नारायणी शास्त्री ने साझा किया मन को हराने का रहस्य, कभी-कभी खुद को धोखा देना पड़ता है
सारांश
Key Takeaways
- मन को समझाना महत्वपूर्ण है।
- कभी-कभी खुद को धोखा देना पड़ता है।
- सक्रिय रहने की प्रेरणा मिलती है।
- सोशल मीडिया पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ आती हैं।
- छोटे कदम उठाने से बड़ी उपलब्धियाँ मिलती हैं।
नई दिल्ली, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान की तेज़ गति वाली ज़िंदगी में थकान होना स्वाभाविक है, जिससे रोज़मर्रा के छोटे-छोटे कार्य भी भारी प्रतीत होने लगते हैं। ऐसे में खुद को सक्रिय बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाती है। इसी विषय पर टीवी अभिनेत्री नारायणी शास्त्री ने गुरुवार को एक दिलचस्प पोस्ट साझा की, जिसमें यह बताया कि उन्होंने अपने मन को कैसे समझा कर दिन की शुरुआत की।
नारायणी शास्त्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह विभिन्न तरीकों से अपने फैंस को नमस्कार करती नजर आ रही हैं। वह 'सुप्रभात', 'सत श्री अकाल', 'जय श्री कृष्ण', 'सलाम वालेकुम', 'राधे राधे', 'हर हर महादेव', और 'जय भीम' जैसे शब्दों से वीडियो की शुरुआत करती हैं। इसके बाद वह कहती हैं कि उनका बाहर जाने का मन बिल्कुल नहीं था, लेकिन उन्होंने खुद को समझाया और बिना ज्यादा तैयारी के ही घर से बाहर निकल गईं।
उन्होंने कहा, "मैंने कपड़े तक नहीं बदले, बस जूते पहने और निकल पड़ीं। यह मन को चालाकी से हराने का एक तरीका है। कभी-कभी अपने दिल और दिमाग को धोखा देना पड़ता है, ताकि हम काम कर सकें।"
इस वीडियो के साथ उन्होंने मजेदार अंदाज में कैप्शन लिखा, "मूड की परवाह मत करो, चलना तो है ही।"
नारायणी शास्त्री के इस पोस्ट पर लोगों ने कई कमेंट्स किए। एक यूजर ने लिखा, 'आज आपने सच में मोटिवेट कर दिया, आपका यह वीडियो बहुत पसंद आया।' दूसरे यूजर ने मजेदार कमेंट करते हुए लिखा, 'हम भी आज से ऐसे ही दिमाग को ट्रिक करेंगे… देखते हैं काम होता है या नहीं।'
अन्य यूजर्स ने लिखा, "बिना मूड के भी बाहर निकलना… ये तो सुपरपावर है', 'सच में, कभी-कभी खुद को ही बेवकूफ बनाना पड़ता है, लेकिन फायदा हमारा ही होता है। आज तो आपने हमें चलने पर मजबूर कर दिया, वरना हम तो सोफे से उठते ही नहीं।"