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सरोज खान पुण्यतिथि: सुभाष घई बोले — 'हीरो' से 'कलंक' तक, मास्टरजी हमेशा याद रहेंगी

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सरोज खान पुण्यतिथि: सुभाष घई बोले — 'हीरो' से 'कलंक' तक, मास्टरजी हमेशा याद रहेंगी

सारांश

सरोज खान की पुण्यतिथि पर सुभाष घई का वह बयान जो सबसे ज़्यादा असर करता है — 'डांस न जानने वालों को भी बेहतरीन डांसर बना देती थीं।' 2,000+ गाने, 3 राष्ट्रीय पुरस्कार, और एक ऐसी विरासत जिसे 'मास्टरजी' के बिना समझना मुश्किल है।

मुख्य बातें

सरोज खान की पाँचवीं पुण्यतिथि पर 3 जुलाई 2025 को फिल्म निर्माता सुभाष घई ने सोशल मीडिया पर भावुक श्रद्धांजलि दी।
घई ने कहा कि सरोज खान 'हीरो' में जैकी श्रॉफ और 'राम लखन' में माधुरी दीक्षित जैसे गैर-डांसरों को भी बेहतरीन डांसर बना देती थीं।
सरोज खान 1983 में पहले फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफर पुरस्कार की विजेता थीं।
उन्होंने अपने करियर में 2,000 से अधिक गाने कोरियोग्राफ किए और तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते।
3 जुलाई 2020 को 71 वर्ष की आयु में कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हुआ था।

भारतीय सिनेमा की अविस्मरणीय कोरियोग्राफर सरोज खान की पाँचवीं पुण्यतिथि पर 3 जुलाई 2025 को फिल्म जगत ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मशहूर फिल्म निर्माता सुभाष घई ने सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए उनके साथ अपने दशकों लंबे सफर को याद किया और कहा कि सरोज खान सिर्फ एक कोरियोग्राफर नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की एक 'इंस्टीट्यूशन' थीं।

सुभाष घई की भावुक श्रद्धांजलि

घई ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'प्रिय सरोज खान, भारतीय सिनेमा आपको हमेशा याद करेगा। आप एक ऐसी कोरियोग्राफर थीं, जिनमें गजब की सहज प्रतिभा और कलात्मक समझ थी।' उन्होंने आगे कहा कि सरोज खान हर गाने में गीतकार, संगीतकार और निर्देशक की सोच का पूरा सम्मान करती थीं। घई ने स्वीकार किया, 'हमने साथ काम किया, बहस भी की, कई बार सहमत हुए और कई बार असहमत भी, लेकिन एक निर्देशक के रूप में मेरी हर फिल्म का आप अहम हिस्सा थीं।'

गैर-डांसरों को डांसर बनाने की अद्भुत क्षमता

घई ने सरोज खान की उस विशेष प्रतिभा को रेखांकित किया जो उन्हें बाकी कोरियोग्राफरों से अलग करती थी — नए और डांस न जानने वाले कलाकारों को भी बेहतरीन डांसर बना देने की क्षमता। उन्होंने याद दिलाया कि सरोज खान ने फिल्म 'हीरो' में जैकी श्रॉफ और 'राम लखन' में माधुरी दीक्षित को किस कुशलता से तैयार किया था। गौरतलब है कि 1983 में फिल्म 'हीरो' के लिए शुरू हुए पहले फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफर पुरस्कार की विजेता भी सरोज खान ही थीं।

सरोज खान का अतुलनीय करियर

प्यार से 'मास्टरजी' कहलाने वाली सरोज खान ने अपने लंबे करियर में 2,000 से अधिक गानों की कोरियोग्राफी की। तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकीं इस महान कलाकार के यादगार गीतों में 'बेटा' का 'धक-धक करने लगा', 'तेजाब' का 'एक दो तीन' और 'मिस्टर इंडिया' का 'हवा हवाई' शामिल हैं। बतौर कोरियोग्राफर उनकी अंतिम फिल्म 'कलंक' थी, जिसमें माधुरी दीक्षित नज़र आई थीं।

निधन और फिल्म जगत का शोक

सरोज खान का 3 जुलाई 2020 को 71 वर्ष की आयु में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया था। उनके जाने पर अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान समेत फिल्म जगत की अनेक हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया था। सुभाष घई ने अपनी श्रद्धांजलि में लिखा, 'आप हमेशा एक महान कोरियोग्राफर और शानदार इंसान के रूप में याद की जाएंगी।'

मुक्ता आर्ट्स के साथ विशेष रिश्ता

घई ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मुक्ता आर्ट्स के लिए सरोज खान का योगदान हमेशा यादगार रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब हिंदी फिल्म उद्योग में कोरियोग्राफी की कला को उसका उचित सम्मान दिलाने की बात फिर से उठ रही है। सरोज खान ने अपने काम से यह साबित किया कि कोरियोग्राफर किसी फिल्म की आत्मा को आकार देने में उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना निर्देशक या संगीतकार।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि उनसे पहले इसे महज़ 'नाच सिखाने' का काम माना जाता था। यह विडंबना है कि जिस फिल्मफेयर पुरस्कार की शुरुआत 1983 में उनकी वजह से हुई, उसी उद्योग ने कोरियोग्राफरों को लंबे समय तक क्रेडिट और पारिश्रमिक के मामले में हाशिये पर रखा। आज जब ओटीटी और रील संस्कृति में डांस कंटेंट का बोलबाला है, तो सरोज खान की विरासत का मूल्यांकन केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि उद्योग-नीति के नज़रिए से भी होना चाहिए।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरोज खान की पुण्यतिथि कब है और उनका निधन कैसे हुआ?
सरोज खान का निधन 3 जुलाई 2020 को 71 वर्ष की आयु में कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ था। हर साल 3 जुलाई को फिल्म जगत उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देता है।
सुभाष घई ने सरोज खान को श्रद्धांजलि में क्या कहा?
सुभाष घई ने कहा कि सरोज खान भारतीय सिनेमा की एक 'इंस्टीट्यूशन' थीं और डांस न जानने वाले कलाकारों को भी बेहतरीन डांसर बना देने की उनकी क्षमता अतुलनीय थी। उन्होंने 'हीरो' में जैकी श्रॉफ और 'राम लखन' में माधुरी दीक्षित को तैयार करने का विशेष उल्लेख किया।
सरोज खान ने अपने करियर में कितने गाने कोरियोग्राफ किए?
सरोज खान ने अपने लंबे करियर में 2,000 से अधिक गानों की कोरियोग्राफी की। उनके सबसे यादगार गानों में 'धक-धक करने लगा', 'एक दो तीन' और 'हवा हवाई' शामिल हैं।
सरोज खान को कौन-कौन से प्रमुख पुरस्कार मिले?
सरोज खान ने तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते। इसके अलावा वह 1983 में फिल्म 'हीरो' के लिए पहले फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफर पुरस्कार की विजेता भी रहीं।
सरोज खान की आखिरी फिल्म कौन सी थी?
बतौर कोरियोग्राफर सरोज खान की आखिरी फिल्म 'कलंक' थी, जिसमें माधुरी दीक्षित मुख्य भूमिका में थीं। माधुरी दीक्षित के साथ उनका रिश्ता 'तेजाब' और 'राम लखन' जैसी फिल्मों से दशकों पुराना था।
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