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पद्मविभूषण तीजन बाई एम्स रायपुर में भर्ती, फेफड़ों में पानी और निमोनिया, हालत अब स्थिर

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पद्मविभूषण तीजन बाई एम्स रायपुर में भर्ती, फेफड़ों में पानी और निमोनिया, हालत अब स्थिर

सारांश

पंडवानी की वैश्विक दूत और पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई की तबीयत अचानक बिगड़ी — फेफड़ों में पानी, निमोनिया और कम रक्तचाप के चलते एम्स रायपुर के एमआईसीयू में भर्ती। परिवार के अनुसार अब वे खतरे से बाहर हैं। छत्तीसगढ़ के लाखों प्रशंसक उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

मुख्य बातें

तीजन बाई को 28 मई को तबीयत बिगड़ने पर एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया।
मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार फेफड़ों में पानी , निमोनिया और निम्न रक्तचाप की स्थिति पाई गई।
बहू वेणु देशमुख ने बताया कि डॉक्टरों के त्वरित इलाज के बाद वे अब खतरे से बाहर हैं।
एम्स की विशेष चिकित्सा टीम उनकी स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है।
तीजन बाई को 1988 में पद्मश्री, 1995 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और 2019 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ की विश्वविख्यात पंडवानी लोक गायिका और पद्मविभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है। 28 मई को अस्पताल में भर्ती होने के बाद उन्हें तुरंत मेडिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (एमआईसीयू) में स्थानांतरित किया गया। परिवार के अनुसार, समय पर इलाज मिलने के बाद उनकी स्थिति अब पहले से बेहतर है।

स्वास्थ्य की मौजूदा स्थिति

तीजन बाई की बहू वेणु देशमुख ने बताया कि बुधवार देर रात उन्हें एम्बुलेंस से एम्स लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने तत्काल जाँच की। मेडिकल रिपोर्टों के अनुसार उनके फेफड़ों में पानी भर गया है, उन्हें निमोनिया है और रक्तचाप काफी कम दर्ज किया गया। इन तीनों स्थितियों को देखते हुए उन्हें एमआईसीयू में रखा गया।

वेणु देशमुख ने बताया कि डॉक्टरों के त्वरित हस्तक्षेप के बाद तीजन बाई की हालत में सुधार आया है और वे अब खतरे से बाहर हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है। उनकी उम्र और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए चिकित्सक विशेष सावधानी बरत रहे हैं।

परिवार और प्रशंसकों की प्रतिक्रिया

तीजन बाई के अचानक अस्पताल में भर्ती होने की खबर से उनके लाखों प्रशंसकों में चिंता की लहर दौड़ गई थी। परिवार के सदस्यों ने बताया कि स्वास्थ्य में सुधार की खबर से सभी को बड़ी राहत मिली है। प्रशंसक उनके जल्द स्वस्थ होकर घर लौटने की कामना कर रहे हैं।

तीजन बाई: पंडवानी की वैश्विक दूत

तीजन बाई को छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक गौरव माना जाता है। उन्होंने पंडवानी लोककला — जिसमें महाभारत की कथाएँ अपनी अनोखी गायन-शैली में प्रस्तुत की जाती हैं — को देश और दुनिया में पहचान दिलाई। 1980 में उन्होंने सांस्कृतिक राजदूत के रूप में इंग्लैंड, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, तुर्की, माल्टा, साइप्रस, रोमानिया और मॉरीशस की यात्रा की थी।

उनकी उपलब्धियों की सूची लंबी है — 1988 में पद्मश्री, 1995 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, और 2019 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ की लोककला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नई पहचान मिल रही है।

आगे क्या

एम्स रायपुर की विशेष चिकित्सा टीम तीजन बाई की निरंतर निगरानी कर रही है। परिवार ने बताया कि अगले कुछ दिनों में उनकी स्थिति की और समीक्षा की जाएगी। फिलहाल उनकी सेहत में सुधार जारी है और डॉक्टर आशावादी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उत्तराधिकार की तैयारी का अभाव इन्हें संकट में डाल सकता है। सरकारी पुरस्कार तो मिले, पर क्या इस विधा को संस्थागत रूप से संरक्षित करने की ठोस योजना है — यह सवाल अब और प्रासंगिक हो गया है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तीजन बाई को एम्स रायपुर में क्यों भर्ती किया गया?
तीजन बाई की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें एम्स रायपुर लाया गया, जहाँ जाँच में फेफड़ों में पानी भरना, निमोनिया और निम्न रक्तचाप पाया गया। इन गंभीर स्थितियों के चलते उन्हें मेडिकल इंटेंसिव केयर यूनिट में रखा गया।
तीजन बाई की अभी क्या स्थिति है?
परिवार के अनुसार डॉक्टरों के त्वरित इलाज के बाद तीजन बाई की हालत में सुधार आया है और वे खतरे से बाहर हैं। एम्स की विशेष टीम उनकी निगरानी जारी रखे हुए है।
तीजन बाई कौन हैं और उनकी उपलब्धियाँ क्या हैं?
तीजन बाई छत्तीसगढ़ की विश्वप्रसिद्ध पंडवानी लोक गायिका हैं जिन्होंने महाभारत की कथाओं को अपनी अनोखी शैली में प्रस्तुत कर इस विधा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उन्हें 1988 में पद्मश्री, 1995 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और 2019 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया है।
तीजन बाई ने पंडवानी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैसे पहचान दिलाई?
1980 में तीजन बाई ने सांस्कृतिक राजदूत के रूप में इंग्लैंड, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, तुर्की, माल्टा, साइप्रस, रोमानिया और मॉरीशस की यात्रा की थी। इन प्रस्तुतियों ने पंडवानी को विश्व मंच पर स्थापित किया।
तीजन बाई के परिवार ने उनके स्वास्थ्य के बारे में क्या कहा?
बहू वेणु देशमुख ने बताया कि एम्बुलेंस से समय पर एम्स पहुँचाने और डॉक्टरों के त्वरित इलाज के बाद स्थिति पहले से काफी बेहतर है। उन्होंने पुष्टि की कि तीजन बाई खतरे से बाहर हैं और डॉक्टर सावधानी के साथ उनकी देखभाल कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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