'तू है मेरी किरण' बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप: सोनाक्षी की कमज़ोर पब्लिसिटी बनी सबसे बड़ी वजह — ट्रेड एनालिस्ट
सारांश
मुख्य बातें
ट्रेड एनालिस्ट गिरीश वानखेड़े ने 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई में हुई बातचीत में स्पष्ट किया कि सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल अभिनीत फिल्म 'तू है मेरी किरण' का बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कम प्रदर्शन मुख्यतः कमज़ोर प्रमोशन रणनीति का नतीजा है। उन्होंने गुरमीत चौधरी की फिल्म 'तुम मेरे हो' की विफलता के लिए कमज़ोर संगीत और अपर्याप्त स्टारकास्ट को ज़िम्मेदार ठहराया।
प्रमोशन की कमी बनी 'तू है मेरी किरण' का सबसे बड़ा दुश्मन
वानखेड़े के अनुसार, 'तू है मेरी किरण' की सबसे बड़ी समस्या फिल्म की विज़िबिलिटी का न होना था। उन्होंने कहा, 'फिल्म की रिलीज से महज छह से सात दिन पहले खबरें आने लगीं कि सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की फिल्म रिलीज होने वाली है। जब किसी फिल्म के बारे में रिलीज से कुछ दिन पहले ही चर्चा शुरू होती है, तो उसके लिए दर्शकों के बीच उत्सुकता पैदा करना मुश्किल हो जाता है।'
वानखेड़े ने यह भी बताया कि फिल्म को कम से कम एक महीने पहले प्रमोट किया जाना चाहिए था। उनके शब्दों में, 'सोनाक्षी इतनी बड़ी स्टार नहीं हैं कि बिना पब्लिसिटी के दर्शक फिल्म देखने पहुंचें। अगर फिल्म के बारे में बात करने या उसे प्रमोट करने में परेशानी हो, तो दर्शकों से थिएटर तक पहुंचने की उम्मीद कैसे की जा सकती है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि फिल्म के बारे में डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी देर से जानकारी मिली, जिससे वितरण स्तर पर भी तैयारी प्रभावित हुई।
'निकिता रॉय' की विफलता के बाद और मज़बूत प्रमोशन की थी ज़रूरत
वानखेड़े ने सोनाक्षी सिन्हा की पिछली फिल्म 'निकिता रॉय' का भी संदर्भ दिया। उन्होंने बताया कि 'निकिता रॉय' को भी बॉक्स ऑफिस पर खास सफलता नहीं मिली थी, और ऐसे में 'तू है मेरी किरण' के लिए और अधिक आक्रामक मार्केटिंग की आवश्यकता थी।
उनके मुताबिक, 'कलाकार की पहचान के साथ-साथ फिल्म को लेकर लगातार चर्चा बनाए रखना भी ज़रूरी है। सिर्फ फिल्म रिलीज कर देने से दर्शक अपने आप थिएटर तक नहीं पहुंचते।' यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब बॉलीवुड में छोटे और मध्यम बजट की फिल्मों को OTT प्लेटफॉर्म्स से भी कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
'तुम मेरे हो': कमज़ोर संगीत और स्टारकास्ट की मार
गुरमीत चौधरी की फिल्म 'तुम मेरे हो' के बारे में वानखेड़े ने कहा, 'फिल्म में ऐसा कुछ खास नहीं था, जिसके लिए दर्शक टिकट खरीदकर सिनेमाघर जाना चाहते हों। रोमांटिक फिल्मों में म्यूजिक अहम होता है, लेकिन इस फिल्म के गाने लोगों की जुबान पर नहीं चढ़ सके।'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'तुम मेरे हो' का प्रमोशन तो किया गया, लेकिन संगीत को वह लोकप्रियता नहीं मिली जो इस तरह की रोमांटिक फिल्मों के लिए ज़रूरी होती है। गुरमीत चौधरी के बारे में उन्होंने कहा, 'गुरमीत चौधरी टीवी के लिए बेहतरीन अभिनेता हैं, लेकिन फिल्मों में दर्शकों को आकर्षित करने वाला वह चार्म अभी उनमें नज़र नहीं आया है।'
'रामायण' और 'किंग' पर वानखेड़े का अनुमान
आने वाली बड़ी फिल्मों को लेकर वानखेड़े ने भी अपना नज़रिया साझा किया। उनके अनुसार रणबीर कपूर की 'रामायण' पहले दिन दुनियाभर में ₹110 से ₹115 करोड़ का कारोबार कर सकती है और पहले वीकेंड में इसका कलेक्शन ₹300 करोड़ तक पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म को लेकर हो रहा विवाद भी कमाई में मदद करेगा।
वहीं, शाहरुख खान की 'किंग' के बारे में उनका अनुमान है कि अब तक बने माहौल को देखते हुए यह फिल्म 'रामायण' से बाजी मार सकती है। गौरतलब है कि दोनों फिल्मों को लेकर बॉलीवुड में अभी से जबरदस्त उत्सुकता देखी जा रही है। बॉक्स ऑफिस पर हाल की असफलताओं के बाद उद्योग की नज़रें इन दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर टिकी हैं।