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गायिका तुलसी कुमार ने माता वैष्णो देवी के भंडारे में सेवा की, पिता गुलशन कुमार की 43 साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाया

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गायिका तुलसी कुमार ने माता वैष्णो देवी के भंडारे में सेवा की, पिता गुलशन कुमार की 43 साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाया

सारांश

तुलसी कुमार ने माता वैष्णो देवी के पवित्र भंडारे में अपने हाथों से श्रद्धालुओं को प्रसाद परोसा — यह पिता गुलशन कुमार की 43 साल पुरानी धार्मिक विरासत का सजीव प्रमाण है। परिवार द्वारा संरक्षित यह परंपरा न केवल भक्ति बल्कि समाज सेवा की एक मजबूत कड़ी है।

मुख्य बातें

गायिका तुलसी कुमार ने माता वैष्णो देवी के कटरा स्थित भंडारे में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
यह भंडारा गुलशन कुमार द्वारा लगभग 43 साल पहले स्थापित किया गया था।
तुलसी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा करते हुए अपने पिता के प्रति आभार व्यक्त किया।
गुलशन कुमार माता वैष्णो देवी के अनन्य भक्त थे और समाज सेवा के लिए प्रतिबद्ध थे।
गुलशन कुमार की हत्या मुंबई में की गई थी; अबू सलेम और नदीम-सैफी मुख्य साजिशकर्ता माने गए।

गायिका तुलसी कुमार ने माता वैष्णो देवी की तीर्थ यात्रा के दौरान अपने पिता गुलशन कुमार द्वारा स्थापित पारिवारिक भंडारे में सेवा की। कटरा में चल रहे इस भंडारे की शुरुआत गुलशन कुमार ने लगभग 43 साल पहले की थी, और तुलसी ने इसी परंपरा को जीवंत रखते हुए श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। यह पारिवारिक आस्था और सेवा की विरासत का एक जीवंत उदाहरण है।

भंडारे में तुलसी की सेवा

बुधवार को तुलसी कुमार ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह अपने बेटे के साथ श्रद्धालुओं को भोजन परोस रही हैं। वीडियो के साथ अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए तुलसी ने लिखा, "कटरा में मां वैष्णो देवी का लंगर, जिसकी शुरुआत पापा ने लगभग 43 साल पहले की थी, आज भी उसी प्यार, आस्था और निस्वार्थ भाव के साथ चल रहा है। सेवा की यह परंपरा आज भी जारी है। पापा के दिखाए रास्ते पर चलते हुए, दिल में केवल आभार है।"

गुलशन कुमार की धार्मिक विरासत

टी-सीरीज़ के संस्थापक गुलशन कुमार माता वैष्णो देवी के अनन्य भक्त थे। उन्होंने कटरा में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की स्थापना की थी, जो वैष्णो देवी की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सहायता केंद्र बन गया। यह भंडारा निरंतर चलता रहा है, और हर किसी को भोजन कराया जाता है, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति कुछ भी हो।

परिवार द्वारा परंपरा का संरक्षण

गुलशन कुमार के निधन के बाद भी उनके परिवार ने इस नेक कार्य को जारी रखा है। तुलसी कुमार और उनके भाई-बहन माता वैष्णो देवी के प्रति अपने पिता की भक्ति को जीवंत रखते हैं। यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज सेवा की एक सार्थक मिसाल भी है।

गुलशन कुमार का जीवन और विरासत

गौरतलब है कि गुलशन कुमार ने वैष्णो देवी में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई कार्य करवाए थे। कहा जाता है कि जब अंडरवर्ल्ड की ओर से उनसे फिरौती मांगी गई, तो उन्होंने इनकार करते हुए कहा था, "₹10 करोड़ में तो मैं माता वैष्णो देवी में भंडारा करवा दूंगा।" यह कथन उनकी धार्मिक प्रतिबद्धता और साहस का प्रमाण है।

दुर्भाग्यपूर्ण अंत

टी-सीरीज़ के संस्थापक गुलशन कुमार की हत्या मुंबई में कई गोलियां बरसाकर की गई थी। पुलिस ने संगीतकार नदीम-सैफी और माफिया डॉन अबू सलेम को इस हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता माना था, जो अंडरवर्ल्ड की जबरन वसूली और आपसी रंजिश से जुड़ा था। उनकी मृत्यु के बाद भी उनकी विरासत, विशेषकर माता वैष्णो देवी के प्रति उनकी भक्ति, परिवार द्वारा सम्मान के साथ संरक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्होंने टी-सीरीज़ को संगीत उद्योग का दिग्गज बनाया, अपनी धार्मिक आस्था को कभी व्यावसायिक सफलता से दूर नहीं होने दिया। आज, जब उनके पोते-पोतियाँ भी इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, तो यह दिखाता है कि सच्ची विरासत सिर्फ़ संपत्ति या ख्याति नहीं होती — यह मूल्यों की एक श्रृंखला है। भारतीय समाज में ऐसे उदाहरण दुर्लभ हैं जहाँ सफल उद्यमी अपनी धार्मिकता को जीवन का केंद्र बनाए रखते हैं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुलसी कुमार ने माता वैष्णो देवी के भंडारे में क्या किया?
तुलसी कुमार ने कटरा में चल रहे पारिवारिक भंडारे में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया और सेवा की। उन्होंने अपने बेटे के साथ इस कार्य को अंजाम दिया और इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा किया।
गुलशन कुमार ने भंडारे की शुरुआत कब की थी?
गुलशन कुमार ने माता वैष्णो देवी के कटरा में भंडारे की शुरुआत लगभग 43 साल पहले की थी। यह भंडारा आज भी उसी प्यार, आस्था और निस्वार्थ भाव के साथ चल रहा है।
गुलशन कुमार की मृत्यु कैसे हुई?
गुलशन कुमार की हत्या मुंबई में कई गोलियां बरसाकर की गई थी। पुलिस ने संगीतकार नदीम-सैफी और माफिया डॉन अबू सलेम को इस हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता माना था, जो अंडरवर्ल्ड की जबरन वसूली और आपसी रंजिश से जुड़ा था।
क्या गुलशन कुमार के बाद भी भंडारा चलता रहा?
हाँ, गुलशन कुमार के निधन के बाद भी उनके परिवार ने इस नेक कार्य को जारी रखा है। तुलसी कुमार और उनके भाई-बहन माता वैष्णो देवी के प्रति अपने पिता की भक्ति को जीवंत रखते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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