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'रिमझिम गिरे सावन' गाकर शान ने पंचम दा को दी 87वीं जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि

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'रिमझिम गिरे सावन' गाकर शान ने पंचम दा को दी 87वीं जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि

सारांश

मानसून की फुहारों के बीच शान ने 'रिमझिम गिरे सावन' गाकर पंचम दा को याद किया — एक ऐसा गीत जो 1979 से आज तक हर बारिश में गूँजता है। यह श्रद्धांजलि सिर्फ एक गाने की नहीं, बल्कि उस संगीत क्रांति की है जो आर.डी. बर्मन ने तीन दशकों में रची।

मुख्य बातें

सिंगर शान ने 27 जून 2026 को आर.डी.
बर्मन की 87वीं जयंती पर सोशल मीडिया पर 'रिमझिम गिरे सावन' गाकर श्रद्धांजलि दी।
'रिमझिम गिरे सावन' फिल्म 'मंजिल' (1979) का गीत है, जिसमें अमिताभ बच्चन और मौसमी चटर्जी थे।
बर्मन ने 300 से अधिक फिल्मों के लिए संगीत दिया और भारतीय धुनों को पश्चिमी संगीत शैलियों से जोड़ा।
उनका जन्म 27 जून 1939 को कोलकाता में हुआ और निधन 4 जनवरी 1994 को 54 वर्ष की आयु में हुआ।
वे संगीतकार सचिन देव बर्मन और गीतकार मीरा देव बर्मन के पुत्र थे।

मशहूर प्लेबैक सिंगर शान ने दिग्गज संगीतकार राहुल देव बर्मन (आर.डी. बर्मन) की 87वीं जयंती पर कालजयी गीत 'रिमझिम गिरे सावन' गाकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। 27 जून को सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस वीडियो ने संगीत प्रेमियों के बीच पंचम दा की यादें ताज़ा कर दीं।

मानसून की फुहारों में भावुक श्रद्धांजलि

शान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वे अपने घर के बाड़े में पीले रंग की टी-शर्ट पहने, मानसून की फुहारों का आनंद लेते नज़र आए। वीडियो की शुरुआत में उन्होंने कहा, 'मौसम बहुत खूबसूरत है और इसमें एक हल्की-सी उदासी भी है। मानसून का मौसम है और पंचम दा की जयंती पर यह मेरी ओर से एक छोटी-सी श्रद्धांजलि है।' इसके बाद उन्होंने यह गीत बेहद भावपूर्ण अंदाज़ में प्रस्तुत किया।

'रिमझिम गिरे सावन' — एक सदाबहार क्लासिक

'रिमझिम गिरे सावन' मूल रूप से 1979 में प्रदर्शित फिल्म 'मंजिल' का गीत है, जिसमें अमिताभ बच्चन और मौसमी चटर्जी ने मुख्य भूमिकाएँ निभाई थीं। इस गीत को आर.डी. बर्मन ने संगीतबद्ध किया था। किशोर कुमार और लता मंगेशकर की आवाज़ों में इसके दो लोकप्रिय संस्करण आज भी हिंदी सिनेमा के मानसून गीतों में सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं।

पंचम दा की संगीत विरासत

'पंचम दा' के नाम से प्रसिद्ध आर.डी. बर्मन ने भारतीय धुनों को जैज़, रॉक और लैटिन संगीत के साथ सम्मिश्रित कर हिंदी फिल्म संगीत में एक नई क्रांति की नींव रखी। अपने लगभग तीन दशकों के करियर में उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया। 'चुरा लिया है तुमने', 'महबूबा महबूबा', 'दम मारो दम', 'ये शाम मस्तानी', 'मुसाफिर हूँ यारों' और 'तेरे बिना ज़िंदगी से' जैसी रचनाएँ उनकी अमर धरोहर हैं।

जन्म और परिवार

आर.डी. बर्मन का जन्म 27 जून 1939 को कोलकाता में हुआ था। वे मशहूर संगीतकार सचिन देव बर्मन (एस.डी. बर्मन) और गीतकार मीरा देव बर्मन के पुत्र थे। उनके पिता एस.डी. बर्मन भी भारतीय सिनेमा के महानतम संगीत निर्देशकों में गिने जाते हैं, जिन्होंने 'गाइड', 'प्यासा', 'बंदिनी', 'ज्वेल थीफ' और 'आराधना' जैसी फिल्मों में यादगार संगीत दिया।

विरासत जो आज भी गूँजती है

आर.डी. बर्मन का निधन 4 जनवरी 1994 को मात्र 54 वर्ष की आयु में हुआ, लेकिन उनकी धुनें आज भी उतनी ही ताज़ी और प्रासंगिक हैं। शान जैसे कलाकारों का उन्हें इस तरह याद करना इस बात का प्रमाण है कि पंचम दा की संगीत विरासत पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवित रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह केवल नॉस्टैल्जिया नहीं, बल्कि उस संगीत रचना की ताकत है जो पाँच दशक बाद भी श्रोताओं से सीधे संवाद करती है। पंचम दा ने जो पश्चिमी और भारतीय संगीत का संगम रचा, उसकी नकल आज तक कोई नहीं कर पाया — और शायद यही उनकी सबसे बड़ी विरासत है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शान ने आर.डी. बर्मन को श्रद्धांजलि कैसे दी?
शान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने आर.डी. बर्मन की 87वीं जयंती पर 'रिमझिम गिरे सावन' गाया। वीडियो में वे अपने घर के बाड़े में मानसून का आनंद लेते हुए इस कालजयी गीत को भावपूर्ण अंदाज़ में प्रस्तुत करते नज़र आए।
'रिमझिम गिरे सावन' किस फिल्म का गाना है?
'रिमझिम गिरे सावन' 1979 में प्रदर्शित फिल्म 'मंजिल' का गीत है, जिसमें अमिताभ बच्चन और मौसमी चटर्जी ने अभिनय किया था। इसे आर.डी. बर्मन ने संगीतबद्ध किया था और किशोर कुमार व लता मंगेशकर ने गाया था।
आर.डी. बर्मन कौन थे और उनकी विरासत क्या है?
राहुल देव बर्मन, जिन्हें 'पंचम दा' कहा जाता था, हिंदी फिल्म संगीत के सबसे प्रभावशाली संगीतकारों में से एक थे। उन्होंने तीन दशकों में 300 से अधिक फिल्मों के लिए संगीत दिया और भारतीय धुनों को जैज़, रॉक व लैटिन संगीत से जोड़कर एक नई शैली विकसित की।
आर.डी. बर्मन का जन्म और निधन कब हुआ?
आर.डी. बर्मन का जन्म 27 जून 1939 को कोलकाता में हुआ था। उनका निधन 4 जनवरी 1994 को 54 वर्ष की आयु में हुआ। वे संगीतकार सचिन देव बर्मन के पुत्र थे।
आर.डी. बर्मन के सबसे प्रसिद्ध गाने कौन से हैं?
आर.डी. बर्मन की कालजयी रचनाओं में 'चुरा लिया है तुमने', 'महबूबा महबूबा', 'दम मारो दम', 'ये शाम मस्तानी', 'मुसाफिर हूँ यारों', 'तेरे बिना ज़िंदगी से' और 'रिमझिम गिरे सावन' शामिल हैं। ये गीत आज भी हिंदी सिनेमा की अमर धरोहर माने जाते हैं।
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