रजा मुराद ने पूनम ढिल्लों संग साझा की यादें, 'नूरी' (1979) को बताया करियर का टर्निंग पॉइंट
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता रजा मुराद ने 29 जुलाई को अभिनेत्री पूनम ढिल्लों के साथ हुई मुलाकात की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा कीं और 1979 में रिलीज हुई फिल्म 'नूरी' की ऐतिहासिक सफलता को याद किया। उन्होंने लिखा कि इस फिल्म ने पूनम ढिल्लों को रातोंरात पूरे देश की पसंदीदा अभिनेत्री बना दिया था।
इंस्टाग्राम पोस्ट में क्या लिखा रजा मुराद ने
रजा मुराद ने पूनम ढिल्लों के साथ अपनी तस्वीर इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए उन्हें 'हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक' बताया। उन्होंने लिखा, 'हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक पूनम ढिल्लों जी के साथ यादगार पल।' पोस्ट में उन्होंने पूनम के शुरुआती करियर और 'नूरी' में उनके अभिनय की जमकर तारीफ की।
'नूरी' में पूनम ढिल्लों का किरदार और असर
रजा मुराद के अनुसार, फिल्म 'नूरी' में पूनम ढिल्लों ने कश्मीर की एक मासूम गाँव की लड़की का किरदार निभाया था। उनकी सादगी, मासूमियत और प्राकृतिक सुंदरता ने देशभर के दर्शकों का दिल जीत लिया और फिल्म की सफलता में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि फिल्म के खूबसूरत गीतों और संगीत ने इसकी लोकप्रियता को नई ऊँचाई दी।
फिल्म 'नूरी' — निर्माण और कहानी
मनमोहन कृष्ण द्वारा निर्देशित और यश चोपड़ा द्वारा निर्मित यह रोमांटिक ड्रामा फिल्म 1979 में रिलीज हुई थी। फिल्म में फारूक शेख और पूनम ढिल्लों ने मुख्य भूमिकाएँ निभाई थीं, जबकि भारत कपूर ने भी अपनी दमदार अदाकारी से दर्शकों की सराहना बटोरी। यह फिल्म नूरी यूसुफ (फारूक शेख) और नूरी (पूनम ढिल्लों) के सच्चे प्यार, सुंदर सपनों और एक दर्दनाक त्रासदी की मार्मिक कहानी पर आधारित थी।
बॉक्स ऑफिस और अंतरराष्ट्रीय सफलता
फिल्म 'नूरी' उस वर्ष की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शुमार रही और भारतीय बॉक्स ऑफिस पर सर्वाधिक कमाई करने वाली फिल्मों की सूची में सातवें स्थान पर रही। भारत के बाहर भी इसे खूब पसंद किया गया — 1981 में जब यह फिल्म चीन में रिलीज हुई, तो वहाँ भी इसे जबरदस्त सफलता मिली और यह उस दौर में चीन में सबसे सफल भारतीय फिल्मों में से एक बन गई। यह पोस्ट हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम युग की उन यादों को ताज़ा करती है जो आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित हैं।