ईशा सिंह का खुलासा: पहला शो बीच में छोड़ भोपाल लौट गई थीं, अब 'ऑब्सेस' पर फोकस
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री ईशा सिंह ने अपने करियर के शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए बताया कि मनोरंजन उद्योग की चुनौतियों से परेशान होकर उन्होंने अपना पहला शो बीच में ही छोड़ दिया था और भोपाल स्थित अपने घर वापस लौट गई थीं। यह खुलासा उन्होंने मुंबई में हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में किया।
संघर्ष के वे कठिन दिन
ईशा ने बताया, 'मेरा शुरुआती दौर यकीनन बहुत मुश्किलों भरा था। एक वक्त तो ऐसा भी था, जब परेशान होकर मैंने अपना पहला शो बीच में ही छोड़ दिया था और वापस अपने घर भोपाल चली गई थी, लेकिन मेरा मानना है कि भगवान ने मेरे लिए कुछ और ही सोच रखा था। उनकी कृपा और मेरी मेहनत की वजह से ही आज मैं इस मुकाम पर खड़ी हूं।' यह बयान उन तमाम युवा कलाकारों के लिए प्रेरणास्पद है जो इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की कोशिश में हैं।
आउटसाइडर जैसा कभी नहीं लगा
ईशा ने स्पष्ट किया कि इंडस्ट्री में उन्हें अच्छे लोगों का साथ मिला और कभी बाहरी होने का एहसास नहीं हुआ। उनके शब्दों में, 'मुझे यहां पर बहुत अच्छे लोग मिले, जिन्होंने कभी यह एहसास होने नहीं दिया कि मैं बाहर से आई हूं। हां, शुरुआत में कुछ मुश्किलें आईं क्योंकि मैं बिल्कुल नई थी और काम सीख रही थी, लेकिन तब से लेकर अब तक मैंने एक लंबा सफर तय किया है।' उन्होंने दर्शकों के प्यार के प्रति आभार भी जताया।
ट्रोलिंग से कैसे निपटती हैं ईशा
बिग बॉस और कई म्यूजिक वीडियोज में नज़र आ चुकीं ईशा ने बताया कि रियलिटी शो के दौरान ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने इससे उबरना सीख लिया है। उन्होंने कहा, 'रियलिटी शोज आपको जनता के सामने एक खुली किताब की तरह रख देते हैं। लोग लगातार आपकी आलोचना करते हैं, लेकिन अब मैंने सीख लिया है कि इन नकारात्मक बातों का खुद पर असर न होने दूं। आज मैं मानसिक और भावनात्मक, दोनों ही स्तर पर पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुकी हूं।' यह बदलाव उनके व्यक्तित्व की परिपक्वता को दर्शाता है।
आगामी प्रोजेक्ट्स पर क्या बोलीं
कथित तौर पर एक ऑटिस्टिक किरदार निभाने की खबरों पर ईशा ने सीधा जवाब देने से परहेज किया और कहा, 'यह एक बहुत ही खूबसूरत प्रोजेक्ट है और सही समय आने पर मैं इसके बारे में जरूर बात करूंगी।' फिलहाल उनका पूरा ध्यान आगामी फिल्म 'ऑब्सेस' पर केंद्रित है, जिसे उन्होंने 'इमोशनल और बेहद प्रभावशाली' बताया और दर्शकों से सिनेमाघरों में देखने की अपील की। ईशा का यह सफर — भोपाल से मुंबई तक — बताता है कि दृढ़ता और सही परिवेश मिले तो मुश्किलें भी रास्ता बन जाती हैं।