20 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शान का खुलासा: 'गायकी में मैं परिवार की सबसे कमज़ोर कड़ी था', करियर अपनाने में हिचकिचाए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शान का खुलासा: 'गायकी में मैं परिवार की सबसे कमज़ोर कड़ी था', करियर अपनाने में हिचकिचाए

सारांश

शान ने माना कि वह अपने संगीतमय परिवार में सबसे कमज़ोर कड़ी थे और गायकी की जगह पत्रकारिता-विज्ञापन में जाना चाहते थे। लगातार मिलते अवसरों ने उन्हें आखिरकार इस करियर को अपनाने पर मजबूर किया — आत्मसंशय से सुपरस्टार तक का यह सफर प्रेरक है।

मुख्य बातें

प्लेबैक सिंगर शान ने फिल्म ट्रेड विशेषज्ञ कोमल नाहटा के पॉडकास्ट 'गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़' में अपने शुरुआती जीवन पर बात की।
शान ने खुद को अपने परिवार में संगीत की सबसे कमज़ोर कड़ी बताया — पिता, दादा, माँ और बहन सभी प्रतिभाशाली गायक थे।
शान शुरुआत में पत्रकारिता और विज्ञापन में करियर बनाना चाहते थे; गायकी के लिए कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया।
उन्होंने कम उम्र में मिले कई गायकी के अवसर ठुकरा दिए थे, लेकिन लगातार मिलते मौकों के कारण आखिरकार करियर स्वीकार किया।
शान का मानना है कि संगीत प्रतिभा जेनेटिक नहीं, बल्कि परिवेश और कंडीशनिंग का परिणाम है।

प्लेबैक सिंगर शान ने एक बार खुलासा किया है कि वह शुरुआत में गायकी को करियर के रूप में अपनाने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। उन्हें लगता था कि संगीत के मामले में वह अपने परिवार की सबसे कमज़ोर कड़ी हैं — एक ऐसे परिवार में जहाँ पिता, दादा, माँ और बहन सभी प्रतिभाशाली गायक थे। यह स्वीकारोक्ति उन्होंने फिल्म ट्रेड विशेषज्ञ कोमल नाहटा के पॉडकास्ट 'गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़' में साझा की।

संगीत परिवार में आत्मविश्वास की कमी

शान के पिता एक संगीतकार और कुशल गायक थे। उनके दादा, माँ और बहन भी संगीत में पारंगत थे। इस समृद्ध संगीतमय माहौल में पले-बढ़े होने के बावजूद शान को हमेशा यह लगता रहा कि वह इस विरासत के सबसे कमज़ोर उत्तराधिकारी हैं।

उन्होंने अपने शब्दों में कहा, 'मैं अपने परिवार में संगीत के मामले में सबसे कमज़ोर कड़ी था। मेरे पिता संगीतकार और बहुत अच्छे गायक थे। मेरे दादा, माँ और बहन भी अच्छे गायक थे। सच कहूँ तो मुझे हमेशा लगता था कि संगीत के मामले में मैं अपने परिवार में सबसे कमज़ोर था।'

पत्रकारिता और विज्ञापन की ओर था झुकाव

शान ने बताया कि किशोरावस्था में उनके मन में एक विद्रोही सोच थी और उनकी रुचि पत्रकारिता तथा विज्ञापन की दुनिया में थी। गायकी उनके लिए कोई सुनियोजित लक्ष्य नहीं थी — वह स्वाभाविक रूप से उनके जीवन में आई।

उन्होंने कहा, 'बड़े होते समय मेरे अंदर विद्रोही सोच थी। मैं पत्रकारिता और विज्ञापन करना चाहता था। गायकी मेरे लिए स्वाभाविक रूप से आई। मैंने इसके लिए कोई प्रशिक्षण नहीं लिया था।'

प्रतिभा नहीं, परिवेश ने बनाया गायक

शान का मानना है कि संगीत की प्रतिभा केवल जीन से नहीं, बल्कि परिवेश और परिस्थितियों से भी आती है। उनके अनुसार घर में लगातार संगीत का माहौल रहने के कारण धीरे-धीरे उनके भीतर भी गायकी विकसित होती गई।

