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पंडवानी गायिका तीजन बाई की हालत गंभीर, रायपुर एम्स के एमआईसीयू में विशेषज्ञ टीम कर रही इलाज

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पंडवानी गायिका तीजन बाई की हालत गंभीर, रायपुर एम्स के एमआईसीयू में विशेषज्ञ टीम कर रही इलाज

सारांश

छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा को विश्व मंच पर पहुँचाने वाली पद्म विभूषण तीजन बाई रायपुर एम्स के एमआईसीयू में भर्ती हैं। 69 वर्षीया कलाकार फेफड़ों के संक्रमण, सेप्सिस और किडनी की दिक्कत से जूझ रही हैं। देशभर के कला-प्रेमी उनके स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।

मुख्य बातें

पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजन बाई को बुधवार देर रात तबीयत बिगड़ने पर रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया।
69 वर्षीया तीजन बाई को एमआईसीयू में रखा गया है; हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
उन्हें फेफड़ों में संक्रमण , सेप्सिस (रक्त में संक्रमण), किडनी की दिक्कत और लगातार कम रक्तचाप की समस्या है।
क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ , पल्मोनोलॉजिस्ट और हेमेटोलॉजिस्ट की टीम चौबीस घंटे निगरानी कर रही है।
तीजन बाई को 1988 में पद्मश्री, 2003 में पद्म भूषण और 2019 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है।

पद्म विभूषण से सम्मानित पंडवानी गायिका तीजन बाई की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें रायपुर एम्स के मेडिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (एमआईसीयू) में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। 69 वर्षीय तीजन बाई को बुधवार देर रात अस्पताल लाया गया, जिसके बाद से विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम चौबीस घंटे उनकी निगरानी कर रही है।

मुख्य स्वास्थ्य स्थिति

मेडिकल रिपोर्टों के अनुसार, तीजन बाई एक साथ कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। उन्हें फेफड़ों में संक्रमण है, जिसके कारण सांस लेने में कठिनाई हो रही है। इसके अतिरिक्त, रक्त में संक्रमण फैल जाने की स्थिति — जिसे चिकित्सा भाषा में सेप्सिस कहा जाता है — भी सामने आई है।

डॉक्टरों के मुताबिक, सेप्सिस एक अत्यंत गंभीर अवस्था है क्योंकि इससे शरीर के कई अंग एक साथ प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा, किडनी में भी दिक्कत देखी गई है और उनका रक्तचाप लगातार कम बना हुआ है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, तीजन बाई की देखभाल के लिए एक बहु-विशेषज्ञ टीम गठित की गई है। इस टीम में क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ, पल्मोनोलॉजिस्ट (फेफड़ों के रोग विशेषज्ञ) और हेमेटोलॉजिस्ट (रक्त रोग विशेषज्ञ) शामिल हैं। सभी डॉक्टर चौबीस घंटे उनकी स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।

तीजन बाई: एक अनमोल सांस्कृतिक विरासत

तीजन बाई का जन्म 1956 में छत्तीसगढ़ के भिलाई के निकट गनियारी गाँव में हुआ था। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला पंडवानी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई। पंडवानी में महाभारत की कथाओं को गायन और अभिनय के संयोजन से प्रस्तुत किया जाता है — यह कला परंपरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा का अभिन्न हिस्सा है।

पुरस्कार और सम्मान

भारत सरकार ने उनके अतुलनीय योगदान को मान्यता देते हुए 1988 में पद्मश्री, 2003 में पद्म भूषण और 2019 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा। इसके अतिरिक्त, उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं।

आगे की स्थिति

फिलहाल परिवार और करीबी लोग एम्स रायपुर में मौजूद हैं और डॉक्टरों की टीम उनकी हालत में सुधार के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। देशभर के कला-प्रेमी और सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोग उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दस्तावेज़ीकरण और उत्तराधिकार की पर्याप्त व्यवस्था की है। पद्म पुरस्कार देना एक बात है, लेकिन उस कला परंपरा को संस्थागत रूप से संरक्षित करना बिल्कुल अलग — और अभी भी अधूरा — काम है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तीजन बाई को किस बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया है?
तीजन बाई को फेफड़ों में संक्रमण, रक्त में संक्रमण (सेप्सिस), किडनी की दिक्कत और लगातार कम रक्तचाप के कारण रायपुर एम्स के एमआईसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
तीजन बाई को कहाँ और कब भर्ती किया गया?
उन्हें बुधवार देर रात रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया। अस्पताल पहुँचते ही उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत एमआईसीयू में दाखिल किया गया।
तीजन बाई कौन हैं और पंडवानी क्या है?
तीजन बाई छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका हैं, जिनका जन्म 1956 में भिलाई के पास गनियारी गाँव में हुआ था। पंडवानी एक पारंपरिक लोककला है जिसमें महाभारत की कथाओं को गायन और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।
तीजन बाई को कौन-कौन से राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं?
भारत सरकार ने तीजन बाई को 1988 में पद्मश्री, 2003 में पद्म भूषण और 2019 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया है। इसके अलावा उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित कई अन्य प्रतिष्ठित सम्मान भी मिले हैं।
रायपुर एम्स में तीजन बाई के इलाज की क्या व्यवस्था है?
अस्पताल प्रशासन ने उनकी देखभाल के लिए क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ, पल्मोनोलॉजिस्ट और हेमेटोलॉजिस्ट की एक विशेष टीम गठित की है। यह टीम चौबीस घंटे उनकी स्थिति पर निगरानी रख रही है।
राष्ट्र प्रेस
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