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फिल्म 'दूसरा' पर रोक से दिल्ली हाई कोर्ट का इनकार, सौरव गांगुली की अर्जी खारिज

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फिल्म 'दूसरा' पर रोक से दिल्ली हाई कोर्ट का इनकार, सौरव गांगुली की अर्जी खारिज

सारांश

दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को झटका देते हुए फिल्म 'दूसरा' की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि 'सुविधा का संतुलन' निर्माताओं के पक्ष में है। अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी — और व्यक्तित्व अधिकारों का यह कानूनी सवाल क्रिकेट-फिल्म जगत के लिए एक बड़ी मिसाल बन सकता है।

मुख्य बातें

दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 अक्टूबर 2026 को सौरव गांगुली की फिल्म 'दूसरा' पर रोक की माँग ठुकरा दी।
जस्टिस दिनेश भट्ट की पीठ ने कहा कि 'सुविधा का संतुलन' फिल्म निर्माताओं के पक्ष में है।
गांगुली का आरोप है कि फिल्म उनके 2002 नेटवेस्ट सीरीज और लॉर्ड्स शर्ट-घटना से जुड़े व्यक्तित्व व व्यावसायिक अधिकारों का उल्लंघन करती है।
निर्माताओं का कहना है कि 'दूसरा' बायोपिक नहीं, बल्कि एक राजस्थानी लड़की की प्रेरणादायक कहानी है और आवश्यक क्लिप अनुमतियाँ पहले ही ली जा चुकी हैं।
लव फिल्म्स एलएलपी , जो गांगुली की आधिकारिक बायोपिक बना रही है, इस मामले में सह-याचिकाकर्ता है।
मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को तय की गई है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 अक्टूबर 2026 को पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली की उस याचिका को अस्वीकार कर दिया, जिसमें उन्होंने फिल्म 'दूसरा' की रिलीज पर रोक लगाने की माँग की थी। कोर्ट ने कहा कि 'सुविधा का संतुलन' (balance of convenience) फिल्म निर्माताओं के पक्ष में है और फिलहाल प्रदर्शन पर कोई स्थगन आदेश नहीं दिया जाएगा।

मामले की पृष्ठभूमि

पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने आरोप लगाया है कि फिल्म में उनके नेतृत्व, 2002 नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल और लॉर्ड्स में शर्ट उतारकर जश्न मनाने की प्रतिष्ठित घटना का उल्लेख करते हुए उनके व्यक्तित्व अधिकारों और व्यावसायिक हितों का उल्लंघन किया गया है। गांगुली के साथ इस मामले में लव फिल्म्स एलएलपी भी सह-याचिकाकर्ता है — यह वही निर्माण कंपनी है जो गांगुली के जीवन पर आधारित एक आधिकारिक बायोपिक बना रही है।

कोर्ट की टिप्पणी

जस्टिस दिनेश भट्ट की पीठ ने सुनवाई के दौरान गांगुली पक्ष से स्पष्ट कहा, 'फिल्म शुक्रवार को रिलीज होने वाली है और पहली नज़र में सुविधा का संतुलन आपके पक्ष में नहीं दिखता। हो सकता है कि आपके कुछ महत्वपूर्ण अधिकार हों, लेकिन फिलहाल हम फिल्म की रिलीज या प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाएंगे।' पीठ ने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार के लिए तय की है।

दोनों पक्षों के तर्क

फिल्म निर्माताओं की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि 'दूसरा' कोई बायोपिक नहीं है — यह एक मध्यमवर्गीय राजस्थानी लड़की की कहानी है, जो गांगुली से जुड़े कुछ खेल कार्यक्रमों से प्रेरणा लेती है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि 2002 नेटवेस्ट वनडे सीरीज की वीडियो क्लिप्स के आधार पर कोई क्रिकेटर 'व्यक्तित्व के अधिकार' का दावा नहीं कर सकता, और इन क्लिप्स के उपयोग के लिए आवश्यक अनुमति पहले ही प्राप्त कर ली गई थी। निर्माताओं ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं ने अब तक फिल्म देखी ही नहीं है और उनकी आपत्तियाँ महज अनुमानों पर टिकी हैं।

