इंदर कुमार: 'घूंघट में चेहरा आपका' से मिली पहचान, 44 साल की उम्र में हुआ दुखद अंत
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता इंदर कुमार को 90 के दशक के रोमांटिक गीत 'घूंघट में चेहरा आपका...' से जो पहचान मिली, वह आज भी दर्शकों के दिलों में ज़िंदा है। 26 अगस्त 1973 को राजस्थान के जयपुर में जन्मे इस अभिनेता ने बॉलीवुड में 20 से अधिक फिल्मों में काम किया, फिर भी उनका सफर अधूरा ही रहा। 27 जुलाई 2026 को उनकी 53वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्र प्रेस उनके जीवन के उन पहलुओं को सामने रख रहा है जो उनकी प्रतिभा और संघर्ष दोनों की गवाही देते हैं।
शुरुआती जीवन और थिएटर से लगाव
इंदर कुमार का जन्म एक राजस्थानी परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा सेंट जेवियर्स हाई स्कूल से प्राप्त की। पढ़ाई के दिनों से ही उनका झुकाव थिएटर की ओर था और अभिनेता बनने का सपना बचपन से पाले हुए थे। उन्होंने अपने गुरु राजू करिया को अपना मेंटर माना, जिन्होंने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने और खुद को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
फिल्मी करियर: उम्मीदें और सीमाएँ
इंदर कुमार ने 1996 में फिल्म 'मासूम' से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद उनकी उल्लेखनीय फिल्मों में 'खिलाड़ियों का खिलाड़ी' (1996), 'घूंघट' (1997), 'कहीं प्यार ना हो जाए' (2000), 'गज गामिनी' (2000), 'माँ तुझे सलाम' (2002) और 'तुमको ना भूल पाएंगे' (2002) शामिल रहीं। उन्होंने कई फिल्मों में सलमान खान के साथ काम किया और दोनों के बीच गहरी दोस्ती भी बताई जाती थी।
यह ऐसे समय में आया जब 90 का दशक बॉलीवुड में रोमांटिक हीरो की माँग का स्वर्णकाल था। बावजूद इसके, इंदर कुमार मुख्यधारा में वह स्थायी पहचान नहीं बना सके जिसकी उनसे अपेक्षा थी।
छोटे पर्दे पर पहचान और वापसी
2002 में उन्होंने एकता कपूर के चर्चित धारावाहिक 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में मिहिर विरानी की भूमिका निभाई। हालाँकि कुछ महीनों बाद उन्होंने यह शो छोड़ दिया और उनकी जगह अभिनेता रोनित रॉय ने संभाली। कुछ वर्षों के अंतराल के बाद 2009 में उन्होंने सलमान खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'वॉन्टेड' से वापसी की, जिसे उनके करियर की पुनः शुरुआत के रूप में देखा गया था।
निजी जीवन के उतार-चढ़ाव
इंदर कुमार ने तीन विवाह किए। 2003 में उन्होंने अपने गुरु राजू करिया की बेटी सोनल करिया से शादी की, लेकिन महज पाँच महीने में यह रिश्ता टूट गया। उस दौरान सोनल अपनी बेटी खुशी के साथ गर्भवती थीं। इसके बाद 2009 में उन्होंने कमलजीत कौर से विवाह किया, जो दो महीने के भीतर समाप्त हो गया। 2013 में पल्लवी सर्राफ से उनका तीसरा विवाह हुआ, जिनसे उनकी बेटी भावना का जन्म हुआ।
विवाद, अवसाद और असमय निधन
2014 में एक 22 वर्षीय युवती ने इंदर कुमार पर दुष्कर्म का आरोप लगाया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। बाद में उन्हें जमानत मिल गई, लेकिन इस विवाद का उनके करियर पर गहरा और दीर्घकालिक असर पड़ा — फिल्मों में काम मिलना लगभग बंद हो गया। कहा जाता है कि करियर की गिरावट और निजी परेशानियों के चलते वे अपने अंतिम दिनों में गहरे तनाव और अवसाद में रहे।
28 जुलाई 2017 को मुंबई स्थित अपने घर में उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया। उस समय उनकी आयु मात्र 44 वर्ष थी। इंदर कुमार का जीवन यह याद दिलाता है कि प्रतिभा और अवसर के बीच की खाई कितनी बार अनकही परिस्थितियों से भर जाती है — और कभी-कभी नहीं भरती।