ब्रॉड पीक हिमस्खलन: निर्मल पुर्जा समेत 5 पर्वतारोहियों के पार्थिव शरीर स्कार्दू एयरलिफ्ट, 2 अभी भी लापता
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर 30 जुलाई को आए विनाशकारी हिमस्खलन में मारे गए विश्वप्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (जिन्हें 'निम्स दाई' के नाम से भी जाना जाता है) समेत 5 पर्वतारोहियों के पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से स्कार्दू सीएमएच हॉस्पिटल पहुँचाए गए हैं। एल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान (ACP) ने 6 अगस्त को इस बात की आधिकारिक पुष्टि की।
रिकवरी ऑपरेशन का विवरण
एल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'ब्रॉड पीक पर सबसे मुश्किल रिकवरी ऑपरेशन के बाद, एल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान निर्मल पुर्जा, वांग झोंग, नीमा शेरपा, ग्यालू शेरपा और किल्ली पेम्बा 'किलू' शेरपा के शवों को हेलीकॉप्टर से स्कार्दू सीएमएच हॉस्पिटल पहुँचाने की पुष्टि करता है।' बयान में आगे कहा गया कि जरूरी प्रक्रिया और दस्तावेज़ीकरण के बाद पार्थिव शरीरों को इस्लामाबाद स्थानांतरित किया जाएगा और उनके संबंधित देशों में वापस भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
ACP के महासचिव अयाज शिगरी ने बताया कि कुल 7 शव बरामद कर लिए गए हैं और उन्हें एयरलिफ्ट करके स्कार्दू पहुँचाया गया है। सर्च ऑपरेशन आठवें दिन भी जारी रहा।
अभी भी लापता हैं दो पर्वतारोही
पाकिस्तानी पर्वतारोही सोहेल साखी और अमेरिकी पर्वतारोही सारा मैलोरी गीस अभी भी लापता हैं। ACP की सदस्य नैला कियानी ने बताया कि नवांग थिंडू शेरपा का शव देखा गया था, लेकिन अत्यधिक ऊँचाई और कठिन इलाके के कारण उसे बरामद नहीं किया जा सका। यह त्रासदी 6,600 मीटर की ऊँचाई पर — कैंप-2 और कैंप-3 के बीच — घटी थी।
निर्मल पुर्जा: एक असाधारण पर्वतारोही की विरासत
43 वर्षीय निर्मल पुर्जा पूर्व ब्रिटिश गोरखा सैनिक थे, जो 2019 में अपने 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' के तहत दुनिया की सभी 14 आठ-हजारी चोटियों पर महज 6 महीने 6 दिन में चढ़कर विश्वविख्यात हुए थे — इस उपलब्धि ने लगभग 8 साल पुराना पिछला रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया था। इस बार वे ब्रॉड पीक पर चढ़कर इतिहास में सभी 14 आठ-हजारी चोटियों पर दो बार चढ़ने वाले पहले पर्वतारोही बनने का लक्ष्य लेकर निकले थे। 10 सदस्यों के दल के नेतृत्व में निकला यह अभियान दुखद रूप से उनकी अंतिम यात्रा बन गई।
परिवारों की मदद के लिए फंड रेजिंग
पुर्जा द्वारा स्थापित चैरिटी संस्था निम्सदाई फाउंडेशन ने इस आपदा में जान गंवाने वाले माउंटेन गाइड्स के परिजनों की आर्थिक सहायता के लिए 'ब्रॉड पीक गाइड्स फैमिली सपोर्ट फंड' के नाम से वैश्विक स्तर पर फंड रेजिंग अभियान शुरू किया है। यह कदम उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोया है।
आगे क्या होगा
पार्थिव शरीरों को इस्लामाबाद लाने के बाद औपचारिक दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया पूरी की जाएगी और फिर उन्हें उनके मूल देशों — नेपाल, चीन और अन्य — को सौंपा जाएगा। लापता पर्वतारोहियों की तलाश का अभियान जारी है, हालाँकि ऊँचाई और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियाँ बचाव दल के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।