सोनाक्षी सिन्हा का बड़ा बदलाव: मसाला फिल्मों से 'सिस्टम' के कोर्टरूम तक का सफर
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'सिस्टम' के प्रमोशन में व्यस्त हैं, जो 22 मई को प्राइम वीडियो पर रिलीज़ होगी। फिल्म के प्रचार के दौरान उन्होंने अपने फिल्मी सफर, करियर में आए बदलाव और किरदार चुनने की नई सोच पर विस्तार से बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वह केवल वही भूमिकाएँ स्वीकार करती हैं जो उन्हें भीतर से संतुष्टि देती हों।
शुरुआती दौर: मसाला फिल्मों की दुनिया
सोनाक्षी ने अपने करियर की शुरुआत को याद करते हुए कहा, 'जब मैंने इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब मैं ऐसी फिल्मों का हिस्सा थी जो कलरफुल, मनोरंजन से भरपूर और पूरी तरह मसाला अंदाज की होती थीं।' 'राउडी राठौर' और 'आर. राजकुमार' जैसी फिल्मों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में दर्शक उन्हें उसी रंग में देखना पसंद करते थे और उन्होंने उन किरदारों को पूरी खुशी और ईमानदारी के साथ निभाया।
करियर में आया नया मोड़
अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि हर कलाकार के जीवन में अलग-अलग चरण आते हैं और दर्शकों की रुचि तथा उद्योग की माँग भी समय के साथ बदलती रहती है। उन्होंने कहा, 'अब मैं अपने करियर के ऐसे मोड़ पर हूँ, जहाँ मैं सिर्फ वही काम करना चाहती हूँ, जो मुझे अंदर से संतुष्टि देता हो।' यह बदलाव महज़ भूमिकाओं तक सीमित नहीं, बल्कि उनके काम करने के पूरे नज़रिए में आया है।
पुराने सफर के प्रति आभार
सोनाक्षी ने यह भी कहा कि शुरुआती मसाला फिल्मों ने उन्हें दर्शकों का प्यार, पहचान और समर्थन दिलाया। उनके शब्दों में, 'अगर मैंने शुरुआत में मसालेदार फिल्में नहीं की होतीं, तो शायद आज मुझे ऐसे अलग और गंभीर किरदार निभाने का मौका नहीं मिलता।' यह स्वीकारोक्ति उनके करियर की परिपक्वता को दर्शाती है।
'सिस्टम': एक नई चुनौती
आगामी फिल्म 'सिस्टम' एक कोर्टरूम ड्रामा है, जिसमें सोनाक्षी पहली बार एक स्टेनोग्राफर की भूमिका में नज़र आएंगी — यह किरदार उनके पिछले सभी किरदारों से बिल्कुल अलग है। फिल्म 22 मई को प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगी और यह उनके करियर के नए अध्याय की अहम कड़ी मानी जा रही है।
आगे की राह
सोनाक्षी का कहना है कि वह खुद को एक बहुआयामी अभिनेत्री के रूप में स्थापित करना चाहती हैं — ऐसी कलाकार जिसे किसी भी तरह की फिल्म में रखा जा सके। 'सिस्टम' के बाद उनके आगे के प्रोजेक्ट्स पर नज़रें टिकी हैं, यह देखने के लिए कि वह इस नए दौर में खुद को किस तरह परिभाषित करती हैं।