'सिस्टम' में न्याय की लड़ाई: सोनाक्षी सिन्हा और ज्योतिका 22 मई को प्राइम वीडियो पर
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 6 मई 2026 (राष्ट्र प्रेस)। ओटीटी प्लेटफॉर्मों पर सामाजिक न्याय और कानूनी द्वंद्व को केंद्रित फिल्मों की माँग बढ़ी है, और इसी बैकड्रॉप में लीगल ड्रामा फिल्म 'सिस्टम' 22 मई 2026 को अमेजन प्राइम वीडियो पर दर्शकों के सामने आने वाली है। फिल्म में सोनाक्षी सिन्हा और ज्योतिका दो ऐसी महिलाओं की भूमिका निभाती हैं, जो सत्ता और न्याय के बीच की खींचतान में सच को सामने लाने के लिए एकजुट होती हैं।
फिल्म की कहानी और किरदार
फिल्म में सोनाक्षी सिन्हा एक शक्तिशाली सरकारी वकील नेहा राजवंश की भूमिका निभाती हैं, जो अपने पेशे में आत्मविश्वासी और दृढ़ संकल्प वाली हैं। वहीं ज्योतिका सरिका रावत के किरदार में नजर आती हैं, जो एक साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली कोर्ट स्टेनोग्राफर हैं। फिल्म की कथा इन दोनों की भिन्न सामाजिक स्थिति, परवरिश और जीवन दृष्टिकोण के बावजूद उनके न्याय के सिद्धांत को लेकर एकता को दर्शाती है। कहानी के विभिन्न मोड़ों में दोनों को यह चुनाव करना पड़ता है कि वे सत्ता के साथ खड़ी हों या सत्य के पक्ष में खड़ी हों।
निर्माण दल और तकनीकी पहलू
फिल्म का निर्देशन अश्विनी अय्यर तिवारी ने किया है। फिल्म के निर्माता हरमन बावेजा ने कहा कि 'सिस्टम' दो महिलाओं की कहानी है, जो अपने-अपने तरीके से न्याय को समझती हैं और उसे पाने के लिए संघर्ष करती हैं। उन्होंने कहा, 'सोनाक्षी सिन्हा, ज्योतिका और आशुतोष गोवारिकर जैसे कलाकारों ने अपने अभिनय से इस कहानी को और भी प्रभावशाली बना दिया है।' फिल्म में प्रीति अग्रवाल, आदिनाथ कोठारे, आश्रिया मिश्रा, गौरव पांडे और सयानदीप गुप्ता भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
प्लेटफॉर्म और दर्शकों की प्रतिक्रिया
अमेजन प्राइम वीडियो और अमेजन एमजीएम स्टूडियोज़ इंडिया के ओरिजिनल कंटेंट के प्रमुख निखिल मधोक ने कहा कि 'सिस्टम' एक ऐसी कहानी है, जो दर्शकों को शुरुआत से अंत तक बाँधे रखेगी। उन्होंने कहा, 'इसमें महत्वाकांक्षा, न्याय और नैतिकता जैसे विषयों को बहुत ही दिलचस्प तरीके से दिखाया गया है। मेरा मानना है कि यह फिल्म हर मोड़ पर दर्शकों को चौंकाएगी और उन्हें सोचने पर मजबूर करेगी।'
ओटीटी पर लीगल ड्रामा की बढ़ती माँग
यह फिल्म उस समय आ रही है, जब ओटीटी प्लेटफॉर्मों पर सामाजिक न्याय, भारतीय कानूनी व्यवस्था और सत्ता के दुरुपयोग को लेकर कहानियों की माँग बढ़ी है। 'सिस्टम' इसी श्रेणी में एक महत्वपूर्ण जोड़ साबित हो सकती है, क्योंकि यह न केवल कानूनी पेचीदगियों को दर्शाती है, बल्कि महिला एजेंसी और सामाजिक परिवर्तन के संघर्ष को भी केंद्रीय स्थान देती है।