खेसारी लाल यादव का बड़ा बयान: प्रशांत किशोर को दें मौका, बिहार को चाहिए बेहतर विजन वाले नेता
सारांश
मुख्य बातें
भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव ने 19 जुलाई 2026 को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने लद्दाख के जाने-माने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के संघर्ष, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य पर खुलकर बात की।
सोनम वांगचुक का संघर्ष: हर नागरिक की लड़ाई
सोनम वांगचुक से जुड़े मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए खेसारी लाल यादव ने इसे किसी एक व्यक्ति की लड़ाई मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह लड़ाई सिर्फ सोनम वांगचुक की नहीं है। यह देश के हर उस गार्जियन की लड़ाई है, जो दिन-रात मेहनत करके अपने बच्चों और देश के भविष्य को बेहतर बनाने में जुटे हैं। इस संघर्ष में देश के हर नागरिक को आगे आकर उनका साथ देना चाहिए।'
उन्होंने आगे कहा कि बच्चों की शिक्षा, रोजगार और देश के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर पूरे समाज को गंभीरता से विचार करना चाहिए, क्योंकि हर अभिभावक अपने बच्चों के लिए सपने देखता है और उन्हें पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम करता है।
प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी पर समर्थन
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी पर खेसारी लाल यादव ने खुलकर समर्थन जताया। उन्होंने कहा, 'किसी व्यक्ति का समर्थन करने से ज्यादा जरूरी है कि जनता यह देखे कि उम्मीदवार कितना बेहतर है और उसके पास विकास को लेकर क्या सोच है। प्रशांत किशोर मुझे हमेशा से पसंद रहे हैं, क्योंकि उनके पास बिहार के विकास का एक स्पष्ट विजन है।'
उन्होंने एक नेता की भूमिका को घर के अभिभावक से जोड़ते हुए कहा, 'एक नेता घर के गार्जियन की तरह होता है। अगर गार्जियन सही नहीं होगा, तो बच्चों का भविष्य कैसे सुधरेगा?' यह ऐसे समय में आया है जब बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज है।
जनता से अपील: पढ़े-लिखे नेताओं को दें मौका
खेसारी लाल यादव ने मतदाताओं से सीधी अपील करते हुए कहा, 'आपने अब तक कई लोगों को मौका दिया है, तो इस बार प्रशांत किशोर जैसे पढ़े-लिखे इंसान को भी मौका देकर देखिए। शायद परिणाम बेहतर हों। नेता को बदलने से पहले हमें खुद को बदलना होगा। यह फैसला अगले पाँच साल और हमारे बच्चों के भविष्य का है।'
उन्होंने अपनी सीमाओं को स्वीकार करते हुए खुद के राजनीति में आने की संभावना को नकार दिया। उनके अनुसार, 'मैं एक कलाकार के तौर पर नेता तो बन सकता हूं, लेकिन मेरे पास विकास का कोई मैप नहीं है, क्योंकि मैं उतना पढ़ा-लिखा नहीं हूं। इसके उलट, प्रशांत किशोर पूरी दुनिया देख चुके हैं और बेहद शिक्षित हैं।'
लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य पर भावुक प्रतिक्रिया
RJD अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य पर पूछे जाने पर खेसारी भावुक हो गए। उन्होंने कहा, 'लालू यादव की सेहत को लेकर मेरी हमेशा से भगवान से यही प्रार्थना रही है कि वह जल्द स्वस्थ हों। मैं चाहता हूं कि जब तक हम जिएं, हमें ऐसे पिता समान नेता का आशीर्वाद मिलता रहे।' उन्होंने कहा कि लालू यादव ने बिहार की जनता को व्यापक जनाधार दिया है और यही कारण है कि आज भी पूरा बिहार उन्हें उतना ही प्यार करता है।
गौरतलब है कि खेसारी लाल यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में आगामी चुनावी सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं और जन सुराज पार्टी अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में है।