16 अक्टूबर 2026
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ट्विशा शर्मा मौत मामला: सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल कोर्ट की सुनवाई रोकी, CBI व आरोपियों को नोटिस

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ट्विशा शर्मा मौत मामला: सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल कोर्ट की सुनवाई रोकी, CBI व आरोपियों को नोटिस

सारांश

पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया है। शीर्ष अदालत ने भोपाल कोर्ट की सुनवाई रोककर CBI और आरोपियों को नोटिस जारी किया — पूर्व जज सास और दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बीच यह मामला अब देश के सबसे हाई-प्रोफाइल दहेज केसों में शुमार हो गया है।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने 16 अक्टूबर 2026 को भोपाल की निचली अदालत में ट्विशा शर्मा केस की सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाई।
CBI , आरोपी पति समर्थ सिंह और पूर्व जज सास गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया।
ट्विशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर, कान और हाथ पर चोट के निशान; मौत से पहले लगी थीं।
ट्विशा दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से विवाह के बाद 12 मई 2026 को ससुराल में मृत पाई गईं।
पिता नवनिधि शर्मा ने मामला भोपाल से नई दिल्ली ट्रांसफर करने की याचिका दायर की है।

सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में 16 अक्टूबर 2026 को महत्वपूर्ण हस्तक्षेप करते हुए भोपाल की निचली अदालत में चल रही सुनवाई पर अंतरिम रोक लगा दी। शीर्ष अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), आरोपी पति समर्थ सिंह और पूर्व न्यायाधीश सास गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। यह कदम ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा की उस याचिका पर उठाया गया है, जिसमें मामले को भोपाल से नई दिल्ली स्थानांतरित करने की माँग की गई है।

मामले की पृष्ठभूमि

ट्विशा शर्मा एक पूर्व मॉडल और अभिनेत्री थीं, जिन्होंने तेलुगु फिल्मों में भी काम किया था। बाद में उन्होंने MBA की डिग्री हासिल की और कॉर्पोरेट क्षेत्र में कार्यरत हो गईं। एक मैट्रिमोनियल साइट के ज़रिए समर्थ सिंह से मुलाकात के बाद दोनों की शादी दिसंबर 2025 में हुई। 12 मई 2026 को ट्विशा भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गईं।

मौत की खबर सामने आते ही परिवार ने गंभीर सवाल उठाए और निष्पक्ष जाँच की माँग की, जिससे यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। गौरतलब है कि ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह खुद एक पूर्व न्यायाधीश हैं, जिससे परिवार पक्ष को भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई को लेकर संदेह था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गिरफ्तारियाँ

ट्विशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके सिर, कान और हाथ पर चोट के निशानों की पुष्टि हुई, जो मौत से पहले लगी थीं। इन निष्कर्षों के आधार पर पुलिस ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया। ट्विशा के परिवार ने दोनों पर दहेज उत्पीड़न और गंभीर मानसिक यातना का आरोप लगाया है।

ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने दावा किया कि पति का व्यवहार शादी से पहले ही ठीक नहीं था और हनीमून के दौरान भी उनकी बेटी के साथ दुर्व्यवहार हुआ था। उनके अनुसार, सास गिरिबाला सिंह भी दहेज के लिए ट्विशा को परेशान करती थीं।

आरोपी पक्ष का रुख

अपनी जमानत याचिका में गिरिबाला सिंह ने ट्विशा पर प्रति-आरोप लगाते हुए कथित तौर पर दावा किया कि बहू को नशीले पदार्थों की लत थी और नशा न मिलने पर उनका व्यवहार असामान्य हो जाता था। यह दावा परिवार पक्ष सिरे से नकारता है।

ट्विशा के भाई हर्षित शर्मा ने बताया कि उनकी बहन बेहद परेशान रहती थीं और उन्होंने नोएडा वापस लौटने की इच्छा भी जाहिर की थी। यह ब्यौरा परिवार के आरोपों को और पुष्ट करता है।

सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप

नवनिधि शर्मा ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर तर्क दिया कि सास के पूर्व न्यायाधीश होने के कारण भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है। शीर्ष अदालत ने इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए CBI, समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी किया और भोपाल की निचली अदालत की कार्यवाही पर अंतरिम स्थगन दे दिया।

यह ऐसे समय में आया है जब दहेज उत्पीड़न और न्यायिक कनेक्शन वाले मामलों में स्थान परिवर्तन की माँग देश भर में बढ़ रही है। सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले से अगली सुनवाई तक भोपाल कोर्ट में कोई भी कार्रवाई नहीं होगी।

आगे की राह

नोटिस का जवाब मिलने के बाद सर्वोच्च न्यायालय तय करेगा कि मामला दिल्ली ट्रांसफर किया जाए या नहीं। इस बीच CBI की जाँच की दिशा और आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी सभी की नज़र टिकी रहेगी। न्यायिक पृष्ठभूमि वाले परिवार के खिलाफ मामले में शीर्ष अदालत की सक्रियता इस केस को देश के सबसे चर्चित दहेज उत्पीड़न मामलों में शामिल कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि न्याय की बुनियादी विश्वसनीयता का सवाल बनाता है। सुप्रीम कोर्ट का त्वरित हस्तक्षेप इस आशंका को अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार करता है कि संस्थागत जुड़ाव से स्थानीय सुनवाई प्रभावित हो सकती है। दहेज उत्पीड़न कानूनों के सख्त प्रावधानों के बावजूद, उनके प्रभावी क्रियान्वयन में शक्ति-संतुलन की भूमिका इस केस में एक बार फिर उजागर हुई है। असली कसौटी अब यह होगी कि CBI की जाँच पोस्टमार्टम निष्कर्षों और परिवार के बयानों को एकसाथ कितनी निष्पक्षता से तौलती है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्विशा शर्मा कौन थीं और उनकी मौत कैसे हुई?
ट्विशा शर्मा एक पूर्व मॉडल और अभिनेत्री थीं, जिन्होंने तेलुगु फिल्मों में भी काम किया था और बाद में MBA करके कॉर्पोरेट क्षेत्र में आ गई थीं। दिसंबर 2025 में शादी के बाद वह 12 मई 2026 को भोपाल स्थित ससुराल में मृत पाई गईं; परिवार ने दहेज उत्पीड़न और मानसिक यातना का आरोप लगाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या फैसला सुनाया?
सर्वोच्च न्यायालय ने 16 अक्टूबर 2026 को भोपाल की निचली अदालत में चल रही सुनवाई पर अंतरिम रोक लगा दी। साथ ही CBI, आरोपी पति समर्थ सिंह और पूर्व जज सास गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया है।
ट्विशा के पिता ने मामला ट्रांसफर करने की माँग क्यों की?
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा को आशंका है कि सास गिरिबाला सिंह के पूर्व न्यायाधीश होने के कारण भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है। इसीलिए उन्होंने याचिका दायर कर मामला दिल्ली ट्रांसफर करने की माँग की है।
इस मामले में अब तक किन्हें गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशानों की पुष्टि के बाद पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया है। दोनों पर दहेज उत्पीड़न और मानसिक यातना के आरोप हैं।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
सर्वोच्च न्यायालय के नोटिस का जवाब मिलने के बाद शीर्ष अदालत तय करेगी कि मामला दिल्ली ट्रांसफर हो या नहीं। तब तक भोपाल की निचली अदालत में कोई कार्रवाई नहीं होगी और CBI की जाँच जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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