वरुण बडोला ने 'अस्तित्व...एक प्रेम कहानी' और 'देश में निकला होगा चांद' को अपने करियर की बुनियाद बताया
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 5 मई को अभिनेता वरुण बडोला ने एक खास साक्षात्कार में बताया कि उनके करियर के शुरुआती दशक में 'कोशिश - एक आशा', 'अस्तित्व...एक प्रेम कहानी' और 'देश में निकला होगा चांद' जैसे टेलीविजन शो ने उन्हें एक विश्वसनीय अभिनेता के रूप में स्थापित किया और उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। ये किरदार उनके दिल के करीब बने हुए हैं, लेकिन बडोला मानते हैं कि एक अभिनेता को अतीत की सफलता में न रुककर आगे बढ़ना और विकास करना जरूरी है।
शुरुआती शो और पहचान
वरुण बडोला को सबसे पहले 2002 में शुरू हुए शो 'अस्तित्व...एक प्रेम कहानी' में अभिनेत्री निक्की अनेजा वालिया के साथ मुख्य भूमिका निभाते हुए देश भर में पहचान मिली। इसी दौर में उन्होंने 'कोशिश - एक आशा' में अभिनेत्री संध्या मृदुल के साथ काम किया, जहाँ उनके अभिनय को खूब सराहा गया। 'देश में निकला होगा चांद' में उनका 'देव' का किरदार 2000 के दशक की शुरुआत में टेलीविजन दर्शकों का पसंदीदा बन गया, जहाँ वे अभिनेत्री संगीता घोष के साथ नजर आए थे।
अतीत और भविष्य के बीच संतुलन
बडोला ने अपनी यात्रा के बारे में कहा,