ब्रॉड पीक हिमस्खलन: 4 पर्वतारोहियों की मौत, निम्स दाई निर्मल पुरजा समेत 6 लापता
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान की ब्रॉड पीक पर 30 जुलाई 2026 को आए भीषण हिमस्खलन में 4 पर्वतारोहियों की मौत हो गई और 6 अन्य लापता हो गए। पाकिस्तानी अधिकारियों ने 31 जुलाई को इसकी आधिकारिक पुष्टि की। लापता लोगों में सबसे चर्चित नाम विश्वप्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुरजा 'निम्स दाई' का है, जो इस अभियान का नेतृत्व कर रहे थे।
मृतकों और लापता पर्वतारोहियों की पहचान
अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान (ACP) ने पुष्टि की है कि मृतकों में नेपाल के पुर बहादुर गुरंग 'युक्ता' और ओमान की नधिरा अहमद अब्दुल्ला अल हारथी शामिल हैं। नधिरा का शव बरामद कर हेलीकॉप्टर से स्कर्दू ले जाया जा रहा है, जबकि युक्ता के शव को लाने की व्यवस्था की जा रही है। शेष दो मृतकों की पहचान आधिकारिक जानकारी मिलने पर साझा की जाएगी।
इस अभियान में शामिल पर्वतारोहियों में किली पेम्बा शेरपा 'किलू', निमा शेरपा, नावांग थिन्दु शेरपा, ग्यालु शेरपा, सोहेल साखी (पाकिस्तान), वांग झोंग (चीन) और मैलोरी गेइस (अमेरिका) भी थे।
बचाव अभियान जारी
ACP के अध्यक्ष इरफान अरशद खान ने पुष्टि की कि लापता पर्वतारोहियों की तलाश के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। उन्होंने सभी से ACP के आधिकारिक अपडेट का इंतजार करने की अपील की है।
पाकिस्तान स्थित नेपाली दूतावास की राजदूत रीता धीतल ने ACP अध्यक्ष से मुलाकात कर रेस्क्यू अभियान में तेज़ी लाने का आग्रह किया। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस्लामाबाद स्थित दूतावास पाकिस्तानी अधिकारियों और ACP के साथ लगातार संपर्क में है। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि समय पर बचाव के लिए सभी उपलब्ध संसाधन जुटाए जाएंगे।
निर्मल पुरजा: एक असाधारण पर्वतारोही
लापता अभियान नेता निर्मल पुरजा नेपाल के धौलागिरी में जन्मे और चितवन में पले-बढ़े हैं। वे ब्रिटेन के नागरिक हैं और उन्होंने 16 वर्षों तक सेना में सेवा दी — जिसमें 6 साल ब्रिटिश गोरखा और 10 साल यूके की स्पेशल बोट सर्विस (SBS) शामिल हैं। वे SBS में शामिल होने वाले पहले गोरखा थे।
पुरजा ने 2012 में पर्वतारोहण शुरू किया। 2018 में उन्होंने मात्र 5 दिनों में एवरेस्ट, ल्होत्से और मकालू फतह कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। 2019 में 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' के तहत उन्होंने केवल 6 महीनों में दुनिया की सभी 14 आठ-हज़ारी चोटियाँ फतह कर इतिहास रच दिया — पिछला रिकॉर्ड लगभग 8 साल का था।
हादसे से पहले पुरजा का संदेश
हादसे से कुछ दिन पहले 27 जुलाई को पुरजा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था कि ब्रॉड पीक उनका शुरुआती लक्ष्य नहीं था, लेकिन यदि वे इसे फतह कर लेते तो वे बिना ऑक्सीजन के 14 आठ-हज़ारी चोटियाँ दो बार चढ़ने वाले दुनिया के पहले पर्वतारोही बन जाते। उन्होंने लिखा था, 'मेरा मुकाबला किसी और से नहीं था। मेरा संघर्ष सिर्फ कल वाले खुद से था। हर दिन अपनी सीमा तोड़ने की कोशिश।'
गौरतलब है कि कराकोरम रेंज में स्थित 8,047 मीटर ऊंची ब्रॉड पीक दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में से एक है और यहाँ हिमस्खलन का खतरा अत्यधिक रहता है। बचाव दल के प्रयास जारी हैं और आने वाले घंटों में स्थिति अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।