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काजोल का खुलासा: श्रीदेवी का एक्टिंग स्कूल होता तो बनतीं पहली छात्रा

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काजोल का खुलासा: श्रीदेवी का एक्टिंग स्कूल होता तो बनतीं पहली छात्रा

सारांश

काजोल ने माना कि श्रीदेवी उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा थीं — इतनी कि वह उनके एक्टिंग स्कूल की पहली छात्रा बनने की इच्छा रखती थीं। 'चांदनी' से 'खुदा गवाह' तक, काजोल के लिए श्रीदेवी की किरदार में डूब जाने की कला अद्वितीय थी।

मुख्य बातें

काजोल ने 'द अनुपम खेर शो' में कहा कि वह श्रीदेवी के एक्टिंग स्कूल की पहली छात्रा बनना चाहती थीं।
काजोल ने 'चांदनी' , 'चालबाज' , 'सदमा' , 'लम्हे' और 'खुदा गवाह' में श्रीदेवी के अभिनय को अद्वितीय बताया।
काजोल के अनुसार श्रीदेवी की सबसे बड़ी खूबी किरदार में पूरी तरह समा जाना और दर्शकों को अभिनेत्री भुला देना था।
श्रीदेवी का 24 फरवरी 2018 को दुबई में 54 वर्ष की आयु में निधन हुआ था।
काजोल ने कहा कि श्रीदेवी की आँखों में कभी उम्र नहीं दिखती थी और उनमें हमेशा कुछ नया करने की ललक बनी रहती थी।

अभिनेत्री काजोल ने एक बार खुलासा किया था कि बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रही हैं — इस कदर कि वह चाहती थीं कि श्रीदेवी एक अभिनय स्कूल खोलें और वह उनकी पहली छात्रा बनें। यह बात काजोल ने अभिनेता अनुपम खेर के चर्चित टॉक शो 'द अनुपम खेर शो' में कही थी।

बचपन से नहीं, धीरे-धीरे बनीं दीवानी

जब अनुपम खेर ने काजोल से पूछा कि फिल्मों में आने से पहले उनकी पसंदीदा अभिनेत्री कौन थीं, तो काजोल ने बताया कि बचपन में उनकी कोई एक पसंदीदा अभिनेत्री नहीं थी। लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ी होती गईं, श्रीदेवी का अभिनय उन्हें गहराई से प्रभावित करने लगा।

काजोल ने कहा, 'श्रीदेवी शानदार अभिनेत्री थीं। मैं उनसे हमेशा कहती थी कि उन्हें एक अभिनय स्कूल खोल लेना चाहिए। अगर ऐसा होता तो मैं खुद उस स्कूल की पहली छात्रा बनना चाहती थी और बहुत कुछ सीखना चाहती थी।'

किरदार में डूब जाने की कला

काजोल ने श्रीदेवी की सबसे बड़ी विशेषता उनकी किरदार में पूरी तरह समा जाने की क्षमता बताई। उनके अनुसार, 'श्रीदेवी जिस किरदार को निभाती थीं, उसमें पूरी तरह उतर जाती थीं। दर्शक उन्हें देखकर यह भूल जाते थे कि सामने एक अभिनेत्री है — उन्हें सिर्फ वही किरदार नजर आता था। यही बात श्रीदेवी को दूसरी अभिनेत्रियों से अलग बनाती थी।'

काजोल ने 'चांदनी', 'चालबाज', 'सदमा' और 'लम्हे' जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सभी में श्रीदेवी के किरदार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थे, लेकिन हर भूमिका में वह पूरी तरह विश्वसनीय लगीं।

शख्सियत और किरदार का संतुलन

काजोल ने आगे कहा, 'श्रीदेवी के किरदारों में कहीं न कहीं उनकी अपनी शख्सियत की हल्की झलक जरूर मिलती थी, लेकिन वह कभी किरदार पर हावी नहीं होती थी। यही एक सच्चे अभिनेता की पहचान है।' काजोल ने 'खुदा गवाह' में श्रीदेवी के अभिनय को भी विशेष रूप से सराहा और कहा कि उनकी आँखों में कभी उम्र नहीं दिखती थी — उनमें हमेशा जिंदगी को लेकर उत्साह और कुछ नया करने की ललक बनी रहती थी।

असमय विदाई, अमिट छाप

श्रीदेवी का 24 फरवरी 2018 को 54 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। दुबई में एक पारिवारिक समारोह के दौरान होटल के बाथटब में दुर्घटनावश डूबने से उनकी मृत्यु हुई थी। उनके अचानक जाने से पूरा फिल्म जगत स्तब्ध रह गया था। काजोल जैसी अभिनेत्रियों की स्वीकारोक्ति यह बताती है कि श्रीदेवी की विरासत आज भी बॉलीवुड की नई पीढ़ी को दिशा दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह उस खालीपन की स्वीकारोक्ति है जो श्रीदेवी के जाने के बाद बॉलीवुड में आज भी महसूस होती है। जब एक स्थापित अभिनेत्री किसी दूसरी की 'पहली छात्रा' बनने की इच्छा जाहिर करे, तो यह उस कलाकार की असाधारण ऊँचाई को रेखांकित करता है। गौरतलब है कि श्रीदेवी ने दक्षिण भारतीय सिनेमा से हिंदी तक की यात्रा में जो विविधता दिखाई, वह आज के दौर में दुर्लभ है — जहाँ अभिनेत्रियाँ अक्सर एक ही छवि में सिमट जाती हैं। काजोल की यह स्वीकारोक्ति उद्योग को यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम अपनी सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं की विरासत को संस्थागत रूप से सहेज पा रहे हैं।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काजोल ने श्रीदेवी के बारे में क्या कहा?
काजोल ने 'द अनुपम खेर शो' में कहा कि श्रीदेवी शानदार अभिनेत्री थीं और वह चाहती थीं कि श्रीदेवी एक अभिनय स्कूल खोलें जिसमें वह पहली छात्रा बनें। काजोल के अनुसार श्रीदेवी की किरदार में पूरी तरह डूब जाने की क्षमता उन्हें बाकी अभिनेत्रियों से अलग बनाती थी।
काजोल की पसंदीदा श्रीदेवी फिल्में कौन सी थीं?
काजोल ने 'चांदनी', 'चालबाज', 'सदमा', 'लम्हे' और 'खुदा गवाह' का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन फिल्मों में श्रीदेवी के किरदार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थे, फिर भी हर भूमिका में वह पूरी तरह विश्वसनीय लगीं।
श्रीदेवी का निधन कब और कैसे हुआ?
श्रीदेवी का 24 फरवरी 2018 को 54 वर्ष की आयु में निधन हुआ था। दुबई में एक पारिवारिक समारोह के दौरान होटल के बाथटब में दुर्घटनावश डूबने से उनकी मृत्यु हुई थी।
काजोल ने श्रीदेवी की किस खूबी को सबसे खास बताया?
काजोल ने कहा कि श्रीदेवी की सबसे बड़ी खूबी यह थी कि वह किरदार में इस तरह उतर जाती थीं कि दर्शक अभिनेत्री को भूल जाते थे और केवल किरदार देखते थे। साथ ही, उनकी अपनी शख्सियत किरदार पर कभी हावी नहीं होती थी।
'द अनुपम खेर शो' में काजोल ने यह बात किस संदर्भ में कही?
अनुपम खेर ने काजोल से पूछा था कि फिल्मों में आने से पहले उनकी पसंदीदा अभिनेत्री कौन थीं। इसी सवाल के जवाब में काजोल ने श्रीदेवी के प्रति अपनी प्रशंसा और एक्टिंग स्कूल की इच्छा जाहिर की थी।
राष्ट्र प्रेस
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