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शान का खुलासा: 'परिवार में संगीत की सबसे कमज़ोर कड़ी था मैं', गायकी को करियर बनाने से किया था इनकार

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शान का खुलासा: 'परिवार में संगीत की सबसे कमज़ोर कड़ी था मैं', गायकी को करियर बनाने से किया था इनकार

सारांश

शान — जिनकी आवाज़ ने करोड़ों दिलों को छुआ — एक समय खुद को अपने संगीत परिवार की सबसे कमज़ोर कड़ी मानते थे। पत्रकारिता और विज्ञापन का सपना देखने वाले शान ने गायकी के कई शुरुआती प्रस्ताव ठुकराए, लेकिन परिवेश और लगातार मिलते अवसरों ने उन्हें भारतीय संगीत का एक अनमोल नाम बना दिया।

मुख्य बातें

प्लेबैक सिंगर शान ने माना कि वे खुद को अपने परिवार में संगीत की सबसे कमज़ोर कड़ी मानते थे।
शान के पिता संगीतकार, और दादा, माँ व बहन सभी कुशल गायक थे।
शुरुआत में शान पत्रकारिता और विज्ञापन में करियर बनाना चाहते थे; गायकी के लिए कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया।
उन्होंने कम उम्र में मिले कई विज्ञापन गायन के प्रस्ताव ठुकरा दिए थे।
शान का मानना है कि गायकी की प्रतिभा जेनेटिक नहीं, बल्कि परिवेश की देन है।

प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर शान ने एक बार अपनी ही गायकी पर इतना कम भरोसा किया कि उन्होंने संगीत को करियर के रूप में अपनाने से साफ़ इनकार कर दिया था। फिल्म ट्रेड एक्सपर्ट कोमल नाहटा के पॉडकास्ट 'गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़' में उन्होंने यह स्वीकार किया कि वे खुद को अपने संगीत-प्रेमी परिवार की सबसे कमज़ोर कड़ी मानते थे। यह बात उस गायक के लिए चौंकाने वाली है जिसने आज भारतीय फ़िल्म संगीत में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।

परिवार में संगीत का माहौल, फिर भी आत्मविश्वास की कमी

शान के परिवार में संगीत की गहरी जड़ें थीं। उनके पिता एक संगीतकार और कुशल गायक थे, जबकि उनके दादा, माँ और बहन भी बेहतरीन गायक थे। इतने समृद्ध संगीत परिवेश में पले-बढ़े होने के बावजूद शान को हमेशा यही लगता रहा कि गायकी के मामले में वे परिवार के बाकी सदस्यों से पीछे हैं।

उन्होंने पॉडकास्ट में कहा, 'मैं अपने परिवार में संगीत के मामले में सबसे कमज़ोर कड़ी था। मेरे पिता संगीतकार और बहुत अच्छे गायक थे। मेरे दादा, माँ और बहन भी अच्छे गायक थे। सच कहूँ तो मुझे हमेशा लगता था कि संगीत के मामले में मैं अपने परिवार में सबसे कमज़ोर था।'

पत्रकारिता और विज्ञापन की राह चुनना चाहते थे शान

शान ने बताया कि किशोरावस्था में उनके भीतर एक विद्रोही सोच थी और वे पत्रकारिता तथा विज्ञापन के क्षेत्र में जाना चाहते थे। गायकी उनके लिए कोई सुनियोजित लक्ष्य नहीं थी, बल्कि यह उनके जीवन में स्वाभाविक रूप से आई।

उन्होंने कहा, 'बड़े होते समय मेरे अंदर विद्रोही सोच थी। मैं पत्रकारिता और विज्ञापन करना चाहता था। गायकी मेरे लिए स्वाभाविक रूप से आई — मैंने इसके लिए कोई प्रशिक्षण नहीं लिया था।'

