सोनू निगम ने याद किया 'बेवफा सनम' का वो सितंबर 1993, जब शुरू हुआ एक सुनहरा सफर
सारांश
मुख्य बातें
सिंगर सोनू निगम ने शुक्रवार को अपने करियर की शुरुआत से जुड़ी यादें सोशल मीडिया पर साझा कीं — सितंबर 1993 में मुंबई के फिल्मिस्तान स्टूडियो, गोरेगांव में हुई उस रिकॉर्डिंग की, जो उनके फिल्मी सफर का पहला पड़ाव बनी। यह गाना था 'मोहब्बत की कीमत अदा हम करेंगे' — 1993 की फिल्म 'बेवफा सनम' का हिस्सा।
वो पहली रिकॉर्डिंग, वो पहली तस्वीरें
सोनू निगम ने उस दौर की तस्वीरों की एक सीरीज़ शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा: 'मेरी शुरुआत। मोहब्बत की कीमत अदा हम करेंगे - बेवफा सनम | सितंबर, 1993 फिल्मिस्तान स्टूडियो गोरेगांव..' यह पोस्ट उनके करोड़ों प्रशंसकों के बीच तेज़ी से चर्चा का विषय बन गई।
करियर की नींव और शुरुआती पहचान
सोनू ने 1990 के दशक की शुरुआत में बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्मों के लिए उनका पहला गाना 1993 की फिल्म 'आजा मेरी जान' के लिए 'ओ आसमानवाले' था। इसके बाद टीवी सीरियल 'तलाश' के गाने 'हम तो छैला बन गए' और फिर 'अच्छा सिला दिया', 'संदेशे आते हैं' और 'ये दिल दीवाना' जैसे गानों ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।
1999 में उनके नॉन-फिल्म एल्बम 'दीवाना' ने लोकप्रियता के नए आयाम छुए और सोनू को एक स्वतंत्र कलाकार के रूप में भी स्थापित किया।
तीन दशकों का अद्वितीय सफर
आज सोनू निगम के नाम 32 से अधिक भाषाओं में 6,000 से ज़्यादा गाने रिकॉर्ड करने का रिकॉर्ड है। उन्हें उनके संगीत आदर्श मोहम्मद रफ़ी के नाम पर 'मॉडर्न रफ़ी' की उपाधि दी जाती है। 2022 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया।
अभिनय के क्षेत्र में भी सोनू ने कदम रखा — 2002 में निर्देशक राजकुमार कोहली की फैंटेसी एक्शन थ्रिलर 'जानी दुश्मन: एक अनोखी कहानी' से उन्होंने वयस्क भूमिका में अभिनय की शुरुआत की। इस फिल्म में अरमान कोहली, मनीषा कोइराला, सनी देओल, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, आफताब शिवदासानी, आदित्य पंचोली, रंभा और शरद कपूर जैसे कलाकार भी थे।
'बेवफा सनम' — वो फिल्म जहाँ से सब शुरू हुआ
'बेवफा सनम' एक म्यूज़िकल थ्रिलर फिल्म थी, जिसे गुलशन कुमार ने निर्देशित किया था। इसमें उनके छोटे भाई कृष्ण कुमार के अलावा शिल्पा शिरोडकर, अरुणा ईरानी, बीना बनर्जी, शक्ति कपूर और किरण कुमार ने अभिनय किया। फिल्म की कहानी सुंदर नामक एक प्रसिद्ध क्रिकेटर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे झूठे आरोपों में जेल भेज दिया जाता है। जेल में उसे पता चलता है कि उसकी मंगेतर शीतल किसी और से विवाह करने वाली है, और गुस्से में वह उसकी हत्या का निर्णय लेता है।
तीन दशक बाद भी उस पहली रिकॉर्डिंग की स्मृति को सोनू निगम का इस तरह सहेजना दर्शाता है कि एक कलाकार की जड़ें कितनी गहरी होती हैं — और वह पहला कदम कितना मायने रखता है।