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ब्रॉड पीक हिमस्खलन: निर्मल पुर्जा समेत सभी 10 पर्वतारोहियों की मौत, दो के शव बरामद

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ब्रॉड पीक हिमस्खलन: निर्मल पुर्जा समेत सभी 10 पर्वतारोहियों की मौत, दो के शव बरामद

सारांश

ब्रॉड पीक पर 30 जुलाई को आए हिमस्खलन ने पर्वतारोहण जगत को झकझोर दिया — निर्मल पुर्जा 'निम्स दाई' समेत 10 सदस्यीय दल की मौत हो गई। 6,600 मीटर की ऊँचाई पर घटी इस त्रासदी में दो के शव मिले हैं, बाकी की तलाश जारी है।

मुख्य बातें

30 जुलाई 2026 को ब्रॉड पीक पर 6,600 मीटर की ऊँचाई पर हिमस्खलन में 10 पर्वतारोहियों की मौत हुई।
मृतकों में विश्वप्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा 'निम्स दाई' और पाँच नेपाली पर्वतारोही शामिल हैं।
पुर बहादुर गुरुंग 'युक्ता' और ग्यालु शेरपा के शव बरामद; शेष की तलाश जारी।
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने 2 अगस्त 2026 को आधिकारिक बयान जारी कर सभी की मृत्यु की पुष्टि की।
इस्लामाबाद स्थित नेपाली दूतावास शवों को स्वदेश लाने की प्रक्रिया में जुटा है।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने फेसबुक पर श्रद्धांजलि दी।

ब्रॉड पीक (पाकिस्तान) पर 30 जुलाई 2026 को 6,600 मीटर की ऊँचाई पर आए एक भीषण हिमस्खलन ने विश्वप्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा 'निम्स दाई' समेत 10 सदस्यीय दल को निगल लिया। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने 2 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि दल के सभी सदस्यों की मृत्यु हो गई है और अब तक दो पर्वतारोहियों के शव बरामद किए जा चुके हैं।

हादसे का घटनाक्रम

दुनिया की 12वीं सबसे ऊँची चोटी ब्रॉड पीक पर चढ़ाई के दौरान यह त्रासदी कैंप-2 से कैंप-3 के बीच के रास्ते में घटी। 43 वर्षीय निर्मल पुर्जा एक अंतरराष्ट्रीय दल का नेतृत्व कर रहे थे, जब गुरुवार दोपहर हिमस्खलन आया। एडवेंचर ग्रुप एलीट एक्सपेड ने पुष्टि की कि हादसे के तुरंत बाद दल के सभी 10 सदस्यों से संपर्क टूट गया।

किन पर्वतारोहियों की हुई मौत

नेपाल के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, मृतकों में प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा 'निम्स दाई' के साथ-साथ नेपाली पर्वतारोही — पुर बहादुर गुरुंग 'युक्ता', किली पेम्बा शेरपा 'किलु', निमा शेरपा, नवांग थिंडू शेरपा और ग्यालु शेरपा — तथा अंतरराष्ट्रीय दल के अन्य सदस्य शामिल हैं। मंत्रालय ने इसे पर्वतारोहण जगत के लिए 'अपूरणीय क्षति' बताया।

शव बरामदगी और खोज अभियान

अब तक पुर बहादुर गुरुंग 'युक्ता' और ग्यालु शेरपा के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि शेष सदस्यों की तलाश जारी है। इस्लामाबाद स्थित नेपाली दूतावास शवों को स्वदेश लाने की प्रक्रिया में जुटा है। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने खोज एवं बचाव अभियान में सहयोग के लिए पाकिस्तानी एजेंसियों की सराहना की और कहा, 'हम ऊँचे हिमालयी क्षेत्र में मुश्किल खोज अभियान चलाने में शामिल पाकिस्तानी और नेपाली पर्वतारोहण टीमों की बहादुरी की सराहना करते हैं।'

