'दिल के झरोखे में' की शूटिंग में शम्मी कपूर रो पड़े, गीतकार मनोज मुंतशिर ने सुनाया भावुक किस्सा
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 8 मई 2026 (राष्ट्र प्रेस)। इंडियन आइडल के आने वाले एपिसोड में दिग्गज गायक मोहम्मद रफी और दिवंगत अभिनेता शम्मी कपूर की क्लासिक जोड़ी को उनके सदाबहार गीत 'दिल के झरोखे में' के माध्यम से याद किया जाएगा। यह एपिसोड आशा भोसले को समर्पित है और इसमें गीतकार एवं कवि मनोज मुंतशिर भी उपस्थित रहेंगे।
शम्मी कपूर की अनिच्छा का सच
मनोज मुंतशिर ने शो में एक दिलचस्प किस्सा साझा किया कि शुरुआत में शम्मी कपूर इस गाने को फिल्माने के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने कहा, "जब यह गाना शम्मी जी को सुनाया गया, तो उन्होंने इसे फिल्माने से मना कर दिया था। 'ब्रह्मचारी' फिल्म के निर्माता रमेश सिप्पी थे और सेट पर यह खबर फैलते ही सभी को लगा कि शायद उन्हें गाना पसंद नहीं आया।"
भावुकता का डर
लेकिन असली कारण कुछ और था। मुंतशिर ने बताया कि शम्मी कपूर को चिंता थी कि शंकर–जयकिशन द्वारा रचित इतने भावुक गीत की शूटिंग के दौरान वह अपने आंसू नहीं रोक पाएँगे। मनोज ने शम्मी के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा, "उन्होंने कहा था, 'मैं खुद को जानता हूँ… कृपया यह गाना बदल दीजिए।' उन्हें डर था कि भावनात्मक दृश्य में वे नियंत्रण खो देंगे।"
शूटिंग के दौरान भावनाओं का उफान
गौरतलब है कि शम्मी कपूर ने बाद में एक साक्षात्कार में स्वीकार किया था कि इस गीत की शूटिंग के दौरान आंसू रोकना उनके लिए अत्यंत कठिन था। मनोज मुंतशिर ने कहा कि उस गहन भावना को केवल शम्मी का हृदय ही समझ सकता था। यह प्रसंग उनकी कलात्मक संवेदनशीलता और पात्र को जीने की गहराई का प्रमाण है।
मनोज मुंतशिर की सामाजिक चेतना
हाल ही में मनोज मुंतशिर ने जियो हॉटस्टार पर प्रसारित वेब सीरीज 'चिरैया' की भी प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा कि कला और कलम का समाज के प्रति दायित्व होता है, और यह सीरीज उस कसौटी पर सफल उतरती है। उनका मानना है कि OTT प्लेटफॉर्मों को भी अपनी सामाजिक जवाबदेही समझनी चाहिए। उन्होंने कहा, "'चिरैया' हमें एक बेहतर, अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार व्यक्ति तथा समाज बनाने की प्रेरणा देती है।"