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संजय दत्त के कहने पर 'कांटे' में जुड़े गाने, आनंद राज आनंद ने खोला टाइटल ट्रैक का राज़

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संजय दत्त के कहने पर 'कांटे' में जुड़े गाने, आनंद राज आनंद ने खोला टाइटल ट्रैक का राज़

सारांश

'कांटे' में गाने होंगे या नहीं — यह फैसला निर्देशक नहीं, संजय दत्त ने किया था। आनंद राज आनंद ने 'इंडियन आइडल' पर खुलासा किया कि दत्त साहब के एक जुमले 'कर लेंगे यार' ने फिल्म को उसका यादगार साउंडट्रैक दिलाया — और टाइटल ट्रैक एक हफ्ते में तैयार हुआ।

मुख्य बातें

'कांटे' में शुरुआत में कोई गाना नहीं था क्योंकि पूरी स्टारकास्ट 45 साल से ऊपर के अभिनेताओं की थी और कोई हीरोइन नहीं थी।
आनंद राज आनंद ने निर्देशक संजय गुप्ता को सुझाव दिया कि संजय दत्त को सूफी गाने पसंद हैं, इसलिए एक महफिल रखी जाए।
संजय दत्त ने 'इश्क समुंदर' और 'माही वे' सुनकर भरोसा जताया — जबकि निर्देशक संशय में थे।
टाइटल ट्रैक 'कॉलर को थोड़ा सा ऊपर...' को पूरा करने में आनंद राज आनंद को एक हफ्ता लगा।
यह किस्सा 'इंडियन आइडल' के आने वाले एपिसोड में होस्ट आदित्य नारायण के साथ बातचीत में सामने आया।

संगीतकार और गीतकार आनंद राज आनंद ने खुलासा किया है कि बॉलीवुड फिल्म 'कांटे' में शुरुआत में कोई गाना नहीं था — और यह संजय दत्त का उत्साह और भरोसा ही था जिसने फिल्म को उसका यादगार साउंडट्रैक दिलाया। यह दिलचस्प किस्सा उन्होंने 'इंडियन आइडल' के आने वाले एपिसोड में होस्ट आदित्य नारायण के साथ साझा किया।

कैसे शुरू हुई गानों की दास्तान

आनंद राज आनंद ने बताया कि 'कांटे' की पूरी स्टारकास्ट 45 साल से ऊपर के अभिनेताओं की थी और फिल्म में कोई हीरोइन भी नहीं थी। इस वजह से शुरुआत में फिल्म में गानों की कोई खास गुंजाइश नहीं थी। उन्होंने कहा, 'शुरुआत में फिल्म में गानों की ज़्यादा गुंजाइश नहीं थी। 'रामा रे' गाने की वजह से ही धीरे-धीरे गाने फिल्म का हिस्सा बने।'

आनंद राज आनंद ने निर्देशक संजय गुप्ता से सुझाव दिया कि संजय दत्त को सूफी संगीत बेहद पसंद है, इसलिए एक महफिल का आयोजन किया जाए जहाँ वे गाने सुना सकें।

दत्त साहब का वो फैसलाकुन भरोसा

आनंद राज आनंद ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले 'इश्क समुंदर' और फिर 'माही वे' सुनाया। निर्देशक संजय गुप्ता को संदेह था कि ये गाने फिल्म में फिट बैठेंगे या नहीं, लेकिन संजय दत्त ने तुरंत कहा, 'कर लेंगे यार, गाने अच्छे लग रहे हैं।' यही वह पल था जब फिल्म का संगीत पक्का हुआ।

इसके बाद संजय गुप्ता ने आनंद राज आनंद से एक थीम सॉन्ग बनाने को कहा — ठीक वैसे जैसे जेम्स बॉन्ड या मिशन: इम्पॉसिबल का थीम होता है।

टाइटल ट्रैक की रचना: एक हफ्ते में जन्मा आइकॉनिक गाना

आनंद राज आनंद ने बताया कि निर्देशक ने उन्हें बस इतना बताया कि किरदार कॉलर खड़े करके, सिगरेट पीते हुए, गुफा में बैठकर डकैती का प्लान बना रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने सोचा कि मुखड़ा तो आपने ही दे दिया — 'कॉलर को थोड़ा सा ऊपर...' — बस वहीं से शुरुआत हुई।' इस गाने को पूरा करने में उन्हें एक हफ्ता लगा, और यही 'कांटे' के टाइटल ट्रैक की नींव बनी।

फिल्म और संगीत की विरासत

गौरतलब है कि 'कांटे' अपने समय की एक अलग तरह की बॉलीवुड फिल्म थी — हॉलीवुड शैली की हेइस्ट थ्रिलर, जिसमें अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी और मनोज बाजपेयी जैसे दिग्गज एक साथ नज़र आए थे। इस फिल्म का संगीत आज भी श्रोताओं के बीच लोकप्रिय है, और आनंद राज आनंद के इस खुलासे ने उस संगीत के पीछे की अनकही कहानी को सामने ला दिया है।

यह ऐसे समय में आया है जब 'इंडियन आइडल' का नया सीज़न दर्शकों को बॉलीवुड के सुनहरे दौर की यादें ताज़ा करा रहा है। आने वाले एपिसोड में आनंद राज आनंद की यह बातचीत निश्चित रूप से संगीत प्रेमियों के लिए एक खास अनुभव होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

हेइस्ट-शैली की फिल्म में गानों का जुड़ना रचनात्मक जोखिम था, लेकिन संजय दत्त की स्वीकृति ने उसे संभव बनाया। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर निर्देशक या निर्माता को श्रेय देती है, जबकि यह प्रसंग बताता है कि परदे के पीछे अभिनेता की भूमिका भी उतनी ही निर्णायक हो सकती है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'कांटे' फिल्म में गाने कैसे शामिल हुए?
शुरुआत में 'कांटे' में कोई गाना नहीं था क्योंकि फिल्म में सभी अभिनेता 45 साल से ऊपर के थे और कोई हीरोइन नहीं थी। संगीतकार आनंद राज आनंद ने निर्देशक संजय गुप्ता को सुझाव दिया कि संजय दत्त को सूफी संगीत पसंद है, इसलिए एक महफिल रखी जाए — और वहीं से गानों का सिलसिला शुरू हुआ।
'कांटे' के टाइटल ट्रैक 'कॉलर को थोड़ा सा ऊपर' की रचना कैसे हुई?
निर्देशक संजय गुप्ता ने आनंद राज आनंद को बताया कि किरदार कॉलर खड़े करके, सिगरेट पीते हुए, गुफा में डकैती का प्लान बना रहे हैं। आनंद राज आनंद ने इसी विवरण से मुखड़ा निकाला और एक हफ्ते में पूरा टाइटल ट्रैक तैयार कर दिया।
संजय दत्त ने 'कांटे' के संगीत में क्या भूमिका निभाई?
जब निर्देशक संजय गुप्ता को संदेह था कि गाने फिल्म में फिट होंगे या नहीं, तब संजय दत्त ने 'इश्क समुंदर' और 'माही वे' सुनकर कहा — 'कर लेंगे यार, गाने अच्छे लग रहे हैं।' उनके इसी भरोसे ने फिल्म के साउंडट्रैक को हरी झंडी दिलाई।
आनंद राज आनंद ने यह किस्सा कहाँ सुनाया?
आनंद राज आनंद ने यह दिलचस्प किस्सा 'इंडियन आइडल' के आने वाले एपिसोड में होस्ट आदित्य नारायण के साथ बातचीत के दौरान साझा किया।
'कांटे' फिल्म में कौन-कौन से मुख्य कलाकार थे?
'कांटे' एक हेइस्ट थ्रिलर थी जिसमें अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी और मनोज बाजपेयी जैसे दिग्गज अभिनेता एक साथ नज़र आए थे। फिल्म में कोई हीरोइन नहीं थी और यही इसे उस दौर की एक अनोखी बॉलीवुड फिल्म बनाता था।
राष्ट्र प्रेस
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