प्रिया राजवंश: सात फिल्मों में बनाई पहचान, उनकी रहस्यमय मौत आज भी अनसुलझी
सारांश
Key Takeaways
- प्रिया राजवंश ने मात्र सात फिल्मों में काम किया।
- उनका असली नाम वीरा सुंदर सिंह था।
- उन्होंने चेतन आनंद के साथ काम किया और लिव-इन रिलेशनशिप में रहीं।
- उनकी मृत्यु रहस्यमय परिस्थितियों में हुई।
- प्रिया का योगदान हिंदी सिनेमा में अमिट है।
मुंबई, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कुछ सितारे ऐसे हैं, जिन्होंने बहुत कम काम किया है, लेकिन लोगों के दिलों में अपनी एक खास जगह बना ली। दिवंगत अभिनेत्री प्रिया राजवंश उन्हीं में से एक थीं। उन्होंने अपने फिल्मी करियर में सिर्फ सात फिल्में कीं और इन्हीं के माध्यम से लोगों के बीच अपनी पहचान स्थापित की। 27 मार्च 2000 को उनका निधन हो गया था, लेकिन उन्होंने अपने कार्यों से पूरी फिल्म इंडस्ट्री को प्रभावित किया था।
30 दिसंबर 1936 को शिमला में जन्मीं प्रिया राजवंश का असली नाम वीरा सुंदर सिंह था। उनके पिता सरकारी अधिकारी थे और उनके परिवार का फिल्मों से कोई सीधा संबंध नहीं था। प्रिया ने अपनी पढ़ाई शिमला में की और फिर लंदन
कहा जाता है कि लंदन में एक फोटोग्राफर ने उनकी कुछ तस्वीरें खींचीं, और इन्हीं तस्वीरों ने उन्हें भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में प्रवेश दिलाया। प्रसिद्ध निर्देशक चेतन आनंद ने जब उनकी तस्वीर देखी, तो उन्हें अपनी फिल्म 'हकीकत' में काम करने का अवसर दिया। यह फिल्म रिलीज होते ही सुपरहिट हो गई और प्रिया रातों-रात स्टार बन गईं।
प्रिया राजवंश ने अपने करियर में कुल सात फिल्मों में ही काम किया। इन फिल्मों में 'हीर रांझा', 'हंसते जख्म', 'हिंदुस्तान की कसम', 'कुदरत' और 'हाथों की लकीरें' जैसी फिल्में शामिल हैं। उनकी हर फिल्म में उनका किरदार अद्वितीय था और उन्होंने हर भूमिका को पूरी लगन से निभाया। इसी कारण, कम फिल्मों के बावजूद, वह दर्शकों के दिलों में एक खास स्थान बनाने में सफल रहीं।
प्रिया के करियर का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि उन्होंने अधिकतर फिल्में चेतन आनंद के साथ कीं। दोनों के बीच काम करते-करते नजदीकियां बढ़ीं और उनका रिश्ता प्यार में बदल गया, हालांकि इस रिश्ते का असर उनके करियर पर भी पड़ा, क्योंकि उन्होंने अन्य फिल्म निर्माताओं के साथ काम करने से मना कर दिया। इस कारण उनका फिल्मी सफर सीमित रह गया।
व्यक्तिगत जीवन में भी प्रिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे। उन्होंने चेतन आनंद के साथ लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में जीवन बिताया, लेकिन दोनों ने कभी शादी नहीं की। 1997 में चेतन आनंद के निधन के बाद प्रिया पूरी तरह अकेली पड़ गईं और उन्होंने खुद को अभिनय की दुनिया से अलग कर लिया।
फिर 27 मार्च 2000 को प्रिया राजवंश अपने ही घर में मृत पाई गईं। जांच में पता चला कि उनकी हत्या की गई थी। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में सबूतों की कमी के कारण मामला पूरी तरह साबित नहीं हो सका। इस तरह उनकी मौत आज भी एक रहस्य बनी हुई है।