काजोल का खुलासा: श्रीदेवी का एक्टिंग स्कूल होता तो बनतीं पहली छात्रा
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री काजोल ने एक बार खुलासा किया था कि बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रही हैं — इस कदर कि वह चाहती थीं कि श्रीदेवी एक अभिनय स्कूल खोलें और वह उनकी पहली छात्रा बनें। यह बात काजोल ने अभिनेता अनुपम खेर के चर्चित टॉक शो 'द अनुपम खेर शो' में कही थी।
बचपन से नहीं, धीरे-धीरे बनीं दीवानी
जब अनुपम खेर ने काजोल से पूछा कि फिल्मों में आने से पहले उनकी पसंदीदा अभिनेत्री कौन थीं, तो काजोल ने बताया कि बचपन में उनकी कोई एक पसंदीदा अभिनेत्री नहीं थी। लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ी होती गईं, श्रीदेवी का अभिनय उन्हें गहराई से प्रभावित करने लगा।
काजोल ने कहा, 'श्रीदेवी शानदार अभिनेत्री थीं। मैं उनसे हमेशा कहती थी कि उन्हें एक अभिनय स्कूल खोल लेना चाहिए। अगर ऐसा होता तो मैं खुद उस स्कूल की पहली छात्रा बनना चाहती थी और बहुत कुछ सीखना चाहती थी।'
किरदार में डूब जाने की कला
काजोल ने श्रीदेवी की सबसे बड़ी विशेषता उनकी किरदार में पूरी तरह समा जाने की क्षमता बताई। उनके अनुसार, 'श्रीदेवी जिस किरदार को निभाती थीं, उसमें पूरी तरह उतर जाती थीं। दर्शक उन्हें देखकर यह भूल जाते थे कि सामने एक अभिनेत्री है — उन्हें सिर्फ वही किरदार नजर आता था। यही बात श्रीदेवी को दूसरी अभिनेत्रियों से अलग बनाती थी।'
काजोल ने 'चांदनी', 'चालबाज', 'सदमा' और 'लम्हे' जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सभी में श्रीदेवी के किरदार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थे, लेकिन हर भूमिका में वह पूरी तरह विश्वसनीय लगीं।
शख्सियत और किरदार का संतुलन
काजोल ने आगे कहा, 'श्रीदेवी के किरदारों में कहीं न कहीं उनकी अपनी शख्सियत की हल्की झलक जरूर मिलती थी, लेकिन वह कभी किरदार पर हावी नहीं होती थी। यही एक सच्चे अभिनेता की पहचान है।' काजोल ने 'खुदा गवाह' में श्रीदेवी के अभिनय को भी विशेष रूप से सराहा और कहा कि उनकी आँखों में कभी उम्र नहीं दिखती थी — उनमें हमेशा जिंदगी को लेकर उत्साह और कुछ नया करने की ललक बनी रहती थी।
असमय विदाई, अमिट छाप
श्रीदेवी का 24 फरवरी 2018 को 54 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। दुबई में एक पारिवारिक समारोह के दौरान होटल के बाथटब में दुर्घटनावश डूबने से उनकी मृत्यु हुई थी। उनके अचानक जाने से पूरा फिल्म जगत स्तब्ध रह गया था। काजोल जैसी अभिनेत्रियों की स्वीकारोक्ति यह बताती है कि श्रीदेवी की विरासत आज भी बॉलीवुड की नई पीढ़ी को दिशा दे रही है।