एकता कपूर ने धर्मेंद्र, जितेंद्र और अक्षय कुमार की सराहना की, कहा- इन्हीं ने इंडस्ट्री को जिंदा रखा
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 6 मई (राष्ट्र प्रेस)। टीवी और फिल्म निर्माता एकता कपूर ने इंस्टाग्राम पर एक सार्थक पोस्ट के माध्यम से हिंदी सिनेमा के स्तंभ माने जाने वाले तीन दिग्गज अभिनेताओं — धर्मेंद्र, अपने पिता जितेंद्र और अक्षय कुमार — की प्रशंसा की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये कलाकार अपनी निरंतर कार्यप्रतिबद्धता के माध्यम से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के आर्थिक और व्यावसायिक ढाँचे को मजबूत बनाए रखते हैं।
अनुशासन और ईमानदारी की तुलना
एकता कपूर ने अपने पोस्ट में जितेंद्र और अक्षय कुमार की एक साथ तस्वीर साझा की, जिसमें दोनों क्रीम-रंग के आउटफिट में एक-दूसरे से बातचीत करते दिख रहे हैं। कैप्शन में उन्होंने लिखा, ''पापा और अक्षय सर की यह तस्वीर मुझे याद दिलाती है कि अनुशासन इंसान को कितना आगे ले जा सकता है। जब भी मैं अक्षय कुमार से बात करती हूं, तो मुझे अपने पिता जितेंद्र की झलक दिखाई देती है। दोनों का काम करने का तरीका, सोच और व्यवहार काफी हद तक एक जैसा है।''
एकता ने आगे कहा कि इन दोनों कलाकारों की सबसे बड़ी खासियत उनका अनुशासन और काम के प्रति ईमानदारी है। ''ये न सिर्फ अपने काम को गंभीरता से लेते हैं, बल्कि निर्माता की सोच और विश्वास का भी पूरा सम्मान करते हैं। यह भरोसा और सम्मान ही फिल्म इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है,'' उन्होंने कहा।
लगातार काम करने का महत्व
एकता कपूर ने एक महत्वपूर्ण बात रेखांकित की कि फिल्म इंडस्ट्री को सिर्फ बड़े और चुनिंदा प्रोजेक्ट्स से नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने कहा, ''अगर कोई कलाकार साल में सिर्फ एक या दो फिल्में करता है, तो उससे इंडस्ट्री का एक हिस्सा ही चलता है। लेकिन जब कलाकार लगातार काम करते हैं, तो इससे छोटे-बड़े सभी निर्माताओं को मौका मिलता है और पूरी इंडस्ट्री को फायदा होता है।''
यह टिप्पणी अक्सर उठाए जाने वाले सवाल का सीधा जवाब है कि अक्षय कुमार एक साल में इतनी ज्यादा फिल्में क्यों करते हैं। एकता के अनुसार, यह दृष्टिकोण न केवल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का परिणाम है, बल्कि इंडस्ट्री के प्रति एक जिम्मेदारी है।
आर्थिक योगदान की स्वीकृति
एकता कपूर ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि इन कलाकारों के आर्थिक योगदान की अक्सर सही तरह से सराहना नहीं होती। उन्होंने कहा, ''ये वही लोग हैं, जिन्होंने अपने काम के जरिए फिल्म इंडस्ट्री के व्यापार को जिंदा रखा है। इनकी मेहनत और निरंतरता ने यह सुनिश्चित किया है कि सिनेमा का कारोबार लगातार चलता रहे।''
गौरतलब है कि हिंदी सिनेमा में धर्मेंद्र, जितेंद्र और अक्षय कुमार तीनों ने अपनी-अपनी पीढ़ियों में न केवल फिल्मों की संख्या के मामले में, बल्कि विविधता और गुणवत्ता के मामले में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह एकता की टिप्पणी इस विरासत को स्वीकार करने का एक प्रयास है।
भविष्य के लिए निहितार्थ
एकता कपूर की यह बात हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है — कि केवल ब्लॉकबस्टर और बड़े बजट की फिल्मों से नहीं, बल्कि लगातार काम करने वाले कलाकारों की प्रतिबद्धता से ही इंडस्ट्री मजबूत रहती है। यह दृष्टिकोण निर्माताओं, वितरकों और छोटे प्रोजेक्ट्स के लिए काम करने वाले कलाकारों को नई उम्मीद दे सकता है।