सोनू निगम का खुलासा: पिता की सीख ने बदली जिंदगी, 18 में मुंबई आकर चुना मेहनत का रास्ता
सारांश
मुख्य बातें
मशहूर गायक सोनू निगम ने हाल ही में एक खास बातचीत में अपने संघर्ष, गुस्से और पिता की उस सीख का जिक्र किया जिसने उनकी पूरी जिंदगी की दिशा बदल दी। ट्रेड एक्सपर्ट कोमल नाहटा द्वारा होस्ट किए गए शो 'गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज' में सोनू ने बताया कि बचपन का गुस्सा उनके करियर का सबसे बड़ा ईंधन बना।
गुस्से को बनाया करियर की ताकत
सोनू निगम ने स्वीकार किया कि बचपन में उनका गुस्सा बेहद तीव्र था, लेकिन उन्होंने उसे नकारात्मक दिशा में जाने से रोका। उन्होंने कहा, 'मैंने सिडनी ओपेरा हाउस में दोपहर को तीन घंटे का शो और शाम को फिर तीन घंटे का शो किया। मैं ये कर पाया क्योंकि मेरे अंदर उस समय बहुत आग और गुस्सा था। उस आग में करुणा, मेहनत और दूसरों का ख्याल करना भी था।' उन्होंने जोड़ा कि उस आग का होना जरूरी है, बशर्ते उसे सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए।
पिता की दो रास्तों वाली सीख
सोनू निगम के करियर की नींव में उनके पिता की एक अहम सलाह रही। उन्होंने बताया, 'मेरे पिताजी हमेशा कहते थे कि तुम्हारे पास दो रास्ते हैं — या तो अभी मजे ले लो और बाद में संघर्ष करो, या फिर अभी संघर्ष कर लो और बाद में मजे की जिंदगी जी लो।' सोनू ने संघर्ष का रास्ता चुना और आज उसी फैसले को अपनी सफलता की बुनियाद मानते हैं।
18 साल में मुंबई का फैसला
12वीं कक्षा पास करते ही 18 साल की उम्र में सोनू निगम मुंबई आ गए। उन्होंने बताया कि वे स्वभाव से रोमांटिक थे और कॉलेज लाइफ जीने की इच्छा भी थी, लेकिन पिता की बात ने उन्हें मेहनत की राह दिखाई। उनके शब्दों में, 'अगर मैं उस वक्त नहीं आता, तो शायद मुझे 29 साल की उम्र तक भी काम नहीं मिलता।'
सा रे गा मा से टेलीविजन की लहर
सही उम्र में मुंबई पहुँचने का फायदा यह हुआ कि 21 साल की उम्र में सोनू निगम 'सा रे गा मा' जैसे लोकप्रिय शो से जुड़ गए। उन्होंने भारतीय टेलीविजन के शुरुआती दौर को खुद जिया और उस लहर को सही वक्त पर पकड़ा। यही वह मोड़ था जिसने उन्हें देशभर के दर्शकों के बीच एक जाना-पहचाना चेहरा और आवाज़ बनाया।
आज की जिंदगी
दशकों की मेहनत और अनुशासन के बाद सोनू निगम आज उस आरामदायक जिंदगी को जी रहे हैं जिसका सपना उनके पिता ने उन्हें दिखाया था। उनकी यह कहानी युवा कलाकारों के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल है — कि सही उम्र में किया गया सही फैसला पूरे जीवन की दिशा बदल सकता है।