निम्स दाई को अभिनेता वीरा की भावुक श्रद्धांजलि: 'लेजेंड्स कभी पहाड़ों से विदा नहीं होते'
सारांश
मुख्य बातें
तमिल फिल्मों के जाने-माने अभिनेता वीरा ने विश्वविख्यात पर्वतारोही निर्मल पुर्जा — जिन्हें दुनियाभर में निम्स दाई के नाम से जाना जाता था — के आकस्मिक निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। 30 जुलाई 2026 को पाकिस्तान की ब्रॉड पीक चोटी पर आए भीषण हिमस्खलन में निम्स दाई की जान चली गई, जिससे पर्वतारोहण जगत और उनके लाखों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई।
वीरा का भावुक संदेश
अभिनेता वीरा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज के माध्यम से निम्स दाई को याद करते हुए लिखा, 'आज दुनिया सिर्फ एक पर्वतारोही को खोने का शोक नहीं मना रही है, बल्कि उस इंसान को याद कर रही है जिसने लाखों लोगों को सिखाया कि साहस हमें असंभव से भी आगे ले जा सकता है।'
उन्होंने आगे लिखा, 'निम्स दाई ने सिर्फ चोटियों पर विजय नहीं पाई, बल्कि उन्होंने सपने देखने वालों को उम्मीद दी, पर्वतारोहियों को ताकत दी और पूरी एक पीढ़ी को ऊंचाइयों की ओर देखने के लिए प्रेरित किया। भले ही उनकी यात्रा समाप्त हो गई हो, लेकिन उनकी आत्मा हमेशा हर पर्वत, हर शिखर और हर उस दिल में जीवित रहेगी जिसे उन्होंने प्रेरित किया।' अपने पोस्ट के अंत में वीरा ने लिखा, 'रेस्ट इन पीस, निम्स दाई। लेजेंड्स कभी पहाड़ों से विदा नहीं होते।'
हिमस्खलन का घटनाक्रम
ब्रॉड पीक काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित 8,051 मीटर ऊँचा पर्वत है। निम्स दाई वहाँ एक अभियान का नेतृत्व कर रहे थे जब 30 जुलाई 2026 को उनकी टीम भीषण हिमस्खलन की चपेट में आ गई। इस दुर्घटना में उनकी जान चली गई। यह खबर सामने आते ही पर्वतारोहण समुदाय और उनके वैश्विक प्रशंसकों में गहरा दुख छा गया।
निम्स दाई की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
नेपाल के धौलागिरी क्षेत्र में जन्मे और चितवन में पले-बढ़े निर्मल पुर्जा ने अपने प्रसिद्ध अभियान 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' के तहत दुनिया की सभी 14 आठ-हजारी चोटियों पर चढ़ाई की — और यह उपलब्धि उन्होंने केवल छह महीने से कुछ अधिक समय में हासिल की। इससे पहले यह रिकॉर्ड करीब आठ साल का था, जिसे निम्स दाई ने चकनाचूर कर पूरी दुनिया को चौंका दिया था।
गौरतलब है कि वह एक नए लक्ष्य की ओर अग्रसर थे — दुनिया के सभी 14 आठ-हजारी पर्वतों पर दो बार चढ़ाई करने वाले विश्व के पहले पर्वतारोही बनना। ब्रॉड पीक अभियान इसी सपने की कड़ी था।
पर्वतारोहण जगत पर असर
निम्स दाई का निधन पर्वतारोहण की दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने साबित किया था कि मानवीय इच्छाशक्ति और अदम्य साहस से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। उनकी प्रेरणादायक यात्रा आने वाली पीढ़ियों के पर्वतारोहियों को राह दिखाती रहेगी।