जैकी श्रॉफ का जेनज़ी कनेक्शन: 'उम्र नहीं, इंसानियत देखता हूं' — 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' से पहले खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने 80 और 90 के दशक में थे — और इसकी वजह सिर्फ उनकी फिल्में नहीं, बल्कि उनका वह नज़रिया है जो हर पीढ़ी को अपना लगता है। अपनी आने वाली फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' के प्रमोशन के दौरान 22 मई को मुंबई में दिए एक इंटरव्यू में जैकी ने बताया कि नई पीढ़ी से उनका जुड़ाव किसी ट्रेंड का नतीजा नहीं, बल्कि एक सोच का प्रतिफल है।
इंसानियत को उम्र से ऊपर रखना
जब उनसे पूछा गया कि जेनज़ी उनसे इतना जुड़ाव क्यों महसूस करती है, तो जैकी श्रॉफ ने सीधे जवाब दिया — 'मैं खुद को हर इंसान के लिए खुला रखता हूं। मैं कभी किसी इंसान को उसकी उम्र के आधार पर नहीं आंकता। मेरे लिए कोई व्यक्ति 80 साल का हो या 8 साल का बच्चा, सब बराबर हैं। मैं हर किसी से उसी अपनापन और सम्मान के साथ मिलता हूं।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'मैं लोगों की बातें ध्यान से सुनता हूं और अपनी जिंदगी के अनुभव भी साझा करता हूं। रिश्ते तभी मजबूत होते हैं, जब इंसान अपने मन को खुला रखे। किसी की उम्र नहीं, बल्कि उसकी इंसानियत और सोच मायने रखती है।'
सीखने की ललक — हर उम्र में
जैकी श्रॉफ ने यह भी कहा कि वे खुद को कभी किसी से बड़ा या ज़्यादा समझदार नहीं मानते। उनके शब्दों में, 'हर इंसान के पास सीखने के लिए कुछ न कुछ जरूर होता है। मेरी लोगों को सलाह है कि दूसरों को खुले दिल से अपनाओ और हर किसी का सम्मान करो।' यह विनम्रता ही उन्हें भीड़ से अलग करती है — एक ऐसे दौर में जब सेलिब्रिटी कल्चर अक्सर दूरी बनाता है।
'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' — एक अनोखा कॉन्सेप्ट
फिल्म के बारे में बात करते हुए जैकी श्रॉफ ने बताया कि इस किरदार ने उन्हें खास तौर पर आकर्षित किया। उन्होंने कहा, 'फिल्म में मैं एक ऐसे दादाजी की भूमिका निभा रहा हूं, जो अपने पोते के साथ दोस्त जैसा रिश्ता रखते हैं।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि असल जिंदगी में भी वे बच्चों से बिल्कुल दोस्त की तरह बात करते हैं और किसी तरह का जेनरेशन गैप महसूस नहीं करते।
फिल्म को चुनने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, 'हिंदी सिनेमा में इससे पहले सुपरहीरो दादाजी जैसा कॉन्सेप्ट देखने को नहीं मिला था। यही नई सोच मुझे फिल्म की ओर खींच लाई।' गौरतलब है कि हिंदी सुपरहीरो फिल्मों की परंपरा में यह एक ताज़ा और अलग प्रयोग है।
दादा-पोते का रिश्ता — फिल्म की असली ताकत
जैकी श्रॉफ ने खास तौर पर दादा और पोते के रिश्ते को फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बताया। उनका कहना था कि आज के दौर में जहां लोग पीढ़ियों के बीच दूरी की बात करते हैं, वहीं यह फिल्म दिखाती है कि प्यार, दोस्ती और अपनापन हर उम्र की दीवार को तोड़ सकता है।
फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' 29 मई को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है — और जैकी श्रॉफ की यह 'इंसानियत-पहले' सोच शायद इसे सिर्फ एक सुपरहीरो फिल्म से कहीं ज़्यादा बना दे।