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उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि पर जैकी श्रॉफ ने दी भावभिनी श्रद्धांजलि, शहनाई के जादूगर को किया याद

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उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि पर जैकी श्रॉफ ने दी भावभिनी श्रद्धांजलि, शहनाई के जादूगर को किया याद

सारांश

शहनाई को मांगलिक वाद्य से कॉन्सर्ट मंच तक ले जाने वाले भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि पर जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर भावभिनी श्रद्धांजलि दी। 1947 में लाल किले से आज़ादी की धुन बजाने वाले इस महान कलाकार को 2006 में 21 तोपों की सलामी दी गई थी।

मुख्य बातें

अभिनेता जैकी श्रॉफ ने 21 अगस्त को उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि पर इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि दी।
उस्ताद का जन्म 21 मार्च, 1916 को बिहार के डुमरांव में हुआ था; उन्होंने मामा अली बक्स 'विलायतु' से शहनाई सीखी।
15 अगस्त, 1947 को उन्होंने लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर शहनाई बजाई — उनके करियर का ऐतिहासिक क्षण।
2001 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया; इससे पूर्व पद्म विभूषण , संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और तानसेन पुरस्कार भी मिले।
21 अगस्त, 2006 को 90 वर्ष की आयु में वाराणसी में निधन; भारतीय सेना ने 21 तोपों की सलामी दी और सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया।

भारत रत्न से सम्मानित महान शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। 21 अगस्त को उस्ताद की बरसी के अवसर पर जैकी ने इंस्टाग्राम पर शहनाई बजाते हुए उनकी एक तस्वीर साझा कर लिखा, 'बिस्मिल्लाह खान जी को उनकी पुण्यतिथि पर हम सभी उनको याद करते हैं।' भारतीय शास्त्रीय संगीत की यह महान विभूति 21 अगस्त, 2006 को वाराणसी में इस दुनिया से विदा हो गई थी।

जैकी श्रॉफ की श्रद्धांजलि

अभिनेता जैकी श्रॉफ अपने सोशल मीडिया के माध्यम से सिनेमा, संगीत और अन्य क्षेत्रों की महान हस्तियों को उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर नियमित रूप से याद करते हैं। इस बार उन्होंने उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की शहनाई बजाते हुई एक भावपूर्ण तस्वीर इंस्टाग्राम पर पोस्ट की, जिसने संगीत प्रेमियों के दिलों को छू लिया।

शहनाई के जादूगर का जीवन परिचय

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का जन्म 21 मार्च, 1916 को बिहार के डुमरांव में एक संगीतकार परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने मामा अली बक्स 'विलायतु' से शहनाई की बारीकियाँ सीखीं, जो वाराणसी के विश्वनाथ मंदिर से जुड़े प्रतिष्ठित शहनाई वादक थे। यह ऐसे समय में आया जब शहनाई को केवल धार्मिक और मांगलिक अवसरों का वाद्य माना जाता था — उस्ताद ने इसे कॉन्सर्ट के मंच तक पहुँचाकर इसकी पहचान को नई ऊँचाई दी।

ऐतिहासिक क्षण और उपलब्धियाँ

उनके करियर का सबसे स्मरणीय पल 15 अगस्त, 1947 को आया, जब उन्होंने दिल्ली के लाल किले से भारत की स्वतंत्रता के उत्सव में शहनाई की मधुर धुन से पूरे देश को भावविभोर कर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया और अनेक प्रतिष्ठित सम्मान अर्जित किए — जिनमें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, तानसेन पुरस्कार और पद्म विभूषण शामिल हैं। 2001 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाज़ा गया।

भारतीय सिनेमा से जुड़ाव

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का भारतीय सिनेमा से भी गहरा नाता रहा। वह प्रख्यात निर्देशक सत्यजीत रे की चर्चित फिल्म 'जलसाघर' में नज़र आए और 1959 की फिल्म 'गूंज उठी शहनाई' में उनकी शहनाई की स्वर-लहरियाँ गूँजीं। गौरतलब है कि यह वह दौर था जब शास्त्रीय संगीत और लोकप्रिय सिनेमा के बीच की दूरी बहुत कम कलाकार पाट पाते थे।

विदाई और राष्ट्रीय शोक

21 अगस्त, 2006 को 90 वर्ष की आयु में वाराणसी में कार्डियक अरेस्ट के कारण उस्ताद का निधन हो गया। उनके जाने के बाद सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया। उन्हें वाराणसी में उनकी प्रिय शहनाई के साथ दफनाया गया और भारतीय सेना ने 21 तोपों की सलामी देकर इस महान कलाकार को अंतिम विदाई दी। उनकी विरासत आज भी शास्त्रीय संगीत के हर आयोजन में जीवंत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की साझी सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक थे — एक मुस्लिम कलाकार जिन्होंने काशी के मंदिरों में शहनाई बजाई और आज़ादी की सुबह लाल किले पर धुन छेड़ी। आज जब शास्त्रीय संगीत की सरकारी संरक्षण में हिस्सेदारी सिकुड़ रही है और युवा पीढ़ी इस विधा से दूर होती जा रही है, तब सोशल मीडिया पर ऐसी श्रद्धांजलियाँ महज़ भावनात्मक इशारे नहीं हैं — ये उस विरासत को ज़िंदा रखने की कोशिश हैं जिसे संस्थागत समर्थन की दरकार है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि कब है?
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि 21 अगस्त को है। उनका निधन 21 अगस्त, 2006 को वाराणसी में 90 वर्ष की आयु में कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ था।
जैकी श्रॉफ ने बिस्मिल्लाह खान को श्रद्धांजलि कैसे दी?
अभिनेता जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की शहनाई बजाते हुई एक तस्वीर पोस्ट की और लिखा, 'बिस्मिल्लाह खान जी को उनकी पुण्यतिथि पर हम सभी उनको याद करते हैं।'
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को भारत रत्न कब मिला?
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को 2001 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाज़ा गया था। इससे पहले उन्हें पद्म विभूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और तानसेन पुरस्कार भी मिल चुके थे।
बिस्मिल्लाह खान का स्वतंत्रता दिवस से क्या संबंध है?
15 अगस्त, 1947 को भारत की आज़ादी के उत्सव में उस्ताद बिस्मिल्लाह खान ने दिल्ली के लाल किले से शहनाई बजाई थी। यह उनके करियर का सबसे ऐतिहासिक और यादगार क्षण माना जाता है।
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का भारतीय सिनेमा से क्या संबंध था?
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान सत्यजीत रे की प्रसिद्ध फिल्म 'जलसाघर' में दिखे और 1959 की फिल्म 'गूंज उठी शहनाई' में शहनाई बजाई। वे उन विरल शास्त्रीय कलाकारों में थे जिन्होंने लोकप्रिय सिनेमा में भी अपनी छाप छोड़ी।
राष्ट्र प्रेस
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