दीपिका पादुकोण से लिफ्ट में हुई थी पहली मुलाकात, निर्देशक इंद्रजीत लंकेश ने सुनाया अनसुना किस्सा
सारांश
मुख्य बातें
निर्देशक इंद्रजीत लंकेश इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'जय हिंद जय सिंध' की चर्चा के बीच सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने एक बातचीत में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के सिनेमाई सफर की शुरुआत से जुड़ा एक दिलचस्प और अनसुना किस्सा साझा किया — जब दोनों की पहली मुलाकात एक लिफ्ट में हुई थी और महज दो पंक्तियों की कहानी सुनकर दीपिका ने फिल्म के लिए हाँ कह दी थी।
लिफ्ट में कहानी, और तुरंत मिली हाँ
लंकेश ने बताया कि वे अपनी कन्नड़ फिल्म 'ऐश्वर्या' के लिए एक बिल्कुल नए चेहरे की तलाश में थे। किसी परिचित ने उन्हें दीपिका पादुकोण का नाम सुझाया। जब वे उनसे मिलने पहुँचे तो पहली मुलाकात लिफ्ट में हुई। उन्होंने कहा, 'मैं कहानी की सिर्फ दो लाइन्स ही बता पाया था कि दीपिका ने तुरंत फिल्म के लिए हाँ कर दिया।'
निर्देशक के अनुसार उसी क्षण उन्होंने तय कर लिया था कि दीपिका ही उनकी फिल्म की मुख्य अभिनेत्री होंगी।
पहली नज़र में दिखी थी स्टार क्वालिटी
इंद्रजीत लंकेश ने बताया कि पहली ही मुलाकात में उन्हें दीपिका में वे खूबियाँ दिखीं जो किसी बड़े कलाकार में होती हैं — प्रभावशाली व्यक्तित्व, कैमरे के सामने आत्मविश्वास से भरी उपस्थिति और खुद को साबित करने की दृढ़ इच्छाशक्ति। उन्होंने कहा, 'दीपिका पहले से ही आत्मविश्वास से भरी हुई थीं। उन्हें केवल एक ऐसा माहौल चाहिए था जहाँ वे बिना किसी डर और दबाव के अपना बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें।'
लंकेश ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने उसी वक्त दीपिका से कहा था कि एक दिन वे हॉलीवुड में भी काम करेंगी। बरसों बाद जब दीपिका ने अभिनेता विन डीज़ल के साथ हॉलीवुड फिल्म में काम किया, तब निर्देशक को अपनी वह बात याद आई।
'ऐश्वर्या' पहले आई, 'ओम शांति ओम' बाद में
लंकेश ने एक आम भ्रांति को भी दूर किया। उनके अनुसार, कई लोग मानते हैं कि दीपिका ने कन्नड़ फिल्म 'ऐश्वर्या' और हिंदी फिल्म 'ओम शांति ओम' पर एक साथ काम किया, लेकिन ऐसा नहीं था। पहले 'ऐश्वर्या' की शूटिंग पूरी हुई और फिल्म सिनेमाघरों में 100 दिन तक सफलतापूर्वक चली। इसके बाद ही शाहरुख खान ने दीपिका को 'ओम शांति ओम' के लिए चुना।
फिल्म 'ऐश्वर्या' की पृष्ठभूमि
कन्नड़ भाषा की रोमांटिक फिल्म 'ऐश्वर्या' 2006 में रिलीज हुई थी, जिसका निर्देशन इंद्रजीत लंकेश ने किया था। इस फिल्म में उपेंद्र, दीपिका पादुकोण और डेजी बोपन्ना मुख्य भूमिकाओं में थे। यही वह फिल्म थी जिसने दीपिका को उनका पहला बड़ा सिनेमाई मंच दिया।
अब जब इंद्रजीत लंकेश अपनी नई फिल्म 'जय हिंद जय सिंध' के साथ वापसी कर रहे हैं, यह किस्सा दीपिका के संघर्ष और उनकी स्टारडम की यात्रा को नए सिरे से रेखांकित करता है।