प्रतिभा नहीं, परिवेश ने बनाया गायक

शान का मानना है कि गायकी की प्रतिभा जेनेटिक नहीं, बल्कि परिवेश की देन होती है। उन्होंने कहा, 'लोग अक्सर मानते हैं कि गायकी की प्रतिभा परिवार से मिलती है, लेकिन मैं इसे जेनेटिक चीज़ नहीं मानता। मैं इसे कंडीशनिंग मानता हूँ। जिस माहौल में कोई बच्चा बड़ा होता है, उसका असर उसकी प्रतिभा पर पड़ता है। घर में लगातार संगीत का माहौल होने की वजह से मेरे अंदर भी गायकी धीरे-धीरे आती गई।'

मुंबई और माँ के कनेक्शन ने दिए शुरुआती मौके

शान की माँ कोरस सिंगर थीं और उनके पिता संगीत जगत में जाने-माने चेहरे थे। जब उद्योग के लोगों को पता चला कि शान और उनकी बहन भी गा सकते हैं, तो उन्हें बेहद कम उम्र में विज्ञापनों के लिए गाने का अवसर मिला। हालाँकि, शान ने उस दौर में कई प्रस्ताव ठुकरा दिए।

उन्होंने कहा, 'मैं गायकी को करियर के तौर पर अपनाने के लिए तैयार नहीं था। बाद में लगातार मिलते अवसरों के कारण मैंने आखिरकार इसे स्वीकार कर लिया।' यह वही निर्णय था जिसने भारतीय संगीत को एक अनूठी आवाज़ दी।

आगे का सफर

शान का यह खुलासा उन तमाम युवा गायकों के लिए प्रेरणा है जो आत्मसंदेह से जूझ रहे हैं। उनकी कहानी बताती है कि सफलता का रास्ता हमेशा सीधा नहीं होता — कभी-कभी सबसे बड़ा करियर वही बनता है जिसे आप शुरुआत में अस्वीकार कर देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ शान का संदेह और इनकार एक अलग ही कहानी कहते हैं। उनकी 'कंडीशनिंग बनाम जेनेटिक्स' की थ्योरी भी दिलचस्प है — यह युवा प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण है जो बिना फ़िल्मी पृष्ठभूमि के इस क्षेत्र में कदम रखना चाहते हैं।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शान ने शुरुआत में गायकी को करियर क्यों नहीं बनाना चाहा?
शान को लगता था कि वे अपने संगीत-प्रेमी परिवार में सबसे कमज़ोर गायक हैं, इसलिए उन्होंने शुरुआत में पत्रकारिता और विज्ञापन के क्षेत्र में जाने का मन बनाया था। लगातार मिलते अवसरों के कारण उन्होंने अंततः गायकी को स्वीकार किया।
शान का संगीत परिवार कौन-कौन से लोगों से बना है?
शान के पिता एक संगीतकार और कुशल गायक थे, जबकि उनके दादा, माँ और बहन भी अच्छे गायक थे। उनकी माँ कोरस सिंगर थीं और पिता के ज़रिए परिवार का संगीत उद्योग में अच्छा नेटवर्क था।
शान को पहला गायन अवसर कैसे मिला?
उनकी माँ के कोरस सिंगर होने और पिता की उद्योग में पहचान के कारण जब लोगों को पता चला कि शान और उनकी बहन भी गा सकते हैं, तो उन्हें बहुत कम उम्र में विज्ञापनों के लिए गाने का मौका मिला। हालाँकि शान ने उस समय कई प्रस्ताव ठुकरा दिए थे।
शान ने 'गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़' में क्या साझा किया?
फिल्म ट्रेड एक्सपर्ट कोमल नाहटा के इस पॉडकास्ट में शान ने अपने शुरुआती संघर्ष, परिवार में आत्मविश्वास की कमी, और गायकी को करियर के रूप में स्वीकार करने की पूरी यात्रा के बारे में खुलकर बात की।
क्या शान मानते हैं कि गायकी की प्रतिभा जन्मजात होती है?
नहीं, शान इसे जेनेटिक नहीं बल्कि 'कंडीशनिंग' मानते हैं। उनका कहना है कि बच्चा जिस माहौल में बड़ा होता है, उसका असर उसकी प्रतिभा पर पड़ता है — घर में लगातार संगीत के वातावरण ने ही उनके भीतर गायकी को धीरे-धीरे विकसित किया।
राष्ट्र प्रेस
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