नीतीश भारद्वाज: 'महाभारत' के श्रीकृष्ण से सांसद तक, 2 जून को मनाएंगे 62वाँ जन्मदिन
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता, निर्देशक और पूर्व सांसद नीतीश भारद्वाज का जन्म 2 जून 1963 को मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) में एक मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। भारतीय टेलीविजन इतिहास में उनकी पहचान बी.आर. चोपड़ा के महाकाव्य धारावाहिक 'महाभारत' में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका से बनी, जिसने उन्हें रातोंरात करोड़ों दर्शकों का प्रिय बना दिया। 2 जून 2025 को वे अपना 62वाँ जन्मदिन मनाएंगे।
शिक्षा और प्रारंभिक जीवन
नीतीश भारद्वाज का परिवार भारद्वाज गोत्र से संबंध रखता है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा गोखले एजुकेशन सोसाइटी के डीजीटी हाई स्कूल और रॉबर्ट मनी स्कूल से पूरी की। उच्च शिक्षा में उन्होंने बॉम्बे वेटरनरी कॉलेज से वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबैंड्री में स्नातक की डिग्री हासिल की और विल्सन कॉलेज से बीएससी भी किया। अभिनय की ओर रुझान के चलते वे मराठी थिएटर से जुड़े, जहाँ से उनके करियर की नींव पड़ी।
'महाभारत' और श्रीकृष्ण का किरदार
वर्ष 1988 में दूरदर्शन पर प्रसारित बी.आर. चोपड़ा के धारावाहिक 'महाभारत' ने नीतीश भारद्वाज के जीवन की दिशा बदल दी। मात्र 23-24 वर्ष की आयु में उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का किरदार इस प्रकार जीया कि दर्शक उन्हें वास्तविक कृष्ण का अवतार मानने लगे। उनकी मधुर वाणी, दिव्य मुस्कान और स्वाभाविक आध्यात्मिक आभा ने उन्हें 'टीवी का कृष्ण' की उपाधि दिलाई। इसके बाद उन्होंने 'विष्णु पुराण' सहित अन्य धार्मिक धारावाहिकों में भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों को भी पर्दे पर जीवंत किया।
सिनेमा में योगदान
टेलीविजन के अतिरिक्त नीतीश ने बड़े पर्दे पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने कई मराठी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएँ निभाईं और मलयालम सिनेमा में भी काम किया। हिंदी फिल्मों में उनकी उल्लेखनीय उपस्थिति 'केदारनाथ' और 'मोहनजोदड़ो' जैसी बड़े बजट की फिल्मों में देखी गई, जिससे स्पष्ट होता है कि उनका अभिनय किसी एक माध्यम या भाषा तक सीमित नहीं रहा।
राजनीतिक पारी
नीतीश भारद्वाज ने वर्ष 1996 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर जमशेदपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और विजय प्राप्त की, इस प्रकार वे संसद पहुँचे। वर्ष 1999 में उन्होंने मध्य प्रदेश की राजगढ़ लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में कदम रखा, जहाँ उनका मुकाबला कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह से था। इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
व्यक्तिगत जीवन
नीतीश भारद्वाज ने दो विवाह किए। उनका पहला विवाह वर्ष 1991 में मोनिषा पाटिल से हुआ, जो वर्ष 2005 तक चला। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2009 में स्मिता से विवाह किया। अभिनय, निर्देशन, राजनीति और आध्यात्मिक भूमिकाओं के संगम से बना उनका जीवन भारतीय मनोरंजन जगत में एक अनूठा अध्याय है — और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।