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भूमि पेडनेकर ने सराहा सिक्किम का 'क्लाइमेट-फर्स्ट' मॉडल, बोलीं — दुनिया को लेनी चाहिए प्रेरणा

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भूमि पेडनेकर ने सराहा सिक्किम का 'क्लाइमेट-फर्स्ट' मॉडल, बोलीं — दुनिया को लेनी चाहिए प्रेरणा

सारांश

अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने सिक्किम पर्यटन विभाग के निमंत्रण पर तीन दिन राज्य में बिताए और 'क्लाइमेट-फर्स्ट' नीतियों, नाथुला की सीमा यात्रा और बाबा हरभजन सिंह मंदिर के दर्शन के बाद कहा — दुनिया को सिक्किम से सीखना चाहिए।

मुख्य बातें

भूमि पेडनेकर ने सिक्किम राज्य पर्यटन विभाग के निमंत्रण पर तीन दिवसीय दौरा किया।
उन्होंने सिक्किम को 'ग्रीन स्टेट' बताते हुए इसके सिंगल-यूज प्लास्टिक प्रतिबंध और पर्यावरण नीतियों की प्रशंसा की।
नाथुला की सीमा यात्रा के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बाबा हरभजन सिंह मंदिर के दर्शन किए और सिक्किम की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक विविधता को सराहा।
कहा — न केवल भारत के राज्य, बल्कि दुनिया भर के क्षेत्र सिक्किम के पर्यावरण मॉडल को अपनाएँ।

अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने सिक्किम राज्य पर्यटन विभाग के निमंत्रण पर गंगटोक और आसपास के क्षेत्रों का तीन दिवसीय दौरा किया और राज्य के पर्यावरण-केंद्रित विकास मॉडल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सिक्किम की सस्टेनेबिलिटी, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार विकास के प्रति प्रतिबद्धता न केवल भारत के अन्य राज्यों, बल्कि दुनिया भर के लिए अनुकरणीय है।

सिक्किम का 'ग्रीन स्टेट' मॉडल

भूमि पेडनेकर ने कहा, 'मुझे सबसे अच्छा लगा कि सिक्किम जलवायु और पर्यावरण को प्राथमिकता देने वाला एक ग्रीन स्टेट है। मेरे जैसे व्यक्ति के लिए, जिसका जीवन सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित है, राज्य की ये सभी बातें बहुत मायने रखती हैं। सिक्किम धरती का स्वर्ग है और इसकी प्राकृतिक सुंदरता ने मुझे मंत्रमुग्ध कर दिया।'

उन्होंने स्थानीय निवासियों को संबोधित करते हुए कहा, 'आप लोग बहुत भाग्यशाली हैं, जो इस स्वर्ग में रहते हैं। मुझे नहीं लगता कि मैंने कोई ऐसा नज़ारा देखा जिससे मैं हैरान न हुई हूँ।' उन्होंने सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और प्रकृति के प्रति आम लोगों की संवेदनशीलता को सिक्किम की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनाया।

नाथुला दौरा और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान

नाथुला की यात्रा का ज़िक्र करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि इस अनुभव ने भारतीय सशस्त्र बलों के बलिदानों के प्रति उनके मन में सम्मान को और गहरा किया। उनके शब्दों में, 'मैं एक देशभक्त इंसान हूँ और सीमा पर जाने को लेकर बहुत उत्साहित थी। वहाँ जाने के बाद एहसास होता है कि हमारे सशस्त्र बल हमारे लिए कितना कुछ करते हैं और हम बदले में कितना कम करते हैं।'

उन्होंने बताया कि ऊँचाई वाले सीमावर्ती इलाकों में तैनात अधिकारियों से बातचीत और इस क्षेत्र के इतिहास की जानकारी ने उन्हें गहरा गर्व महसूस कराया।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समृद्धि

भूमि पेडनेकर ने सिक्किम की सांस्कृतिक विविधता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जिन भी स्थानों का दौरा किया, उनकी अपनी अलग लोककथाएँ और परंपराएँ थीं। दौरे के दौरान उन्होंने बाबा हरभजन सिंह मंदिर के दर्शन भी किए।

राज्य के शांत वातावरण के बारे में उन्होंने कहा कि यहाँ उन्हें ध्यान का सबसे गहरा अनुभव मिला। 'इस जगह की ऊर्जा और वाइब्रेशन बहुत खास हैं' — यह उनके शब्द थे।

पर्यावरण नीति पर आह्वान

अभिनेत्री ने ज़ोर देकर कहा कि पहले से कहीं अधिक ऐसी नीतियों की ज़रूरत है जो पर्यावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने उम्मीद जताई कि न केवल भारत के अन्य राज्य, बल्कि दुनिया भर के क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण के मामले में सिक्किम के तौर-तरीकों को अपनाएँगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे भविष्य में सिक्किम में फ़िल्म करने और वापस लौटने की उम्मीद रखती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी सच है कि बढ़ता पर्यटन दबाव राज्य की नाज़ुक पारिस्थितिकी के लिए दोधारी तलवार है। सेलिब्रिटी समर्थन से जागरूकता बढ़ती है, पर बिना सख्त पर्यटक-सीमा नीति के 'ग्रीन स्टेट' की छवि खोखली पड़ सकती है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूमि पेडनेकर सिक्किम क्यों गई थीं?
भूमि पेडनेकर सिक्किम राज्य पर्यटन विभाग के निमंत्रण पर तीन दिवसीय दौरे पर गई थीं। इस दौरान उन्होंने गंगटोक, नाथुला और बाबा हरभजन सिंह मंदिर सहित कई स्थानों का भ्रमण किया।
सिक्किम के 'क्लाइमेट-फर्स्ट' मॉडल में क्या खास है?
सिक्किम ने सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, जैविक खेती को बढ़ावा और पर्यावरण-केंद्रित विकास नीतियाँ अपनाई हैं, जिन्हें 'क्लाइमेट-फर्स्ट' मॉडल कहा जाता है। भूमि पेडनेकर ने इसे अन्य राज्यों और देशों के लिए अनुकरणीय बताया।
भूमि पेडनेकर ने नाथुला यात्रा के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि नाथुला की सीमा यात्रा ने भारतीय सशस्त्र बलों के बलिदानों के प्रति उनके सम्मान को और गहरा किया। तैनात अधिकारियों से बातचीत और क्षेत्र के इतिहास की जानकारी ने उन्हें गहरा गर्व महसूस कराया।
क्या भूमि पेडनेकर सिक्किम में फ़िल्म करना चाहती हैं?
हाँ, अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में उन्हें सिक्किम में फ़िल्म करने और वापस लौटने का मौका मिलेगा। उन्होंने राज्य को 'धरती का स्वर्ग' बताया।
सिक्किम के पर्यावरण मॉडल से दूसरे राज्य क्या सीख सकते हैं?
भूमि पेडनेकर के अनुसार, सिक्किम का सिंगल-यूज प्लास्टिक प्रतिबंध, प्रकृति के प्रति नागरिकों की संवेदनशीलता और पर्यावरण-प्रथम नीतियाँ अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि यह मॉडल वैश्विक स्तर पर भी अपनाया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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