राजनीतिक प्रतिक्रिया और श्रद्धांजलि

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने पुर्जा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, 'पहाड़ कई पर्वतारोहियों को अपनी चोटियों तक पहुँचने का गौरव देते हैं, लेकिन कभी-कभी वे उन्हें हमेशा के लिए गले भी लगा लेते हैं। फिर भी पर्वतारोही अपनी हिम्मत और लगन से इतिहास में अमर रहते हैं।' नेपाल सरकार के विदेश मंत्रालय ने शोकसंतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

पर्वतारोहण जगत पर असर

निर्मल पुर्जा पर्वतारोहण की दुनिया में एक असाधारण नाम थे — उन्होंने विश्व के सभी 14 आठ-हज़ारी शिखरों पर रिकॉर्ड समय में चढ़ाई कर इतिहास रचा था। उनके साथ गए शेरपा और अंतरराष्ट्रीय दल के सदस्य भी अनुभवी पर्वतारोही थे। यह हादसा ऐसे समय में आया है जब उच्च-हिमालयी अभियानों में जोखिम और जलवायु परिवर्तन के चलते बढ़ते हिमस्खलन को लेकर पर्वतारोहण समुदाय में गंभीर चिंता बढ़ रही है। खोज अभियान अभी जारी है और शेष सदस्यों के बारे में ताज़ा जानकारी की प्रतीक्षा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी हिमस्खलन ने 10 अनुभवी पर्वतारोहियों को एक साथ निगल लिया। यह सवाल उठना लाज़मी है कि क्या व्यावसायिक अभियानों के लिए जोखिम आकलन के मौजूदा मानक पर्याप्त हैं, जब ग्लेशियर तेज़ी से अस्थिर हो रहे हैं। पर्वतारोहण नियामक निकायों को इस दिशा में गंभीर पुनर्विचार करना होगा।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रॉड पीक हिमस्खलन में कितने पर्वतारोहियों की मौत हुई?
30 जुलाई 2026 को ब्रॉड पीक पर 6,600 मीटर की ऊँचाई पर आए हिमस्खलन में 10 पर्वतारोहियों की मौत हुई। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने 2 अगस्त को आधिकारिक बयान में सभी की मृत्यु की पुष्टि की।
निर्मल पुर्जा 'निम्स दाई' कौन थे?
निर्मल पुर्जा 43 वर्षीय विश्वप्रसिद्ध नेपाली पर्वतारोही थे, जिन्होंने दुनिया के सभी 14 आठ-हज़ारी शिखरों पर रिकॉर्ड समय में चढ़ाई कर इतिहास रचा था। वे एलीट एक्सपेड अभियान दल का नेतृत्व कर रहे थे जब हिमस्खलन आया।
हादसे में किन नेपाली पर्वतारोहियों की मौत हुई?
मृत नेपाली पर्वतारोहियों में पुर बहादुर गुरुंग 'युक्ता', किली पेम्बा शेरपा 'किलु', निमा शेरपा, नवांग थिंडू शेरपा और ग्यालु शेरपा शामिल हैं। इनके अलावा अंतरराष्ट्रीय दल के अन्य सदस्य भी इस हादसे में मारे गए।
क्या सभी पर्वतारोहियों के शव मिल गए हैं?
अभी तक केवल दो पर्वतारोहियों — पुर बहादुर गुरुंग 'युक्ता' और ग्यालु शेरपा — के शव बरामद हुए हैं। शेष सदस्यों की तलाश के लिए पाकिस्तानी और नेपाली पर्वतारोहण टीमें संयुक्त खोज अभियान चला रही हैं।
शवों को नेपाल कैसे वापस लाया जाएगा?
इस्लामाबाद स्थित नेपाली दूतावास नेपाली पर्वतारोहियों के शवों को स्वदेश लाने के लिए आवश्यक इंतज़ाम कर रहा है। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस प्रक्रिया की निगरानी की पुष्टि की है।
राष्ट्र प्रेस
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