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सना सईद ने बताया लॉस एंजिल्स में उच्चारण की जंग: 'सुना जाना सबसे ज़रूरी है'

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सना सईद ने बताया लॉस एंजिल्स में उच्चारण की जंग: 'सुना जाना सबसे ज़रूरी है'

सारांश

फिल्म 'कुछ कुछ होता है' की अभिनेत्री सना सईद ने इंस्टाग्राम पर खुलासा किया कि 2016 में लॉस एंजिल्स पहुँचने पर उच्चारण की वजह से रेस्टोरेंट में पानी माँगना भी मुश्किल हो गया था। इस अनुभव ने उन्हें स्पीच ट्रेनिंग लेने और भाषाई आत्मविश्वास बनाने की राह पर डाला।

मुख्य बातें

अभिनेत्री सना सईद ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर लॉस एंजिल्स में उच्चारण से जुड़ी चुनौतियाँ साझा कीं।
2016 में पढ़ाई के लिए अमेरिका पहुँचने पर रेस्टोरेंट में 'वॉटर' माँगने पर भी भाषाई भ्रम की स्थिति बनी।
इस अनुभव के बाद सना ने अपने उच्चारण और बोलने की शैली सुधारने के लिए विशेष ट्रेनिंग ली।
उन्होंने कहा कि उच्चारण का मज़ाक उड़ाना सही नहीं — हर व्यक्ति की बोली उसकी संस्कृति और पृष्ठभूमि से जुड़ी होती है।
कैप्शन में लिखा: 'मेरा एक्सेंट अभी भी परफेक्ट नहीं, लेकिन मुंबई से लॉस एंजिल्स के सफर ने बड़ा सबक दिया।'

अभिनेत्री सना सईद, जिन्होंने सुपरहिट फिल्म 'कुछ कुछ होता है' में शाहरुख खान की बेटी 'अंजलि' का यादगार किरदार निभाया था, ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के ज़रिए अपना एक व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि लॉस एंजिल्स में रहते हुए भाषा, उच्चारण और संवाद को लेकर उन्हें किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

मुंबई से लॉस एंजिल्स तक का सफर

सना सईद वर्तमान में लॉस एंजिल्स में रहती हैं और अपने करियर को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने बताया कि 2016 में वे पहली बार पढ़ाई के उद्देश्य से अमेरिका पहुँची थीं। शुरुआती दिन आसान नहीं थे — रोज़मर्रा की छोटी-छोटी बातों में भी भाषा की दीवार सामने आ जाती थी।

उन्होंने एक किस्सा सुनाया: 'एक बार मैं एक रेस्टोरेंट में गई और पानी माँगा। मैंने कई बार 'वॉटर' कहा, लेकिन वहाँ का स्टाफ मेरा उच्चारण समझ नहीं पाया और 'सोडा' या 'कोक' तक ऑफर करने लगा।' इस घटना ने उन्हें गहराई से सोचने पर मजबूर किया।

उच्चारण पर काम करने का फैसला

सना ने बताया कि उसी दिन उन्हें समझ आया कि अमेरिका में लंबे समय तक रहना है तो संवाद के तरीके पर काम करना होगा। उनके शब्दों में, 'सुना जाना सबसे ज़रूरी है।' इसके बाद उन्होंने अपने उच्चारण और बोलने की शैली सुधारने के लिए विशेष ट्रेनिंग ली।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया बिल्कुल आसान नहीं थी। 'किसी नए देश की भाषा के अनुरूप खुद को ढालना एक नई भाषा सीखने जैसा ही है — इसमें समय, मेहनत और लगातार अभ्यास की ज़रूरत होती है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि उच्चारण बदलने के पीछे केवल तकनीकी कौशल नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की भी बड़ी भूमिका होती है।

उच्चारण का मज़ाक उड़ाना सही नहीं

सना ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि समाज में अक्सर लोग किसी के उच्चारण का मज़ाक उड़ाते हैं या उसे गलत ठहराते हैं, जो उचित नहीं है। उनके अनुसार, 'हर व्यक्ति का बोलने का तरीका उसकी संस्कृति और पृष्ठभूमि से जुड़ा होता है — इसे लेकर नकारात्मक टिप्पणी करना सही नहीं है।'

यह ऐसे समय में आया है जब प्रवासी भारतीयों के बीच सांस्कृतिक पहचान और भाषाई अनुकूलन को लेकर बहस तेज़ हो रही है। सना का यह अनुभव उन लाखों भारतीयों की भावनाओं से जुड़ता है जो विदेश में भाषाई चुनौतियों से जूझते हैं।

