शांति!"

कामिनी कौशल ने हिंदी सिनेमा में लगभग 6-7 दशकों तक काम किया। उनकी पहली फिल्म 1946 में आई 'नीचा नगर' थी, जो कि काफी सफल रही। इस फिल्म ने कान फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पाल्मे डी’अवॉर्ड जीता। यह उपलब्धि उस समय किसी भी निर्देशक और अभिनेत्री के लिए गोल्ड मेडल जीतने के समान थी। इसके बाद, उन्होंने कई सफल फिल्में कीं और अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया।

उन्होंने 1960, 1970 और 1980 के दशक में कई बड़े मेगास्टार के साथ काम किया। कामिनी कौशल को 1948 में 'शहीद', 'नदिया के पार', 'जिद्दी', 1949 में 'शबनम', 1950 में 'आरजू', और 1954 में 'बिराज बहू' जैसी फिल्मों में देखा गया। उनका आखिरी प्रदर्शन आमिर खान की फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' में था, जिसमें उन्होंने एक महिला का किरदार निभाया था।

केवल अभिनय में ही नहीं, बल्कि कामिनी पढ़ाई में भी अव्‍वल थीं। वे लाहौर के एक सम्मानित परिवार से थीं और उनका असली नाम उमा कश्यप था। उनके पिता प्रसिद्ध वनस्पतिशास्त्री थे। कामिनी को बचपन से तैराकी, भरतनाट्यम और घुड़सवारी का शौक था, जिसे उन्होंने अपने जीवन में पूरा किया। वे रंगमंच और रेडियो का हिस्सा रहीं, जिसने उनकी कला को और निखारा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक प्रेरणा भी थीं।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कामिनी कौशल की पहली फिल्म कौन सी थी?
कामिनी कौशल की पहली फिल्म 'नीचा नगर' थी, जो 1946 में रिलीज हुई थी।
अनुपम खेर ने कामिनी कौशल के बारे में क्या कहा?
अनुपम खेर ने कहा कि कामिनी कौशल न केवल एक बेहतरीन कलाकार थीं, बल्कि एक खूबसूरत इंसान भी थीं।
कामिनी कौशल ने किस फिल्म में आखिरी बार अभिनय किया?
कामिनी कौशल ने आमिर खान की फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' में आखिरी बार अभिनय किया।
कामिनी कौशल का असली नाम क्या था?
कामिनी कौशल का असली नाम उमा कश्यप था।
कामिनी कौशल ने कितने दशकों तक सिनेमा में काम किया?
कामिनी कौशल ने लगभग 6-7 दशकों तक सिनेमा में काम किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले