भूमि पेडनेकर ने सराहा सिक्किम का 'क्लाइमेट-फर्स्ट' मॉडल, बोलीं — दुनिया को लेनी चाहिए प्रेरणा
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने सिक्किम राज्य पर्यटन विभाग के निमंत्रण पर गंगटोक और आसपास के क्षेत्रों का तीन दिवसीय दौरा किया और राज्य के पर्यावरण-केंद्रित विकास मॉडल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सिक्किम की सस्टेनेबिलिटी, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार विकास के प्रति प्रतिबद्धता न केवल भारत के अन्य राज्यों, बल्कि दुनिया भर के लिए अनुकरणीय है।
सिक्किम का 'ग्रीन स्टेट' मॉडल
भूमि पेडनेकर ने कहा, 'मुझे सबसे अच्छा लगा कि सिक्किम जलवायु और पर्यावरण को प्राथमिकता देने वाला एक ग्रीन स्टेट है। मेरे जैसे व्यक्ति के लिए, जिसका जीवन सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित है, राज्य की ये सभी बातें बहुत मायने रखती हैं। सिक्किम धरती का स्वर्ग है और इसकी प्राकृतिक सुंदरता ने मुझे मंत्रमुग्ध कर दिया।'
उन्होंने स्थानीय निवासियों को संबोधित करते हुए कहा, 'आप लोग बहुत भाग्यशाली हैं, जो इस स्वर्ग में रहते हैं। मुझे नहीं लगता कि मैंने कोई ऐसा नज़ारा देखा जिससे मैं हैरान न हुई हूँ।' उन्होंने सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और प्रकृति के प्रति आम लोगों की संवेदनशीलता को सिक्किम की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनाया।
नाथुला दौरा और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान
नाथुला की यात्रा का ज़िक्र करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि इस अनुभव ने भारतीय सशस्त्र बलों के बलिदानों के प्रति उनके मन में सम्मान को और गहरा किया। उनके शब्दों में, 'मैं एक देशभक्त इंसान हूँ और सीमा पर जाने को लेकर बहुत उत्साहित थी। वहाँ जाने के बाद एहसास होता है कि हमारे सशस्त्र बल हमारे लिए कितना कुछ करते हैं और हम बदले में कितना कम करते हैं।'
उन्होंने बताया कि ऊँचाई वाले सीमावर्ती इलाकों में तैनात अधिकारियों से बातचीत और इस क्षेत्र के इतिहास की जानकारी ने उन्हें गहरा गर्व महसूस कराया।
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समृद्धि
भूमि पेडनेकर ने सिक्किम की सांस्कृतिक विविधता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जिन भी स्थानों का दौरा किया, उनकी अपनी अलग लोककथाएँ और परंपराएँ थीं। दौरे के दौरान उन्होंने बाबा हरभजन सिंह मंदिर के दर्शन भी किए।
राज्य के शांत वातावरण के बारे में उन्होंने कहा कि यहाँ उन्हें ध्यान का सबसे गहरा अनुभव मिला। 'इस जगह की ऊर्जा और वाइब्रेशन बहुत खास हैं' — यह उनके शब्द थे।
पर्यावरण नीति पर आह्वान
अभिनेत्री ने ज़ोर देकर कहा कि पहले से कहीं अधिक ऐसी नीतियों की ज़रूरत है जो पर्यावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने उम्मीद जताई कि न केवल भारत के अन्य राज्य, बल्कि दुनिया भर के क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण के मामले में सिक्किम के तौर-तरीकों को अपनाएँगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे भविष्य में सिक्किम में फ़िल्म करने और वापस लौटने की उम्मीद रखती हैं।