31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दीपिका कुमारी: चार ओलंपिक में भाग लेने वाली भारत की एकमात्र तीरंदाज, 2028 में पदक का लक्ष्य

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दीपिका कुमारी: चार ओलंपिक में भाग लेने वाली भारत की एकमात्र तीरंदाज, 2028 में पदक का लक्ष्य

सारांश

बांस के धनुष से शुरू हुई दीपिका कुमारी की कहानी चार ओलंपिक तक पहुँची — और अभी खत्म नहीं हुई। रांची की इस बेटी की नज़र अब 2028 लॉस एंजेलेस पर है, जहाँ वह पाँचवें ओलंपिक में वह पदक जीतना चाहती हैं जो अब तक उनसे दूर रहा है।

मुख्य बातें

दीपिका कुमारी चार ओलंपिक में भाग लेने वाली भारत की एकमात्र तीरंदाज हैं।
जन्म 13 जून 1994 , रांची, झारखंड ; बचपन में बांस के धनुष से अभ्यास।
2012 में तुर्की विश्व कप में स्वर्ण जीतकर बनीं दुनिया की नंबर-1 महिला रिकर्व तीरंदाज।
उपलब्धियाँ: 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में दो स्वर्ण , एशियाई खेलों में कांस्य, विश्व चैंपियनशिप में रजत।
सम्मान: 2012 अर्जुन पुरस्कार , 2016 पद्मश्री ।
साथी तीरंदाज अतनु दास से 2020 में विवाह; 2022 में बेटी वेदिका का जन्म; अब 2028 ओलंपिक पदक पर नज़र।

भारतीय तीरंदाजी की सबसे चमकदार पहचान दीपिका कुमारी ने वह मुकाम हासिल किया है जो देश में आज तक किसी अन्य तीरंदाज को नसीब नहीं हुआ — चार ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व। झारखंड की इस बेटी की यात्रा बांस के धनुष से शुरू होकर विश्व रैंकिंग की शीर्ष पायदान तक पहुँची है, और अब उनकी नज़र 2028 लॉस एंजेलेस ओलंपिक में ओलंपिक पदक जीतने पर टिकी है।

संघर्ष से शुरू हुई कहानी

13 जून 1994 को रांची, झारखंड में जन्मी दीपिका का बचपन आर्थिक कठिनाइयों के साये में बीता। उनके पिता ऑटो रिक्शा चलाकर परिवार का गुज़ारा करते थे, और तीरंदाजी जैसे महँगे खेल के उपकरण खरीदना परिवार की पहुँच से बाहर था। बचपन में दीपिका बांस से बने अस्थायी धनुष-बाण से ही निशाना साधती थीं।

उनकी प्रेरणा बनीं उनकी कजिन बहन विद्या कुमारी, जो टाटा आर्चरी अकादमी में प्रशिक्षण ले रही थीं। विद्या को देखकर ही दीपिका के मन में तीरंदाज बनने की चाह जगी। बाद में उन्हें भी टाटा आर्चरी अकादमी में प्रवेश मिला, जहाँ उचित प्रशिक्षण और संसाधनों ने उनकी प्रतिभा को नई ऊँचाई दी।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर उभरीं

2009 में दीपिका ने कैडेट विश्व चैंपियनशिप और युवा विश्व चैंपियनशिप जीतकर पहली बार वैश्विक स्तर पर अपनी धाक जमाई। इसके बाद 2012 में तुर्की में आयोजित विश्व कप के रिकर्व वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर वह दुनिया की नंबर-1 महिला रिकर्व तीरंदाज बन गईं — यह उपलब्धि उन्हें भारतीय खेल इतिहास में अमर करती है।

उनकी प्रमुख उपलब्धियों में 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में दो स्वर्ण पदक, एशियाई खेलों का कांस्य पदक, विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक और कई विश्व कप पदक शामिल हैं। यह उपलब्धियाँ उन्हें भारतीय तीरंदाजी की सबसे सम्पन्न खिलाड़ी बनाती हैं।

चार ओलंपिक — एक अनोखा रिकॉर्ड

दीपिका चार ओलंपिक में भाग लेने वाली भारत की इकलौती तीरंदाज हैं। हालाँकि वह अब तक ओलंपिक पदक जीतने में सफल नहीं हो सकी हैं, लेकिन क्वार्टरफाइनल तक पहुँचकर उन्होंने बार-बार अपनी विश्वस्तरीय क्षमता का परिचय दिया है। यह ऐसे समय में और भी महत्त्वपूर्ण है जब भारतीय तीरंदाजी टीम ओलंपिक पदक के लिए दशकों से संघर्ष कर रही है।

सम्मान और व्यक्तिगत जीवन

तीरंदाजी में उत्कृष्ट योगदान के लिए दीपिका को 2012 में प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार और 2016 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। 2020 में उन्होंने साथी तीरंदाज अतनु दास से विवाह किया। 2022 में वह माँ बनीं और उन्होंने अपनी बेटी का नाम वेदिका रखा।

आगे क्या

मातृत्व के बाद मैदान में वापसी कर चुकीं दीपिका फिलहाल तीरंदाजी में पूरी तरह सक्रिय हैं। उनका स्पष्ट लक्ष्य 2028 लॉस एंजेलेस ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है। गौरतलब है कि यह उनका पाँचवाँ ओलंपिक होगा, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

विश्व नंबर-1 रैंकिंग, पद्मश्री — और फिर भी ओलंपिक पदक का इंतज़ार। सवाल यह है कि क्या भारतीय तीरंदाजी का ढाँचा — चयन प्रक्रिया, मानसिक प्रशिक्षण, और उपकरण समर्थन — किसी एक खिलाड़ी की प्रतिभा पर अत्यधिक निर्भर है? 2028 दीपिका के लिए आखिरी मौका भी हो सकता है, और यह भारतीय खेल नीति के लिए भी उतनी ही बड़ी परीक्षा होगी।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपिका कुमारी ने कितने ओलंपिक में भाग लिया है?
दीपिका कुमारी ने अब तक चार ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, जो उन्हें देश की एकमात्र ऐसी तीरंदाज बनाता है। वह हर बार क्वार्टरफाइनल तक पहुँचीं लेकिन ओलंपिक पदक अभी तक नहीं जीत सकी हैं।
दीपिका कुमारी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
दीपिका कुमारी का जन्म 13 जून 1994 को झारखंड की राजधानी रांची में हुआ था। वह एक साधारण परिवार से हैं जहाँ उनके पिता ऑटो रिक्शा चलाते थे।
दीपिका कुमारी को कौन-कौन से राष्ट्रीय सम्मान मिले हैं?
दीपिका कुमारी को 2012 में अर्जुन पुरस्कार और 2016 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। ये भारत के प्रतिष्ठित खेल और नागरिक सम्मान हैं।
दीपिका कुमारी की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ क्या हैं?
दीपिका ने 2009 में कैडेट और युवा विश्व चैंपियनशिप, 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में दो स्वर्ण पदक, एशियाई खेलों में कांस्य और विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीते हैं। 2012 में तुर्की विश्व कप में स्वर्ण जीतकर वह दुनिया की नंबर-1 महिला रिकर्व तीरंदाज बनीं।
दीपिका कुमारी का 2028 ओलंपिक को लेकर क्या लक्ष्य है?
दीपिका कुमारी 2028 लॉस एंजेलेस ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ सक्रिय अभ्यास में जुटी हैं। यह उनका पाँचवाँ ओलंपिक होगा, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले