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सीरत कपूर: 'भावनाओं को शब्दों की ज़रूरत नहीं' — दक्षिण भारतीय सिनेमा ने बदला अभिनय का नज़रिया

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सीरत कपूर: 'भावनाओं को शब्दों की ज़रूरत नहीं' — दक्षिण भारतीय सिनेमा ने बदला अभिनय का नज़रिया

सारांश

सीरत कपूर के लिए दक्षिण भारतीय सिनेमा सिर्फ काम की जगह नहीं, बल्कि एक पाठशाला रही — जिसने उन्हें सिखाया कि असली अभिनय भाषा से परे होता है। अब वे पाँच भाषाओं में आ रही फिल्म 'जटस्या मरणम ध्रुवम' के साथ अपना अगला बड़ा दांव लगाने को तैयार हैं।

मुख्य बातें

अभिनेत्री सीरत कपूर ने कहा कि दक्षिण भारतीय सिनेमा ने उन्हें अभिनय में 'सहज और अनुकूलनीय' बनाया।
उनका प्रसिद्ध कथन: 'भावनाओं को शब्दों की ज़रूरत नहीं होती' — अलग-अलग भाषाओं में काम करने से मिली सीख।
आगामी फिल्म 'जटस्या मरणम ध्रुवम' अगले महीने पाँच भाषाओं में एक साथ रिलीज़ होगी।
फिल्म में दिग्गज अभिनेता जेडी चक्रवर्ती अहम भूमिका में हैं।
क्लाइमेक्स शूट के दौरान हाथों में सूजन के कारण चूड़ियाँ उतारने में टीम को मशक्कत करनी पड़ी।

अभिनेत्री सीरत कपूर ने खुलासा किया है कि दक्षिण भारतीय सिनेमा में काम करने के अनुभव ने उनके अभिनय को एक नई गहराई और परिपक्वता दी। 29 जुलाई को मुंबई में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषाओं और संस्कृतियों के बीच काम करने से उन्हें यह समझ मिली कि भावनाएँ किसी एक भाषा की मोहताज नहीं होतीं।

दक्षिण सिनेमा ने दिया करियर को मज़बूत आधार

सीरत कपूर ने कहा, 'दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने मेरे करियर को एक मज़बूत आधार दिया। अलग-अलग भाषाओं में काम करना मेरे लिए एक चुनौती भी रहा और सीखने का बड़ा मौका भी। इस अनुभव ने मुझे अभिनय में ज़्यादा सहज, परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने वाला और अपने काम के प्रति ईमानदार बनाया। इसने मुझे सिखाया कि भावनाओं को शब्दों की ज़रूरत नहीं होती।'

यह बात ऐसे समय में आई है जब हिंदी सिनेमा के कई कलाकार पैन-इंडिया फिल्मों की ओर रुख कर रहे हैं और दोनों उद्योगों के बीच सहयोग तेज़ी से बढ़ा है। सीरत का यह अनुभव उस व्यापक प्रवृत्ति को रेखांकित करता है जहाँ भाषाई सीमाएँ धुंधली हो रही हैं।

कलाकार के लिए सबसे ज़रूरी क्या

अभिनेत्री ने आज के दौर में कलाकारों के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, 'किसी कलाकार के लिए सबसे ज़रूरी बात यह है कि उसे सही कारणों से याद रखा जाए। लोकप्रियता और चर्चा कुछ समय के लिए हो सकती है, लेकिन अच्छे काम से मिलने वाला सम्मान लंबे समय तक बना रहता है।'

गौरतलब है कि सोशल मीडिया के दौर में जहाँ त्वरित प्रसिद्धि आसान हो गई है, वहाँ एक अभिनेत्री का यह दृष्टिकोण उनकी कला के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।

आगामी फिल्म 'जटस्या मरणम ध्रुवम'

सीरत कपूर जल्द ही फिल्म 'जटस्या मरणम ध्रुवम' में नज़र आने वाली हैं। इस फिल्म में उनके साथ दिग्गज अभिनेता जेडी चक्रवर्ती भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। यह फिल्म अगले महीने पाँच भाषाओं में एक साथ रिलीज़ होने वाली है, जो इसे एक बड़ी पैन-इंडिया प्रस्तुति बनाती है।

शूटिंग का मुश्किल अनुभव

सीरत ने इस फिल्म की शूटिंग के दौरान एक कठिन पल भी साझा किया। उन्होंने बताया कि क्लाइमेक्स सीन की शूटिंग के दौरान उनके हाथों में सूजन आ जाने के कारण चूड़ियाँ उतारना मुश्किल हो गया था।

उन्होंने कहा, 'मुझे याद है जब हम फिल्म के आखिरी क्लाइमेक्स सीन की शूटिंग कर रहे थे। मैंने उस सीन के लिए चूड़ियाँ पहनी थीं और शूट पूरा होने के बाद सूजे हुए हाथों की वजह से हम उन्हें निकाल नहीं पाए। टीम की मदद से जैसे-तैसे चूड़ियाँ निकाली गईं।' यह किस्सा उनकी प्रतिबद्धता और फिल्म की शूटिंग की तीव्रता दोनों को उजागर करता है।

फिल्म की रिलीज़ के साथ यह देखना दिलचस्प होगा कि सीरत का यह पैन-इंडिया दांव उनके करियर को नई ऊँचाइयाँ देता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कला की तालीम के लिए भी देख रहे हैं — यह एक दशक पहले तक उलटा था। लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि पैन-इंडिया फिल्मों की बाढ़ में कई कलाकार 'क्रॉसओवर' का दावा करते हैं, जबकि उनकी फिल्में दर्शकों तक पहुँचने से पहले ही गुम हो जाती हैं। 'जटस्या मरणम ध्रुवम' की असली परीक्षा रिलीज़ के बाद होगी — तब पता चलेगा कि यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर्दे पर कितना उतरा।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीरत कपूर ने दक्षिण भारतीय सिनेमा के बारे में क्या कहा?
सीरत कपूर ने कहा कि दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने उनके करियर को मज़बूत आधार दिया और उन्हें अभिनय में अधिक सहज व अनुकूलनीय बनाया। उनके अनुसार, इस अनुभव ने सिखाया कि 'भावनाओं को शब्दों की ज़रूरत नहीं होती।'
सीरत कपूर की अगली फिल्म कौन सी है और कब रिलीज़ होगी?
सीरत कपूर की आगामी फिल्म 'जटस्या मरणम ध्रुवम' है, जो अगले महीने पाँच भाषाओं में एक साथ रिलीज़ होने वाली है। इस फिल्म में उनके साथ दिग्गज अभिनेता जेडी चक्रवर्ती भी अहम भूमिका में हैं।
सीरत कपूर को शूटिंग के दौरान क्या चोट लगी थी?
फिल्म 'जटस्या मरणम ध्रुवम' के क्लाइमेक्स सीन की शूटिंग के दौरान सीरत के हाथों में सूजन आ गई, जिससे उन्होंने जो चूड़ियाँ पहनी थीं वे उतारना मुश्किल हो गया। अंततः पूरी टीम की मदद से चूड़ियाँ निकाली गईं।
सीरत कपूर के अनुसार एक सफल कलाकार के लिए सबसे ज़रूरी क्या है?
सीरत कपूर का मानना है कि एक कलाकार को सही कारणों से याद रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार लोकप्रियता अस्थायी होती है, लेकिन अच्छे काम से मिला सम्मान दीर्घकालिक होता है।
'जटस्या मरणम ध्रुवम' में कौन-कौन से कलाकार हैं?
इस फिल्म में सीरत कपूर मुख्य भूमिका में हैं और उनके साथ दिग्गज अभिनेता जेडी चक्रवर्ती महत्वपूर्ण किरदार निभा रहे हैं। फिल्म पाँच भाषाओं में रिलीज़ होगी, जो इसे एक बड़ी पैन-इंडिया प्रस्तुति बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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