संगीता घोष ने मां बनने के बाद जिंदगी के बदलाव पर खोली बातें, बेटी देवी को गोद में लेना सबसे खास पल

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संगीता घोष ने मां बनने के बाद जिंदगी के बदलाव पर खोली बातें, बेटी देवी को गोद में लेना सबसे खास पल

सारांश

संगीता घोष के लिए मां बनना जीवन का सबसे बड़ा मोड़ रहा है। अपनी बेटी देवी को पहली बार गोद में लेने का पल उनके लिए इतना महत्वपूर्ण रहा कि न केवल उनका व्यक्तित्व बदल गया, बल्कि शो में मां की भूमिका निभाने का उनका नजरिया भी पूरी तरह बदल गया।

मुख्य बातें

संगीता घोष ने बेटी देवी को गोद में लेने को अपने जीवन का सबसे खास और परिवर्तनकारी पल बताया।
शो ' तू जूलियट जट्ट दी ' में गुलाब की भूमिका निभाते समय संगीता को मां बनने के बाद नया दृष्टिकोण मिला।
संगीता के अनुसार बच्चे की रक्षा और आजादी के बीच संतुलन बनाना सबसे नाजुक काम है।
अभिनेत्री स्नेहा वाघ ने अपनी मां की मेहनत और त्याग को समझने के लिए खुद काम करना शुरू करना पड़ा।
संगीता ने उन सभी माताओं को सलाम किया जो प्यार के साथ आजादी भी देती हैं।

मुंबई, 7 मई (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेत्री संगीता घोष ने मदर्स डे से पहले अपनी बेटी देवी को लेकर गहरी भावनात्मक बातें साझा की हैं। मां की भूमिका और जिम्मेदारी पर विचार करते हुए संगीता ने बताया कि अपनी बेटी को पहली बार गोद में लेने का पल उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी अनुभव रहा है।

मां बनने का परिवर्तनकारी अनुभव

संगीता ने कहा, "अपनी बेटी देवी को पहली बार गोद में लेने से मेरे अंदर कुछ हमेशा के लिए बदल गया। मुझे नहीं लगता कि मैं इसे पूरी तरह शब्दों में व्यक्त कर पाऊंगी। यह एक ऐसा पल होता है कि आप अचानक हर उस मां की भावनाओं को समझने लगती हैं, जो अपने बच्चे के लिए खुद को समर्पित कर देती हैं।"

टीवी शो 'तू जूलियट जट्ट दी' में गुलाब का किरदार निभा रही अभिनेत्री के अनुसार, मां बनने के बाद उनके अभिनय का दृष्टिकोण भी पूरी तरह बदल गया है। शो में गुलाब एक सुरक्षा-सचेत मां के रूप में दिखाई देती हैं, जो अपने बेटे नवाब के लिए सदैव चिंतित रहती हैं।

संरक्षण और आजादी के बीच संतुलन

संगीता ने बताया, "शो में दिखाया गया है कि बच्चे की रक्षा करना और उसे आजादी देना इन दोनों के बीच की पतली लकीर कितनी नाजुक होती है। खुद मां होने के नाते मैं इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझती हूं।" गौरतलब है कि बचपन से लेकर किशोरावस्था तक माता-पिता के सामने यह सबसे बड़ी चुनौती होती है कि बच्चों को सुरक्षित रखते हुए उन्हें आत्मनिर्भर भी बनाया जाए।

अन्य अभिनेत्रियों की मां के प्रति श्रद्धा

मदर्स डे के अवसर पर अभिनेत्री स्नेहा वाघ ने भी अपनी मां के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। स्नेहा ने कहा, "बड़े होते हुए मुझे समझ नहीं आता था कि मेरी मां घर संभालने का काम कितनी आसानी से करती हैं। जब मैंने खुद काम करना और घर से बाहर रहना शुरू किया तब जाकर उनकी मेहनत और त्याग को समझ पाई।"

शो में विद्या का किरदार निभाते हुए स्नेहा को अपनी मां की याद बहुत आती है। उन्होंने बताया कि उनकी मां से सीखे गए हर मूल्य और जीवन के सिद्धांत आज भी उनके साथ हैं और उनके व्यक्तित्व का अभिन्न अंग बने हुए हैं।

मां की भूमिका का महत्व

संगीता ने इस मदर्स डे पर सभी उन माताओं को सलाम किया, जो अपने बच्चों को प्यार देते हुए भी उन्हें आजादी देने की हिम्मत रखती हैं। उन्होंने कहा कि यही सबसे साहसी और सच्चा प्यार है। यह दृष्टिकोण आज के समय में विशेष महत्वपूर्ण है, जब माता-पिता को अपने बच्चों के भविष्य के बारे में कई तरह की चिंताएं होती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब कोई सेलिब्रिटी अपनी निजी भावनाओं को साझा करती है, तो वह समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी बन जाता है। संगीता घोष का यह बयान कि मां बनने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई, केवल एक व्यक्तिगत अनुभव नहीं है — यह लाखों माताओं की अनकही भावनाओं को आवाज़ देता है। आज के समय में जब माताओं से उम्मीद की जाती है कि वे करियर, घर और बच्चों के बीच संतुलन बनाएँ, संगीता का यह कहना कि बच्चे की रक्षा और आजादी के बीच संतुलन सबसे नाजुक काम है, सच में प्रासंगिक है। मीडिया के माध्यम से माताओं की भूमिका को सकारात्मक रूप से दिखाना आवश्यक है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संगीता घोष ने अपनी बेटी का क्या नाम रखा है?
संगीता घोष की बेटी का नाम देवी है। संगीता के अनुसार, बेटी को पहली बार गोद में लेना उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी पल रहा है।
मां बनने के बाद संगीता घोष के अभिनय में क्या बदलाव आया?
संगीता ने बताया कि मां बनने के बाद उनके अभिनय का दृष्टिकोण पूरी तरह बदल गया है। शो ' तू जूलियट जट्ट दी ' में गुलाब की भूमिका निभाते समय अब वह मां की भावनाओं को अधिक गहराई से समझती हैं।
संगीता घोष किस टीवी शो में काम कर रही हैं?
संगीता घोष टीवी शो ' तू जूलियट जट्ट दी ' में गुलाब का किरदार निभा रही हैं। शो में गुलाब एक सुरक्षा-सचेत मां के रूप में दिखाई देती हैं, जो अपने बेटे नवाब के लिए हमेशा चिंतित रहती हैं।
स्नेहा वाघ ने अपनी मां के बारे में क्या कहा?
अभिनेत्री स्नेहा वाघ ने कहा कि बड़े होते हुए उन्हें अपनी मां की मेहनत समझ नहीं आती थी। जब उन्होंने खुद काम करना शुरू किया, तब जाकर उन्हें अपनी मां के त्याग और समर्पण की सच्ची समझ आई।
मदर्स डे पर संगीता घोष का संदेश क्या है?
संगीता ने इस मदर्स डे पर सभी उन माताओं को सलाम किया, जो अपने बच्चों को प्यार देते हुए भी उन्हें आजादी देने की हिम्मत रखती हैं। उन्होंने कहा कि यही सबसे साहसी और सच्चा प्यार है।
राष्ट्र प्रेस
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