8 जुलाई 2026
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सोनम बाजवा ने CM भगवंत मान से की अपील: 'शेल्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएं, बेजुबानों को मौत की सजा न दें'

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सोनम बाजवा ने CM भगवंत मान से की अपील: 'शेल्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएं, बेजुबानों को मौत की सजा न दें'

सारांश

अभिनेत्री सोनम बाजवा ने इंस्टाग्राम पर CM भगवंत मान से सीधी अपील की — सुप्रीम कोर्ट ने स्ट्रे डॉग्स के सफाए का आदेश नहीं दिया, बल्कि स्टेरिलाइजेशन, वैक्सीनेशन और शेल्टरिंग का निर्देश दिया है। उन्होंने पूछा: 'शेल्टर कहाँ हैं, इंफ्रास्ट्रक्चर कहाँ है?' और एनजीओ व विशेषज्ञों के साथ मिलकर मानवीय समाधान बनाने की माँग की।

मुख्य बातें

अभिनेत्री सोनम बाजवा ने 22 मई 2026 को इंस्टाग्राम पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से स्ट्रे डॉग्स मुद्दे पर सार्वजनिक अपील की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के 'बड़े पैमाने पर सफाए' का नहीं, बल्कि स्टेरिलाइजेशन, वैक्सीनेशन और शेल्टरिंग का आदेश दिया है।
सोनम ने शेल्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा यह व्यवस्था बेजुबानों के लिए 'मौत की सजा' नहीं बन सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को पशु जन्म नियंत्रण (ABC) कार्यक्रम सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
सोनम ने सुझाव दिया कि एनजीओ , पशु चिकित्सक, स्थानीय अधिकारी और सार्वजनिक सुरक्षा विशेषज्ञों को मिलाकर व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।

अभिनेत्री सोनम बाजवा ने 22 मई 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से सार्वजनिक अपील करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों (स्ट्रे डॉग्स) के बड़े पैमाने पर सफाए का कोई आदेश नहीं दिया है, और राज्य सरकार को इस मुद्दे पर मानवीय और व्यावहारिक समाधान अपनाना चाहिए। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक विस्तृत संदेश में उन्होंने शेल्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर की अनुपस्थिति पर गहरी चिंता जताई।

सोनम बाजवा ने क्या कहा

सोनम ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, 'मुख्यमंत्री भगवंत मान जी, सुप्रीम कोर्ट ने स्ट्रे डॉग्स को एक साथ हटाने का आदेश नहीं दिया। कोर्ट ने संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों से नियमित रूप से हटाने की बात कही है, जिसमें स्टेरिलाइजेशन, वैक्सीनेशन और शेल्टरिंग शामिल है, न कि सड़कों से कुत्तों को पूरी तरह हटा देने की।' उन्होंने तीखे सवाल उठाते हुए कहा, 'शेल्टर कहाँ हैं? इंफ्रास्ट्रक्चर कहाँ है?'

अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सुरक्षा और इंसानी जीवन निश्चित रूप से प्राथमिकता है, लेकिन दया और जिम्मेदारी भी उतनी ही अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली बेजुबान जानवरों के लिए मौत की सजा नहीं बन सकती।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला और असली संदर्भ

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सार्वजनिक स्थानों से स्ट्रे डॉग्स को हटाने के अपने फैसले को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि पशु जन्म नियंत्रण (ABC) कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू न किए जाने के कारण समस्या और गंभीर होती जा रही है। स्ट्रे डॉग्स के काटने की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जिसे कोर्ट ने अत्यंत गंभीर बताया।

कोर्ट ने राज्य सरकारों को ABC कार्यक्रम सख्ती से लागू करने और आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि यह आदेश सफाए की अनुमति नहीं देता, बल्कि स्टेरिलाइजेशन और शेल्टरिंग-आधारित प्रबंधन को अनिवार्य बनाता है।

सोनम का व्यावहारिक सुझाव

सोनम बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अनुरोध किया कि वे जानवरों की भलाई के लिए काम करने वाले एनजीओ, पशु चिकित्सकों, स्थानीय अधिकारियों और सार्वजनिक सुरक्षा विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर एक व्यावहारिक, मानवीय और संवेदनशील समाधान तैयार करें।

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, 'हम बेजुबानों के साथ जैसा व्यवहार करते हैं, उससे आखिरकार पता चलता है कि हम एक समाज के तौर पर कौन हैं।' यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की जा रही है।

आम जनता और पशु प्रेमियों पर असर

यह मुद्दा केवल पंजाब तक सीमित नहीं है — देशभर में स्ट्रे डॉग्स की बढ़ती आबादी और उनसे जुड़े हमलों की घटनाएँ नीति-निर्माताओं के सामने एक जटिल चुनौती खड़ी कर रही हैं। पशु कल्याण संगठनों का तर्क है कि बिना पर्याप्त शेल्टर और स्टेरिलाइजेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के किसी भी हटाने की नीति का दीर्घकालिक प्रभाव सीमित रहेगा।

यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्य सरकारें सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अपनी-अपनी व्याख्या कर रही हैं। अब देखना यह होगा कि भगवंत मान सरकार सोनम बाजवा की इस सार्वजनिक अपील पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि सामूहिक सफाए का। असली सवाल यह है कि वर्षों से ABC कार्यक्रम के लिए आवंटित बजट कहाँ गया और शेल्टर होम क्यों नहीं बने। पंजाब सरकार के सामने यह चुनौती है कि वह सार्वजनिक सुरक्षा और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाए — जो बिना ठोस इंफ्रास्ट्रक्चर के संभव नहीं। एक सेलिब्रिटी की आवाज़ इस बहस को मुख्यधारा में लाने का काम कर सकती है, लेकिन नीतिगत बदलाव के लिए जवाबदेही का तंत्र बनाना सरकार की जिम्मेदारी है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट ने स्ट्रे डॉग्स पर क्या आदेश दिया है?
सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों से स्ट्रे डॉग्स को हटाने के अपने फैसले को बरकरार रखा है, लेकिन यह आदेश सामूहिक सफाए का नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्टेरिलाइजेशन, वैक्सीनेशन और शेल्टरिंग के साथ पशु जन्म नियंत्रण (ABC) कार्यक्रम को सख्ती से लागू करना अनिवार्य है।
सोनम बाजवा ने CM भगवंत मान से क्या माँग की है?
सोनम बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अनुरोध किया है कि वे एनजीओ, पशु चिकित्सकों, स्थानीय अधिकारियों और सार्वजनिक सुरक्षा विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर एक व्यावहारिक और मानवीय समाधान तैयार करें। उन्होंने शेल्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर जोर दिया।
पशु जन्म नियंत्रण (ABC) कार्यक्रम क्या है?
ABC कार्यक्रम आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने की केंद्र-अनुमोदित नीति है, जिसमें स्टेरिलाइजेशन और वैक्सीनेशन प्रमुख उपाय हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इसे प्रभावी ढंग से लागू न किए जाने से समस्या और गंभीर हुई है।
क्या सोनम बाजवा की अपील कानूनी रूप से सही है?
सोनम बाजवा का यह दावा तथ्यात्मक रूप से सही प्रतीत होता है कि सुप्रीम कोर्ट ने सामूहिक सफाए का आदेश नहीं दिया। कोर्ट का निर्देश ABC कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों से नियमित हटाने पर केंद्रित है।
इस मुद्दे पर पंजाब सरकार की क्या स्थिति है?
अभी तक मुख्यमंत्री भगवंत मान या पंजाब सरकार की ओर से सोनम बाजवा की अपील पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार की आगामी नीतिगत प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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