दूसरी ओर, गांगुली के वकील ने दलील दी कि फिल्म के निर्माण के लिए न तो गांगुली से कोई लाइसेंस लिया गया और न ही उनकी सहमति ली गई। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म का प्रचार गांगुली के नाम पर किया जा रहा है, जो उनके व्यक्तित्व अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि भारत में सार्वजनिक हस्तियों के 'पर्सनैलिटी राइट्स' से जुड़े मुकदमे हाल के वर्षों में बढ़े हैं। यह ऐसे समय में आया है जब क्रिकेट से जुड़ी फिल्में और बायोपिक्स बड़े व्यावसायिक अवसर बन चुके हैं और कानूनी विवादों की संख्या भी बढ़ रही है। मामले की अगली सुनवाई में तय होगा कि क्या गांगुली के आरोपों में कोई ठोस आधार है या फिल्म बिना किसी अवरोध के चलती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल अदालत के उत्तर का इंतजार कर रहा है। गांगुली की आधिकारिक बायोपिक और 'दूसरा' का एक साथ मैदान में होना बताता है कि क्रिकेट-आधारित आईपी (intellectual property) अब एक बड़ा व्यावसायिक रणभूमि बन चुकी है। अदालत अगर व्यापक पर्सनैलिटी राइट्स को मान्यता देती है, तो यह भविष्य में तमाम स्पोर्ट्स-बायोपिक और डॉक्यूमेंट्री निर्माताओं के लिए कानूनी परिदृश्य बदल देगा।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म 'दूसरा' पर रोक क्यों नहीं लगाई?
जस्टिस दिनेश भट्ट की पीठ ने कहा कि 'सुविधा का संतुलन' फिल्म निर्माताओं के पक्ष में है और पहली नज़र में रिलीज रोकने का आधार नहीं बनता। कोर्ट ने यह भी माना कि याचिकाकर्ताओं ने अभी तक फिल्म नहीं देखी है और उनकी आपत्तियाँ अनुमानों पर आधारित हैं।
सौरव गांगुली ने फिल्म 'दूसरा' पर आपत्ति क्यों जताई?
गांगुली का आरोप है कि फिल्म में उनके नेतृत्व, 2002 नेटवेस्ट सीरीज फाइनल और लॉर्ड्स में शर्ट उतारने की घटना का उल्लेख कर उनके व्यक्तित्व अधिकारों और व्यावसायिक हितों का उल्लंघन किया गया है। उनके वकील का कहना है कि फिल्म के लिए न तो लाइसेंस लिया गया और न ही उनकी सहमति ली गई।
फिल्म 'दूसरा' किस विषय पर आधारित है?
निर्माताओं के अनुसार 'दूसरा' एक मध्यमवर्गीय राजस्थानी लड़की की कहानी है जो गांगुली से जुड़े कुछ खेल कार्यक्रमों से प्रेरणा लेती है। निर्माताओं ने स्पष्ट किया है कि यह फिल्म सौरव गांगुली की बायोपिक नहीं है।
इस मामले में लव फिल्म्स एलएलपी की क्या भूमिका है?
लव फिल्म्स एलएलपी सौरव गांगुली के जीवन पर एक आधिकारिक बायोपिक बना रही है और इस याचिका में सह-वादी है। कंपनी का तर्क है कि 'दूसरा' के प्रदर्शन से उनकी प्रस्तावित बायोपिक की व्यावसायिक संभावनाओं को नुकसान पहुँच सकता है।
इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार के लिए तय की है। उस सुनवाई में गांगुली के व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े कानूनी तर्कों पर विस्तार से सुनवाई होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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