14 जुलाई 2026
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छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र: तीजन बाई को श्रद्धांजलि, राम मंदिर प्रसाद चोरी पर BJP-कांग्रेस में तकरार

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छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र: तीजन बाई को श्रद्धांजलि, राम मंदिर प्रसाद चोरी पर BJP-कांग्रेस में तकरार

सारांश

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र पंडवानी की महान गायिका तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि के साथ खुला — लेकिन शोक की गंभीरता ज़्यादा देर नहीं टिकी। राम मंदिर से प्रसाद की कथित चोरी पर BJP और कांग्रेस के बीच पहले ही दिन तीखी तकरार ने सत्र का रुख तय कर दिया।

मुख्य बातें

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई को रायपुर में आरंभ हुआ।
सदन ने पद्म विभूषण तीजन बाई की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा और पाँच मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सहित सर्वदलीय नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।
राम मंदिर से प्रसाद की कथित चोरी पर कांग्रेस का स्थगन प्रस्ताव सदन ने खारिज किया, जिसके बाद हंगामा हुआ।
तीजन बाई पंडवानी की कापालिक शैली की सबसे प्रतिष्ठित प्रतिनिधि थीं और उन्होंने छत्तीसगढ़ की लोक कला को वैश्विक पहचान दिलाई।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार, 13 जुलाई को रायपुर में पंडवानी की महान गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई को भावपूर्ण श्रद्धांजलि के साथ आरंभ हुआ। सदन ने उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन रखा और सम्मान स्वरूप कार्यवाही पाँच मिनट के लिए स्थगित की। श्रद्धांजलि सत्र के बाद सदन में राम मंदिर से प्रसाद की कथित चोरी के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच तीखा वाद-विवाद भड़क उठा।

तीजन बाई को भावभीनी विदाई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शोक प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि तीजन बाई ने पंडवानी की कापालिक शैली को नई पहचान दी और अपनी असाधारण प्रतिभा से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुँचाया। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण सामाजिक परिस्थितियों के बावजूद उनके संघर्ष और समर्पण ने उन्हें महान ऊँचाइयों पर स्थापित किया और उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। साय ने यह भी कहा कि उनके निधन से राज्य को अपूरणीय क्षति हुई है।

सर्वदलीय शोक, मंत्री और विधायकों ने रखी बात

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने तीजन बाई को छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाने वाली कलाकार बताया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों से ऊपर उठकर राज्य को गौरव दिलाने वाली शख्सियत के रूप में याद किया और कहा कि उनका जीवन संघर्ष और समर्पण का प्रतीक है। संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने लोक कला के प्रति उनके अटूट समर्पण को नमन करते हुए कहा कि लोक संस्कृति ने एक अमूल्य धरोहर खो दी है।

इसके अलावा गजेंद्र यादव, किरण सिंह देव, अनुज शर्मा, कुंवर सिंह निषाद और भैयालाल कोरसेवावाड़ा सहित अनेक मंत्रियों और विधायकों ने पंडवानी के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में उनकी अग्रणी भूमिका को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

राम मंदिर प्रसाद चोरी पर सदन में हंगामा

श्रद्धांजलि सत्र समाप्त होते ही सदन की कार्यवाही का माहौल बदल गया। राम मंदिर से प्रसाद की कथित चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस सदस्यों ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया। सदन ने यह प्रस्ताव खारिज कर दिया, जिसके बाद कांग्रेस सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और सत्तारूढ़ BJP तथा विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। गौरतलब है कि मानसून सत्र के पहले ही दिन इस विवाद ने सदन की कार्यवाही को प्रभावित किया।

तीजन बाई: एक सांस्कृतिक युग का अंत

तीजन बाई छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा की सबसे प्रतिष्ठित प्रतिनिधि थीं। उन्हें पद्म विभूषण सहित देश के कई सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त हुए थे। उनकी कापालिक शैली की गायकी ने छत्तीसगढ़ की लोक कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनके निधन के साथ भारतीय लोक कला जगत ने एक ऐसी विभूति खोई है जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।

आगे क्या

मानसून सत्र के दौरान राम मंदिर प्रसाद चोरी विवाद सहित अन्य राजनीतिक मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच और तीखी बहस की संभावना है। सत्र में राज्य के बजटीय और विधायी एजेंडे पर भी चर्चा होनी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एकता महज़ कुछ मिनटों की रही। राम मंदिर प्रसाद चोरी जैसे संवेदनशील धार्मिक मुद्दे को पहले ही दिन स्थगन प्रस्ताव का आधार बनाना बताता है कि छत्तीसगढ़ का विपक्ष BJP को धार्मिक मुद्दों पर घेरने की रणनीति पर चल रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में 2023 के चुनावी परिणामों के बाद कांग्रेस अपनी ज़मीन वापस पाने की कोशिश में है। असली सवाल यह है कि क्या यह सत्र विधायी एजेंडे पर केंद्रित रहेगा या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में ही उलझा रहेगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र 2025 कब शुरू हुआ?
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई 2025, सोमवार को रायपुर में शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत पद्म विभूषण तीजन बाई को श्रद्धांजलि के साथ हुई।
तीजन बाई कौन थीं और उन्हें श्रद्धांजलि क्यों दी गई?
तीजन बाई छत्तीसगढ़ की पंडवानी लोक गायन परंपरा की सबसे प्रतिष्ठित कलाकार थीं, जिन्हें पद्म विभूषण सहित देश के कई सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिले थे। उनके हालिया निधन के बाद विधानसभा ने उन्हें दो मिनट के मौन और पाँच मिनट की कार्यवाही स्थगन के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
राम मंदिर प्रसाद चोरी विवाद क्या है जिस पर सदन में हंगामा हुआ?
राम मंदिर से प्रसाद की कथित चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस ने सदन में स्थगन प्रस्ताव पेश किया। सदन द्वारा प्रस्ताव खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया और BJP तथा कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजन बाई के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि तीजन बाई ने पंडवानी की कापालिक शैली को नई पहचान दी और छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहुँचाया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा और उनके निधन से राज्य को अपूरणीय क्षति हुई है।
पंडवानी की कापालिक शैली क्या है?
पंडवानी छत्तीसगढ़ की एक पारंपरिक लोक गायन विधा है जिसमें महाभारत की कथाएँ गाई जाती हैं। कापालिक शैली में कलाकार खड़े होकर एकल प्रस्तुति देता है, जबकि दूसरी शैली (वेदमती) में बैठकर गाया जाता है। तीजन बाई ने कापालिक शैली को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
राष्ट्र प्रेस
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