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रवीना टंडन ने पंजाब सरकार से की भावुक अपील: लावारिस कुत्तों के साथ दिखाएं इंसानियत

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रवीना टंडन ने पंजाब सरकार से की भावुक अपील: लावारिस कुत्तों के साथ दिखाएं इंसानियत

सारांश

रवीना टंडन ने पंजाब सरकार की लावारिस कुत्तों को शेल्टर भेजने और खतरनाक कुत्तों को दर्दरहित मृत्यु देने की योजना पर भावुक अपील की है। उन्होंने सीएम भगवंत मान से नसबंदी, टीकाकरण और सुरक्षित शेल्टर जैसे मानवीय विकल्प अपनाने की माँग की — सोनम बाजवा भी पहले यही कह चुकी हैं।

मुख्य बातें

अभिनेत्री रवीना टंडन ने 23 मई 2026 को इंस्टाग्राम पर पंजाब सीएम भगवंत मान से लावारिस कुत्तों के मुद्दे पर इंसानियत दिखाने की अपील की।
पंजाब सरकार की योजना में सड़क के कुत्तों को शेल्टर में भेजना और खतरनाक कुत्तों को दर्दरहित मृत्यु देना शामिल है।
रवीना ने नसबंदी, टीकाकरण और सुरक्षित शेल्टर को बेहतर विकल्प बताया।
अभिनेत्री सोनम बाजवा भी इससे पहले पंजाब सीएम से इसी मुद्दे पर दया बरतने की अपील कर चुकी हैं।
सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले के बाद देशभर में लावारिस कुत्तों की नीति पर बहस तेज हो गई है।

बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ने 23 मई 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भावुक अपील करते हुए कहा कि राज्य में लावारिस कुत्तों के मुद्दे को इंसानियत और दया के साथ सुलझाया जाए। यह अपील उस समय आई है जब पंजाब सरकार की उस योजना पर देशभर में बहस छिड़ी हुई है, जिसमें सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों को शेल्टर में भेजने और खतरनाक माने जाने वाले कुत्तों को दर्दरहित मृत्यु देने का प्रस्ताव है।

रवीना टंडन ने क्या कहा

अभिनेत्री ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, 'सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है। लोगों की सुरक्षा बेहद जरूरी है, लेकिन इस फैसले को लागू करते समय दया और संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। जानवरों के साथ ऐसा व्यवहार होना चाहिए, जिसमें इंसानियत नजर आए।'

उन्होंने आगे कहा, 'लावारिस कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण, सही देखभाल और उन्हें सुरक्षित शेल्टर में रखने जैसे कदम इंसानों और जानवरों दोनों के लिए बेहतर साबित हो सकते हैं। सिर्फ सख्ती से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि समझदारी और संवेदनशीलता के साथ कदम उठाने की जरूरत है।'

सरकार और विशेषज्ञों से सहयोग की माँग

रवीना ने सुझाव दिया कि यदि सरकार, पशु कल्याण संस्थाएं और विशेषज्ञ मिलकर काम करें, तो इस संवेदनशील मुद्दे को कहीं बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है। उन्होंने कहा, 'पंजाब इस मामले में जिम्मेदारी और दयालुता दोनों दिखा सकता है।' अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, 'समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह बेजुबान जीवों के साथ कैसा व्यवहार करता है।'

पंजाब सरकार की योजना और विवाद

गौरतलब है कि पंजाब सरकार की इस योजना को लेकर सोशल मीडिया पर दो खेमे बन गए हैं — एक वर्ग सार्वजनिक सुरक्षा के नाम पर सरकार के फैसले का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा वर्ग पशु अधिकारों की दुहाई दे रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में लावारिस कुत्तों के हमलों की घटनाएं चर्चा में हैं और सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस विषय पर हाल ही में महत्वपूर्ण टिप्पणी की है।

अन्य हस्तियों की प्रतिक्रिया

रवीना टंडन से पहले अभिनेत्री सोनम बाजवा भी पंजाब के मुख्यमंत्री से इसी मुद्दे पर अपील कर चुकी हैं और जानवरों के साथ दया बरतने की बात कही थी। मनोरंजन जगत की इन हस्तियों की अपीलों ने इस बहस को और व्यापक बना दिया है।

आगे क्या होगा

पंजाब सरकार की ओर से अभी तक इन अपीलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पशु अधिकार संगठनों ने सरकार से नसबंदी और टीकाकरण आधारित नीति अपनाने की माँग की है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक मानवीय और प्रभावी माना जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल नीतिगत है — नसबंदी-टीकाकरण कार्यक्रम (ABC) भारत में दशकों से लागू है, फिर भी लावारिस कुत्तों की संख्या और हमलों की घटनाएं कम नहीं हुई हैं। पंजाब सरकार की योजना सार्वजनिक सुरक्षा की एक वास्तविक चिंता का जवाब देने की कोशिश है, जिसे सेलिब्रिटी-केंद्रित बहस में अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। मुख्यधारा की कवरेज भावनात्मक पहलू को तो उठाती है, लेकिन यह नहीं बताती कि ABC कार्यक्रमों की विफलता के लिए जवाबदेही कहाँ है। जब तक स्थानीय निकायों के पास संसाधन और क्रियान्वयन तंत्र नहीं होगा, तब तक कोई भी नीति — चाहे वह दयालु हो या सख्त — कागज पर ही रहेगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रवीना टंडन ने पंजाब सरकार से क्या अपील की है?
रवीना टंडन ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की है कि लावारिस कुत्तों के मुद्दे को इंसानियत और दया के साथ संभाला जाए। उन्होंने नसबंदी, टीकाकरण और सुरक्षित शेल्टर जैसे उपायों को प्राथमिकता देने की बात कही।
पंजाब सरकार की लावारिस कुत्तों को लेकर क्या योजना है?
पंजाब सरकार की योजना में सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों को शेल्टर में भेजना और खतरनाक माने जाने वाले कुत्तों को दर्दरहित मृत्यु देना शामिल है। इस योजना ने पशु अधिकार कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच तीखी बहस छेड़ दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने लावारिस कुत्तों के मामले में क्या कहा है?
सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में लावारिस कुत्तों के मुद्दे पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है, जिसके बाद देशभर में इस नीति पर बहस तेज हो गई है। हालांकि फैसले के विस्तृत निर्देशों के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकारें अपनी-अपनी नीतियाँ बना रही हैं।
क्या किसी और सेलिब्रिटी ने भी इस मुद्दे पर आवाज उठाई है?
हाँ, अभिनेत्री सोनम बाजवा ने रवीना टंडन से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री से इसी मुद्दे पर अपील की थी और जानवरों के साथ दया बरतने की माँग की थी।
लावारिस कुत्तों की समस्या से निपटने के मानवीय विकल्प क्या हैं?
रवीना टंडन और पशु कल्याण विशेषज्ञों के अनुसार, नसबंदी, टीकाकरण, उचित देखभाल और सुरक्षित शेल्टर जैसे उपाय इंसानों और जानवरों दोनों के लिए बेहतर नतीजे दे सकते हैं। सरकार, पशु कल्याण संस्थाओं और विशेषज्ञों के बीच समन्वय को इस दिशा में जरूरी बताया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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