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क्या बहोरनापुर गांव की दुर्दशा पर अभिनेता रितेश पांडे का वीडियो सवाल उठाता है?

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क्या बहोरनापुर गांव की दुर्दशा पर अभिनेता रितेश पांडे का वीडियो सवाल उठाता है?

सारांश

भोजपुरी अभिनेता रितेश पांडे ने बहोरनापुर गांव की दुखद स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने इंस्टाग्राम वीडियो में वहां के बच्चों की समस्याओं को उजागर किया, जो बिना रास्ते के स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। क्या यह हमारे सिस्टम की लापरवाही का प्रमाण है?

मुख्य बातें

अभिनेता रितेश पांडे ने बहोरनापुर गांव की स्थिति को उजागर किया।
बच्चों को स्कूल जाने के लिए रास्ता नहीं है।
बरसात में बच्चों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
सरकार की लापरवाही और शिक्षा के प्रति उदासीनता का उदाहरण है।
बदलाव की आवश्यकता है ताकि बच्चों का भविष्य उज्जवल हो।

मुंबई, 6 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भोजपुरी फिल्म उद्योग के प्रसिद्ध गायक और अभिनेता रितेश पांडे करगहर सीट से प्रशांत किशोर के जनसुराज के उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठाए।

इस वीडियो में अभिनेता ने गांव के निवासियों से वहां की समस्याओं के बारे में पूछा। लोगों ने बताया कि गांव में अब तक कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं आया है।

अभिनेता ने वीडियो के विवरण में लिखा, "यहां की वर्तमान स्थिति में सरकार की विफलता, भ्रष्टाचार और शिक्षा के प्रति गंभीर उदासीनता का स्पष्ट प्रमाण है। आज जब मैंने करगहर विधानसभा के अंतर्गत बहोरनापुर का दौरा किया, तो वहां के छोटे बच्चे मेरे पास आए और दुखी स्वर में बोले, 'भइया, हमें स्कूल जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है।'"

उन्होंने बरसात के मौसम में वहां की स्थिति पर भी अपने विचार रखे, जिसमें उन्होंने कहा, "वर्तमान में मौसम ठीक है, लेकिन बरसात के दिनों में स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि बच्चों को कमर तक पानी में चलकर स्कूल जाना पड़ता है।"

उन्होंने आगे लिखा, "यह केवल एक गांव की कहानी नहीं है, बल्कि यह हमारे सिस्टम की लापरवाही और सरकार की असंवेदनशीलता का प्रतीक है। सरकार केवल यह दावा करती है कि सभी को शिक्षा का अधिकार है, लेकिन जब हमारे बच्चों को स्कूल जाने के लिए रास्ते ही नहीं मिलते, तो यह अधिकार केवल कागजों तक सीमित रह जाता है। बहोरनापुर जैसे सैकड़ों गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। समय आ गया है कि हम बदलाव लाएं ताकि बिहार के हर बच्चे का रास्ता उज्जवल भविष्य की ओर हो, न कि कीचड़ और पानी की ओर।

जहां तक अभिनेता की बात है, वे भोजपुरी सिनेमा के प्रसिद्ध गायक भी हैं। उनका सबसे चर्चित गाना 'हैलो कौन' है, जो लॉकडाउन के दौरान बहुत वायरल हुआ था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पूरे देश के लिए एक चेतावनी है। जब तक हम बुनियादी ढांचे और शिक्षा पर ध्यान नहीं देंगे, तब तक हमारा भविष्य अंधकारमय रहेगा।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रितेश पांडे ने वीडियो में क्या बताया?
उन्होंने गांव के बच्चों की समस्याओं को उजागर किया, जो रास्ते के बिना स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
बहोरनापुर गांव की स्थिति कैसी है?
गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी है, खासकर बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई होती है।
राष्ट्र प्रेस
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