उन्होंने स्पष्ट किया, 'लोग अक्सर मानते हैं कि गायकी की प्रतिभा परिवार से मिलती है, लेकिन मैं इसे जेनेटिक चीज़ नहीं मानता। मैं इसे कंडीशनिंग मानता हूँ। जिस माहौल में कोई बच्चा बड़ा होता है, उसका असर भी उसकी प्रतिभा पर पड़ता है।'

शुरुआती अवसर और झिझक

मुंबई में पले-बढ़े शान को कम उम्र में ही विज्ञापनों के लिए गाने के अवसर मिलने लगे थे, क्योंकि उनकी माँ कोरस सिंगर थीं और उनके पिता संगीत जगत में जाने-माने चेहरे थे। जब लोगों को पता चला कि शान और उनकी बहन भी गा सकते हैं, तो दरवाज़े खुलने लगे।

बावजूद इसके, उन्होंने कई मौकों को ठुकरा दिया। उनके शब्दों में, 'उस समय मैंने कई मौकों को ठुकरा दिया था। मैं गायकी को करियर के तौर पर अपनाने के लिए तैयार नहीं था। बाद में लगातार मिलते अवसरों के कारण मैंने आखिरकार इसे स्वीकार कर लिया।' आज शान भारतीय संगीत उद्योग के सबसे पहचाने जाने वाले प्लेबैक सिंगरों में शुमार हैं — यह सफर आत्मसंशय से आत्मस्वीकृति तक का है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऊँची पारिवारिक विरासत कभी-कभी आत्मसंशय को और गहरा कर देती है। यह दिलचस्प है कि जिस व्यक्ति ने पत्रकारिता चुनने की सोची थी, वह आज भारतीय संगीत उद्योग का एक स्थायी स्तंभ है। शान की 'कंडीशनिंग बनाम जेनेटिक्स' वाली थ्योरी संगीत शिक्षा और प्रतिभा-विकास पर एक गंभीर बहस की माँग करती है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शान ने गायकी में करियर बनाने से पहले क्या करना चाहते थे?
शान पत्रकारिता और विज्ञापन के क्षेत्र में जाना चाहते थे। उन्होंने बताया कि बड़े होते समय उनके मन में विद्रोही सोच थी और गायकी उनके लिए कोई सुनियोजित लक्ष्य नहीं थी, बल्कि स्वाभाविक रूप से उनके जीवन में आई।
शान ने खुद को परिवार की 'सबसे कमज़ोर कड़ी' क्यों कहा?
शान के पिता संगीतकार और कुशल गायक थे, जबकि उनके दादा, माँ और बहन भी प्रतिभाशाली गायक थे। इस संगीतमय पृष्ठभूमि के बीच शान को हमेशा लगता था कि उनकी गायकी परिवार के अन्य सदस्यों की तुलना में कमज़ोर है।
शान को गायकी में पहले अवसर कैसे मिले?
शान की माँ कोरस सिंगर थीं और उनके पिता संगीत जगत में जाने-माने थे। जब उद्योग के लोगों को पता चला कि शान और उनकी बहन भी गा सकते हैं, तो उन्हें कम उम्र में ही विज्ञापनों के लिए गाने के अवसर मिलने लगे।
शान का संगीत प्रतिभा के बारे में क्या मानना है?
शान मानते हैं कि संगीत की प्रतिभा केवल जीन से नहीं आती, बल्कि यह 'कंडीशनिंग' का परिणाम है। उनके अनुसार घर में लगातार संगीत का माहौल रहने के कारण धीरे-धीरे उनके भीतर भी गायकी विकसित होती गई।
शान ने यह बातें किस मंच पर साझा कीं?
शान ने यह खुलासे फिल्म ट्रेड विशेषज्ञ कोमल नाहटा के पॉडकास्ट 'गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़' में किए, जहाँ उन्होंने अपने शुरुआती दिनों और संगीत के सफर के बारे में खुलकर बात की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 17 घंटे पहले
  2. 17 घंटे पहले
  3. 17 घंटे पहले
  4. 17 घंटे पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले