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'सेनोरिटा' का 15 साल पुराना राज: शंकर महादेवन ने बताया कैसे अभय देओल को अनजाने में रिकॉर्ड किया

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'सेनोरिटा' का 15 साल पुराना राज: शंकर महादेवन ने बताया कैसे अभय देओल को अनजाने में रिकॉर्ड किया

सारांश

'सेनोरिटा' सिर्फ एक गाना नहीं, एक चतुर चाल का नतीजा था। शंकर महादेवन ने घबराए हुए अभय देओल को 'रिहर्सल' के बहाने स्टूडियो बुलाया और बिना बताए उनकी फाइनल रिकॉर्डिंग कर ली — 15 साल बाद यह किस्सा उस गाने को और यादगार बना देता है।

मुख्य बातें

शंकर महादेवन ने 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' की 15वीं वर्षगाँठ पर 'सेनोरिटा' से जुड़ा अनसुना किस्सा साझा किया।
अभय देओल माइक्रोफोन के सामने गाने से घबराते थे, इसलिए उन्हें 'रिहर्सल' के बहाने स्टूडियो बुलाया गया।
महादेवन ने अभय की जानकारी के बिना ही उनकी फाइनल रिकॉर्डिंग कर ली; अभय को बाद में पता चला।
गीतकार जावेद अख्तर ने 'सेनोरिटा' शब्द सुझाया, जिसने गाने को अलग पहचान दी।
फिल्म का निर्देशन जोया अख्तर ने और निर्माण एक्सेल एंटरटेनमेंट ने किया था।

संगीतकार और गायक शंकर महादेवन ने फिल्म 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' के चर्चित गीत 'सेनोरिटा' से जुड़ा एक अनसुना किस्सा साझा किया है — कि कैसे अभिनेता अभय देओल की आवाज़ उनकी जानकारी के बिना ही फाइनल रिकॉर्डिंग में दर्ज कर ली गई थी। फिल्म की 15वीं वर्षगाँठ के मौके पर महादेवन ने यह खुलासा किया कि किस तरह एक साधारण सिचुएशनल ट्रैक आगे चलकर इस फिल्म का सबसे यादगार गीत बन गया।

गाने की शुरुआत कैसे हुई

महादेवन के अनुसार, 'सेनोरिटा' को शुरू में केवल एक सिचुएशनल सॉन्ग के रूप में तैयार किया जा रहा था। उन्होंने बताया, 'फिल्म के एक सीन में तीनों दोस्त थोड़ा नशे में होते हैं और स्पेन के एक गाँव से गुज़रते हुए वहाँ बज रहे लोकल म्यूज़िक पर थिरकने लगते हैं। इस दौरान वे भारतीय अंदाज़ की जुगलबंदी का तड़का भी लगाते हैं — यही सोच इस गाने की नींव थी।'

जैसे-जैसे गाने पर काम आगे बढ़ा, संगीतकार एहसान और लॉय को महसूस हुआ कि यह ट्रैक कुछ ख़ास बनने वाला है। महादेवन ने बताया कि पहले एक धुन बनाई गई, फिर दूसरी, और आख़िर में दोनों का मिक्सअप तैयार किया गया। इसी दौरान गीतकार जावेद अख्तर ने 'सेनोरिटा' शब्द सुझाया, जिसने गाने को एक अलग पहचान दे दी।

तीनों कलाकारों की आवाज़ में रिकॉर्डिंग का फैसला

महादेवन ने बताया कि गाने के तैयार होते ही यह तय किया गया कि इसे फिल्म के तीनों मुख्य कलाकारों — ऋतिक रोशन, फरहान अख्तर और अभय देओल — की आवाज़ में रिकॉर्ड किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'फरहान अख्तर पहले से ही अच्छे गायक हैं, इसलिए उनके लिए यह आसान था। ऋतिक रोशन ने मुझे अपनी फिल्म 'गुज़ारिश' का गाना 'व्हाट अ ब्यूटीफुल वर्ल्ड' सुनाया था, जिससे मुझे भरोसा हो गया कि उनकी आवाज़ इस गाने के लिए बिल्कुल सही रहेगी।'

अभय देओल की झिझक और महादेवन की चतुराई

सबसे बड़ी चुनौती अभय देओल थे। महादेवन के अनुसार, अभय माइक्रोफोन के सामने आने को लेकर काफी घबराए हुए थे और उन्हें विश्वास ही नहीं था कि वे गा पाएँगे। तब महादेवन ने एक अनोखा तरीका अपनाया — उन्होंने अभय को स्टूडियो में केवल रिहर्सल के लिए बुलाया और कहा कि असली रिकॉर्डिंग बाद में होगी।

महादेवन ने बताया, 'मैंने उन्हें सिर्फ इतना कहा कि मैं जो गाऊँ, वही मेरे पीछे-पीछे दोहराते जाओ। अभय को पूरा भरोसा था कि यह सिर्फ अभ्यास है, इसलिए उन्होंने बिना किसी दबाव के गाना गाया। लेकिन असल में उसी दौरान उनकी फाइनल रिकॉर्डिंग की जा रही थी।'

जब अभय देओल को पता चला सच

जब अभय देओल रिकॉर्डिंग बूथ से बाहर आए तो महादेवन ने मुस्कुराते हुए बताया कि काम पूरा हो गया है। अभय ने हैरानी से पूछा कि असली रिकॉर्डिंग के लिए उन्हें दोबारा कब आना होगा — तब महादेवन ने खुलासा किया कि रिकॉर्डिंग तो पहले ही हो चुकी है। यह सुनकर अभय पहले चौंक गए, लेकिन बाद में काफी खुश भी हुए।

फिल्म और टीम के बारे में

'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' का निर्देशन जोया अख्तर ने किया था, जबकि फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रोड्यूस किया था। फिल्म में ऋतिक रोशन, फरहान अख्तर, अभय देओल, कटरीना कैफ और कल्कि कोचलिन मुख्य भूमिकाओं में नज़र आए थे। 'सेनोरिटा' आज भी दोस्ती और बेफिक्री का प्रतीक बना हुआ है — और अब इसके पीछे की कहानी इसे और भी ख़ास बना देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दबाव-मुक्त आवाज़ को 'रिकॉर्डिंग' की जगह 'रिहर्सल' का नाम देकर कैद किया गया — और नतीजा एक पीढ़ी का anthem बना। मुख्यधारा की कवरेज इस तकनीकी-मनोवैज्ञानिक पहलू को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है कि संगीत निर्देशक का काम सिर्फ धुन बनाना नहीं, बल्कि कलाकार से सर्वश्रेष्ठ निकलवाना भी है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शंकर महादेवन ने 'सेनोरिटा' के बारे में क्या राज खोला?
शंकर महादेवन ने बताया कि अभय देओल को गाने का डर था, इसलिए उन्हें 'रिहर्सल' के बहाने स्टूडियो बुलाया गया और बिना बताए उनकी फाइनल रिकॉर्डिंग कर ली गई। यह खुलासा 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' की 15वीं वर्षगाँठ पर किया गया।
अभय देओल को 'सेनोरिटा' रिकॉर्ड करने में क्यों डर लग रहा था?
अभय देओल माइक्रोफोन के सामने गाने को लेकर काफी घबराए हुए थे और उन्हें विश्वास नहीं था कि उनकी आवाज़ अच्छी लगेगी। उन्होंने पहले ही कह दिया था कि उन्हें पूरा यकीन है कि उनकी आवाज़ काम नहीं आएगी।
'सेनोरिटा' गाने में 'सेनोरिटा' शब्द किसने सुझाया था?
गीतकार जावेद अख्तर ने 'सेनोरिटा' शब्द सुझाया था, जिसने इस गाने को एक अलग और यादगार पहचान दी। इससे पहले गाने की धुन पर संगीतकार एहसान और लॉय काफी मेहनत कर चुके थे।
'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' में 'सेनोरिटा' किन कलाकारों की आवाज़ में है?
यह गाना फिल्म के तीनों मुख्य कलाकारों — ऋतिक रोशन, फरहान अख्तर और अभय देओल — की आवाज़ में रिकॉर्ड किया गया था। शंकर महादेवन ने तीनों को अलग-अलग तरीकों से रिकॉर्डिंग के लिए तैयार किया।
'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' फिल्म किसने बनाई थी?
फिल्म का निर्देशन जोया अख्तर ने किया था और इसे फरहान अख्तर तथा रितेश सिधवानी ने एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रोड्यूस किया था। फिल्म में ऋतिक रोशन, फरहान अख्तर, अभय देओल, कटरीना कैफ और कल्कि कोचलिन मुख्य भूमिकाओं में थे।
राष्ट्र प्रेस
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