8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जैकी श्रॉफ का जेनज़ी कनेक्शन: 'उम्र नहीं, इंसानियत देखता हूं' — 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' से पहले खुलासा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जैकी श्रॉफ का जेनज़ी कनेक्शन: 'उम्र नहीं, इंसानियत देखता हूं' — 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' से पहले खुलासा

सारांश

जैकी श्रॉफ की जेनज़ी में लोकप्रियता का राज़ उनकी फिल्में नहीं, उनकी सोच है — 'उम्र नहीं, इंसानियत देखता हूं।' '29 मई' को रिलीज़ 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' में वे एक ऐसे दादा बने हैं जो पोते के सबसे अच्छे दोस्त हैं — और यही असल ज़िंदगी में भी उनका अंदाज़ है।

मुख्य बातें

जैकी श्रॉफ ने 22 मई को मुंबई में दिए इंटरव्यू में जेनज़ी से अपने जुड़ाव की वजह साझा की।
उन्होंने कहा — 'मैं उम्र नहीं, इंसानियत देखता हूं' — और 80 साल के बुज़ुर्ग से 8 साल के बच्चे तक सबको बराबर मानते हैं।
फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' में वे एक सुपरहीरो दादाजी की भूमिका में हैं — हिंदी सिनेमा में यह अनोखा कॉन्सेप्ट है।
फिल्म 29 मई को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।
जैकी ने दादा-पोते के रिश्ते को फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बताया।

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने 80 और 90 के दशक में थे — और इसकी वजह सिर्फ उनकी फिल्में नहीं, बल्कि उनका वह नज़रिया है जो हर पीढ़ी को अपना लगता है। अपनी आने वाली फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' के प्रमोशन के दौरान 22 मई को मुंबई में दिए एक इंटरव्यू में जैकी ने बताया कि नई पीढ़ी से उनका जुड़ाव किसी ट्रेंड का नतीजा नहीं, बल्कि एक सोच का प्रतिफल है।

इंसानियत को उम्र से ऊपर रखना

जब उनसे पूछा गया कि जेनज़ी उनसे इतना जुड़ाव क्यों महसूस करती है, तो जैकी श्रॉफ ने सीधे जवाब दिया — 'मैं खुद को हर इंसान के लिए खुला रखता हूं। मैं कभी किसी इंसान को उसकी उम्र के आधार पर नहीं आंकता। मेरे लिए कोई व्यक्ति 80 साल का हो या 8 साल का बच्चा, सब बराबर हैं। मैं हर किसी से उसी अपनापन और सम्मान के साथ मिलता हूं।'

उन्होंने आगे जोड़ा, 'मैं लोगों की बातें ध्यान से सुनता हूं और अपनी जिंदगी के अनुभव भी साझा करता हूं। रिश्ते तभी मजबूत होते हैं, जब इंसान अपने मन को खुला रखे। किसी की उम्र नहीं, बल्कि उसकी इंसानियत और सोच मायने रखती है।'

सीखने की ललक — हर उम्र में

जैकी श्रॉफ ने यह भी कहा कि वे खुद को कभी किसी से बड़ा या ज़्यादा समझदार नहीं मानते। उनके शब्दों में, 'हर इंसान के पास सीखने के लिए कुछ न कुछ जरूर होता है। मेरी लोगों को सलाह है कि दूसरों को खुले दिल से अपनाओ और हर किसी का सम्मान करो।' यह विनम्रता ही उन्हें भीड़ से अलग करती है — एक ऐसे दौर में जब सेलिब्रिटी कल्चर अक्सर दूरी बनाता है।

'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' — एक अनोखा कॉन्सेप्ट

फिल्म के बारे में बात करते हुए जैकी श्रॉफ ने बताया कि इस किरदार ने उन्हें खास तौर पर आकर्षित किया। उन्होंने कहा, 'फिल्म में मैं एक ऐसे दादाजी की भूमिका निभा रहा हूं, जो अपने पोते के साथ दोस्त जैसा रिश्ता रखते हैं।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि असल जिंदगी में भी वे बच्चों से बिल्कुल दोस्त की तरह बात करते हैं और किसी तरह का जेनरेशन गैप महसूस नहीं करते।

फिल्म को चुनने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, 'हिंदी सिनेमा में इससे पहले सुपरहीरो दादाजी जैसा कॉन्सेप्ट देखने को नहीं मिला था। यही नई सोच मुझे फिल्म की ओर खींच लाई।' गौरतलब है कि हिंदी सुपरहीरो फिल्मों की परंपरा में यह एक ताज़ा और अलग प्रयोग है।

दादा-पोते का रिश्ता — फिल्म की असली ताकत

जैकी श्रॉफ ने खास तौर पर दादा और पोते के रिश्ते को फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बताया। उनका कहना था कि आज के दौर में जहां लोग पीढ़ियों के बीच दूरी की बात करते हैं, वहीं यह फिल्म दिखाती है कि प्यार, दोस्ती और अपनापन हर उम्र की दीवार को तोड़ सकता है।

फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' 29 मई को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है — और जैकी श्रॉफ की यह 'इंसानियत-पहले' सोच शायद इसे सिर्फ एक सुपरहीरो फिल्म से कहीं ज़्यादा बना दे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या बॉलीवुड इस 'जेनरेशन-न्यूट्रल' स्टारडम के फॉर्मूले को समझ पाया है। जैकी की यह सोच — कि उम्र नहीं, इंसानियत मायने रखती है — एक ऐसे उद्योग के लिए सबक है जो अक्सर सितारों को उनकी उम्र के हिसाब से बॉक्स में बंद कर देता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैकी श्रॉफ जेनज़ी में इतने लोकप्रिय क्यों हैं?
जैकी श्रॉफ के अनुसार, वे हर इंसान को उसकी उम्र के आधार पर नहीं आंकते और खुद को सबके लिए खुला रखते हैं। उनका मानना है कि इंसानियत और सोच उम्र से बड़ी होती है, और यही नज़रिया उन्हें हर पीढ़ी से जोड़ता है।
'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' में जैकी श्रॉफ कौन-सा किरदार निभा रहे हैं?
फिल्म में जैकी श्रॉफ एक सुपरहीरो दादाजी की भूमिका में हैं, जो अपने पोते के साथ दोस्त जैसा रिश्ता रखते हैं। उन्होंने इसे हिंदी सिनेमा में पहला ऐसा कॉन्सेप्ट बताया।
'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' कब रिलीज़ होगी?
फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' 29 मई को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है।
जैकी श्रॉफ ने इस फिल्म को क्यों चुना?
जैकी श्रॉफ ने बताया कि इस फिल्म की अलग और नई कहानी ने उन्हें आकर्षित किया। हिंदी सिनेमा में 'सुपरहीरो दादाजी' जैसा कॉन्सेप्ट पहले नहीं देखा गया था, और यही नई सोच उन्हें फिल्म की ओर खींच लाई।
जैकी श्रॉफ के अनुसार मज़बूत रिश्तों की बुनियाद क्या है?
जैकी श्रॉफ का मानना है कि रिश्ते तभी मज़बूत होते हैं जब इंसान अपने मन को खुला रखे। वे लोगों की बातें ध्यान से सुनते हैं, अपने अनुभव साझा करते हैं और किसी को भी उम्र के आधार पर नहीं आंकते।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले