तेजस्वी प्रकाश बोलीं — 'तकनीक असली कला की जगह कभी नहीं ले सकती', 'प्लेग्राउंड 5' में हैं मेंटोर
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री तेजस्वी प्रकाश इन दिनों भारत के चर्चित गेमिंग रियलिटी शो 'प्लेग्राउंड' के 5वें सीजन में जज और मेंटोर की भूमिका में नज़र आ रही हैं। 10 अगस्त को मुंबई में शो के प्रमोशन के दौरान उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कभी भी इंसानी कला की जगह नहीं ले सकता।
तेजस्वी का एआई पर सीधा रुख
जब अभिनेत्री से पूछा गया कि क्या तकनीक कला को खत्म कर रही है, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया। तेजस्वी ने कहा, 'तकनीक कभी भी असली आर्ट को रिप्लेस नहीं कर सकती है और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कितने भी ऐसे शो हों, जिनमें एआई का इस्तेमाल किया गया हो। हमने अपने शो में एक एआई कॉन्सेप्ट भी शामिल किया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम इस शो में एआई को मेंटर बना देंगे — मुझे नहीं लगता कि ऐसा कभी हो सकता है।'
हालाँकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विज़ुअल एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में एआई एक कारगर सहायक टूल की भूमिका निभा सकता है — बशर्ते उसे कलाकार की जगह नहीं, बल्कि उसके सहयोगी के रूप में देखा जाए।
शो में कौन-कौन हैं मेंटोर
इस सीजन में तेजस्वी प्रकाश के साथ अरुष भोला और एल्विश यादव भी मेंटोर के रूप में शामिल हैं। तीनों अलग-अलग टीमों का नेतृत्व करते दिखेंगे। शो के मुख्य फाउंडर्स और निर्माताओं में कैरी मिनाटी, मोर्टल और ट्रिगर इनसान जैसे नाम भी अलग-अलग रूपों में इस सीरीज से जुड़े हुए हैं।
'प्लेग्राउंड' — भारत का पहला गेमिंग रियलिटी शो
'प्लेग्राउंड' भारत का पहला गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स रियलिटी शो है, जो एंटरटेनमेंट, प्रतिस्पर्धा और इन्फ्लुएंसर कल्चर को एक मंच पर लाता है। यह शो 'वर्चुअल प्लेग्राउंड' के कॉन्सेप्ट पर आधारित है, जिसमें युवा क्रिएटर्स, गेमर्स और इंटरनेट की मशहूर हस्तियाँ एक साथ आकर विभिन्न चुनौतियों में भाग लेती हैं।
शो में दोस्ती, प्रतिद्वंद्विता और टीमवर्क — तीनों का मिश्रण देखने को मिलता है। यह प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म Amazon MX Player पर स्ट्रीम किया जा रहा है।
एंटरटेनमेंट और तकनीक की बहस
यह ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया में एआई के मनोरंजन उद्योग पर प्रभाव को लेकर बहस तेज़ है। हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक, कलाकार और निर्माता दोनों इस सवाल से जूझ रहे हैं कि तकनीक उनकी रचनात्मकता को सशक्त करेगी या उसकी जगह लेगी। तेजस्वी का यह बयान इस बहस में एक कलाकार का सीधा और स्पष्ट पक्ष प्रस्तुत करता है।
गौरतलब है कि 'प्लेग्राउंड 5' का यह सीजन एआई कॉन्सेप्ट को शामिल करते हुए भी मानवीय मेंटरशिप को केंद्र में रखता है — जो खुद इस बहस का एक व्यावहारिक उत्तर है।