अभिनेत्री के लिए आवाज़ सबसे बड़ा हथियार

सना ने ज़ोर देकर कहा कि उनके लिए संवाद केवल बोलना नहीं, बल्कि विचारों को सटीक रूप से दूसरों तक पहुँचाना है। 'अभिनय के क्षेत्र में काम करने वाले कलाकारों के लिए यह और भी ज़रूरी हो जाता है, क्योंकि उनकी आवाज़ और संवाद ही उनका सबसे बड़ा साधन होता है।'

इंस्टाग्राम कैप्शन में दिया भावुक संदेश

अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में सना ने लिखा, 'मेरा एक्सेंट अभी भी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है, लेकिन मुंबई और लॉस एंजिल्स के बीच के इस सफर ने मुझे एक बड़ा सबक दिया है।' उन्होंने कहा कि किसी भी भाषा या उच्चारण को लेकर शर्म महसूस करने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब वे अपनी माँ से बात करती हैं, तो उनका पुराना मुंबई वाला अंदाज़ अपने आप लौट आता है — यह बात उनके लिए एक मुस्कुराहट की वजह है। सना का यह खुलापन उनके प्रशंसकों को एक नई रोशनी में उनसे जोड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जिसे मुख्यधारा का मनोरंजन मीडिया शायद ही कभी उठाता है। गौरतलब है कि बॉलीवुड से हॉलीवुड या पश्चिमी बाज़ार की ओर जाने की कोशिश करने वाले कलाकारों के लिए भाषाई अनुकूलन एक वास्तविक व्यावसायिक चुनौती है, जिसे अक्सर 'ग्लैमरस ट्रांज़िशन' की कहानियों में दबा दिया जाता है। सना का यह खुलापन उस सामाजिक दबाव को भी उजागर करता है जो गैर-देशी उच्चारण वाले लोगों पर डाला जाता है — एक ऐसा पहलू जिस पर भारतीय सार्वजनिक विमर्श में अभी भी गंभीर बहस की ज़रूरत है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सना सईद कौन हैं और वे किस फिल्म से मशहूर हुईं?
सना सईद एक भारतीय अभिनेत्री हैं जो 1998 की सुपरहिट फिल्म 'कुछ कुछ होता है' में शाहरुख खान की बेटी 'अंजलि' के किरदार से घर-घर में पहचानी गईं। वे अब लॉस एंजिल्स में रहती हैं और अपने करियर को नई दिशा दे रही हैं।
सना सईद ने लॉस एंजिल्स में उच्चारण को लेकर क्या अनुभव साझा किया?
सना ने बताया कि 2016 में लॉस एंजिल्स पहुँचने पर एक रेस्टोरेंट में 'वॉटर' माँगने पर उनका उच्चारण समझ नहीं आया और स्टाफ ने 'सोडा' या 'कोक' ऑफर करना शुरू कर दिया। इस घटना ने उन्हें स्पीच ट्रेनिंग लेने के लिए प्रेरित किया।
सना सईद ने उच्चारण सुधारने के लिए क्या किया?
सना ने अपने बोलने के तरीके और उच्चारण पर ध्यान देने के लिए विशेष ट्रेनिंग ली। उनके अनुसार यह प्रक्रिया नई भाषा सीखने जैसी है — इसमें समय, मेहनत और लगातार अभ्यास की ज़रूरत होती है।
सना सईद ने उच्चारण का मज़ाक उड़ाने पर क्या कहा?
सना ने कहा कि किसी के उच्चारण को लेकर नकारात्मक टिप्पणी करना सही नहीं है, क्योंकि हर व्यक्ति का बोलने का तरीका उसकी संस्कृति और पृष्ठभूमि से जुड़ा होता है। उन्होंने ज़ोर दिया कि भाषाई विविधता को सम्मान मिलना चाहिए।
सना सईद का इंस्टाग्राम कैप्शन में क्या संदेश था?
सना ने लिखा कि उनका एक्सेंट अभी भी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है, लेकिन मुंबई से लॉस एंजिल्स के सफर ने उन्हें सिखाया कि किसी भी भाषा या उच्चारण को लेकर शर्म महसूस करने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि माँ से बात करते वक्त उनका पुराना मुंबई वाला अंदाज़ अपने आप लौट आता है।
राष्ट्र प्रेस
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