कंवर ढिल्लों की पहली बाइक यामाहा फेजर 150: पिता की शर्त और 'द बडी प्रोजेक्ट' से चुकाया उधार
सारांश
मुख्य बातें
वर्ल्ड मोटरसाइकिल डे के अवसर पर टीवी अभिनेता कंवर ढिल्लों ने अपनी पहली बाइक से जुड़ी भावुक यादें साझा कीं। इन दिनों टीवी शो 'उड़ने की आशा' में सचिन का किरदार निभा रहे कंवर ने बताया कि बचपन में साइकिल से शुरू हुआ उनका दोपहिया प्रेम कैसे धीरे-धीरे एक बड़े सपने में बदला — और उन्होंने अपनी पहली कमाई से उस सपने को पूरा किया।
बचपन से पला बाइक का जुनून
कंवर ने बताया कि उन्हें छोटी उम्र से ही दोपहिया वाहनों का गहरा शौक था। उन्होंने कहा, 'शुरुआत साइकिल से हुई थी, लेकिन जैसे-जैसे बड़ा हुआ, बाइक के प्रति प्यार बढ़ता गया। बाइक चलाने के दौरान जो रोमांच और उत्साह महसूस होता है, वह मुझे हमेशा से पसंद रहा है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि बाइक चलाना उनके लिए किसी थेरेपी से कम नहीं — हेलमेट पहनकर सड़क पर निकलते ही उन्हें रोजमर्रा की भागदौड़ से एक अलग किस्म की शांति मिलती है।
पिता की शर्त और पहली बाइक यामाहा फेजर 150
कंवर ने अपनी पहली बाइक खरीदने की कहानी विस्तार से सुनाई। उन्होंने बताया, 'मेरी पहली बाइक यामाहा फेजर 150 सीसी थी। उस समय मैं कॉलेज में था और एक्टिंग करियर को आगे बढ़ाने की कोशिश में भी जुटा था। कॉलेज से ऑडिशन तक रोज़ लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।' इस ज़रूरत को देखते हुए उन्होंने अपने पिता से बाइक दिलाने की गुज़ारिश की। पिता ने बाइक दिला दी, लेकिन साथ में एक शर्त भी रखी — जब पहली नौकरी मिले, तो बाइक के पैसे वापस करने होंगे।
'द बडी प्रोजेक्ट' की पहली कमाई से चुकाया उधार
कंवर ने बताया कि यह शर्त उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी बन गई। जब उन्हें अपने पहले टीवी शो 'द बडी प्रोजेक्ट' से पहली कमाई मिली, तो उन्होंने बिना देर किए पिता का पूरा पैसा लौटा दिया। उन्होंने कहा, 'अपनी मेहनत से कमाए हुए पैसों से पिता का उधार चुकाने के बाद जो संतोष मिला, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। यह सिर्फ बाइक का मालिक बनने की खुशी नहीं थी, बल्कि अपनी जिम्मेदारी निभाने का एहसास भी था।'
परिवार को दिया सरप्राइज़
आज कंवर के पास दो बाइक हैं। उन्होंने बताया कि नई बाइक की खरीद के बारे में उन्होंने परिवार को पहले से कुछ नहीं बताया। डिलीवरी के दिन वे सीधे परिवार को वहाँ ले गए और सबको सरप्राइज़ दिया। परिवार की खुशी देखकर उनकी अपनी खुशी और भी बढ़ गई।
सुरक्षा पर जोर
कंवर ने बाइक प्रेमियों से सुरक्षा का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि वे कभी बिना हेलमेट के बाइक नहीं चलाते और सभी राइडर्स से भी यही अपील करते हैं। उनके अनुसार, 'बाइक चलाने का शौक जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी जिम्मेदारी और सुरक्षा है।' गौरतलब है कि वर्ल्ड मोटरसाइकिल डे हर साल 21 जून को मनाया जाता है और इस अवसर पर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना भी इसका अहम उद्देश्य है।