मदर्स डे पर दीपिका सिंह का दिल खोल बयान, बेटे सोहम को बताया जीवन का सबसे खूबसूरत अहसास

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मदर्स डे पर दीपिका सिंह का दिल खोल बयान, बेटे सोहम को बताया जीवन का सबसे खूबसूरत अहसास

सारांश

दीपिका सिंह मदर्स डे पर भावुक हुईं और अपने बेटे सोहम के साथ मातृत्व की यात्रा को जीवन का सबसे खूबसूरत किरदार बताया। कामकाजी मां के रूप में अपनी भूमिका को रेखांकित करते हुए, उन्होंने सभी माताओं की मेहनत और समर्पण को सलाम किया।

मुख्य बातें

अभिनेत्री दीपिका सिंह ने 10 मई के मदर्स डे पर बेटे सोहम के साथ अपनी मातृत्व यात्रा साझा की।
दीपिका ने मां बनना अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा और खूबसूरत अहसास बताया।
'मंगल लक्ष्मी' शो में मां का किरदार निभाते समय अभिनेत्री को अपने बेटे की याद आती है।
दीपिका ने कहा कि महिलाओं की पहचान केवल मां तक सीमित नहीं है, वह कई भूमिकाएं निभाती हैं।
अभिनेत्री ने सभी माताओं की मेहनत, समर्पण और हिम्मत को सलाम किया।

मुंबई, 7 मई (राष्ट्र प्रेस) अभिनेत्री दीपिका सिंह माताओं की शक्ति और प्रेम को समर्पित 10 मई के मदर्स डे को लेकर भावुक हो गई हैं। टीवी शो 'मंगल लक्ष्मी' में मंगल की भूमिका निभा रही दीपिका ने अपने बेटे सोहम के साथ अपनी मातृत्व की यात्रा साझा करते हुए कहा कि मां बनना उनके जीवन का सबसे रूपांतरकारी और खूबसूरत अनुभव है।

मातृत्व का सबसे बड़ा किरदार

दीपिका ने कहा, "मां बनना मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा बदलाव लाने वाला सफर रहा है। यह एक ऐसा किरदार है जो जीवन भर निभाना होता है। एक अभिनेत्री के रूप में मैंने स्क्रीन पर कई रोल किए, लेकिन सोहम की मां बनना मेरे लिए सबसे बड़ा मकसद और खूबसूरत अहसास है।" अभिनेत्री ने जोर देते हुए कहा कि अपने बेटे के साथ बिताए गए पल उन्हें जीवन के छोटे-छोटे खुशियों की कीमत समझाते हैं।

शो में मां का किरदार और व्यक्तिगत अनुभव

'मंगल लक्ष्मी' में बच्चों के साथ दृश्य करते समय दीपिका को अक्सर अपने बेटे की याद आती है। उन्होंने कहा, "जब मैं शो में बच्चों के साथ सीन करती हूं तो महसूस होता है जैसे मैं सोहम के साथ हूं। मैं उसे बताती हूं कि प्यार और देखभाल कई रूपों में होती है — दादी, नानी, मौसी, चाची या शिक्षक, और हर रूप में खास है।" यह अनुभूति उन्हें पर्दे पर और व्यक्तिगत जीवन में एक गहरा संबंध स्थापित करने में मदद करती है।

कामकाजी मां की भूमिका

दीपिका ने इस बात पर जोर दिया कि वह चाहती हैं कि सोहम उन्हें एक कामकाजी मां के रूप में भी देखे और समझे। उन्होंने कहा, "जब बच्चे अपनी मां को काम करते देखते हैं तो उन्हें समझ आता है कि सपने पूरे करने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है। एक महिला की पहचान सिर्फ मां की नहीं होती — वह कई भूमिकाएं निभाती है, और हर भूमिका महत्वपूर्ण है।" यह संदेश विशेषकर आधुनिक माताओं के लिए प्रासंगिक है जो परिवार और पेशे दोनों को संतुलित करती हैं।

सभी माताओं को सम्मान

मदर्स डे की पूर्व संध्या पर दीपिका सिंह ने सभी माताओं को सलाम करते हुए कहा, "इस मदर्स डे पर मैं सिर्फ खुद को मां होने का जश्न नहीं मना रही, बल्कि उन सभी महिलाओं की हिम्मत को सलाम करती हूं जो प्यार से परिवार का पालन-पोषण करती हैं और अपनी हर जिम्मेदारी को खूबसूरती से निभाती हैं।" दीपिका का यह बयान उन सभी माताओं के लिए एक संदेश है जो अपनी भूमिकाओं में निरंतर प्रयास करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

टीवी समाचार चक्र अक्सर सेलिब्रिटी माताओं के 'खूबसूरत अहसास' को हाइलाइट करता है, लेकिन लाखों भारतीय माताओं की आर्थिक असुरक्षा, बाल-देखभाल की कमी और कार्यस्थल पर भेदभाव की कहानी अनकही रहती है। दीपिका का संदेश प्रेरणादायक है, लेकिन नीति-स्तर पर महिला श्रमशक्ति को समर्थन देने के लिए ठोस कदम — पेड लीव, सस्ती डेकेयर, और कार्यस्थल पर लचीलापन — ही असली बदलाव लाएँगे।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपिका सिंह को मां बनने का अनुभव कैसा है?
दीपिका सिंह के अनुसार, मां बनना उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा बदलाव लाने वाला और खूबसूरत अहसास है। वह अपने बेटे सोहम को अपनी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानती हैं और कहती हैं कि यह एक ऐसा किरदार है जो जीवन भर निभाना होता है।
दीपिका सिंह किस टीवी शो में काम कर रही हैं?
दीपिका सिंह वर्तमान में टीवी शो 'मंगल लक्ष्मी' में मुख्य किरदार मंगल की भूमिका निभा रही हैं। शो में बच्चों के साथ दृश्य करते समय उन्हें अक्सर अपने बेटे की याद आती है।
दीपिका सिंह का बेटा कौन है?
दीपिका सिंह के बेटे का नाम सोहम है। दीपिका ने कहा कि सोहम का प्यारा स्वभाव उन्हें अक्सर जीवन के छोटे-छोटे पलों का आनंद लेने की याद दिलाता है।
दीपिका सिंह कामकाजी मां होने के बारे में क्या सोचती हैं?
दीपिका सिंह चाहती हैं कि उनका बेटा उन्हें एक कामकाजी मां के रूप में देखे। उनका मानना है कि जब बच्चे अपनी मां को काम करते देखते हैं, तो उन्हें समझ आता है कि सपने पूरे करने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है। उनके अनुसार, एक महिला की पहचान केवल मां तक सीमित नहीं होती।
राष्ट्र प्रेस
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