11 अगस्त 2026
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वरुण बडोला ने 'अस्तित्व...एक प्रेम कहानी' और 'देश में निकला होगा चांद' को अपने करियर की बुनियाद बताया

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वरुण बडोला ने 'अस्तित्व...एक प्रेम कहानी' और 'देश में निकला होगा चांद' को अपने करियर की बुनियाद बताया

सारांश

वरुण बडोला ने अपने शुरुआती दशक के तीन महत्वपूर्ण टेलीविजन शो को अपनी पहचान का आधार माना, लेकिन जोर दिया कि सफल अभिनेता वो होते हैं जो अतीत की उपलब्धियों में न फँसकर नए भूमिकाएँ तलाशते हैं — यही उनकी 'अनदेखी' जैसी ओटीटी परियोजनाओं तक की यात्रा रही।

मुख्य बातें

वरुण बडोला के करियर को 'अस्तित्व...एक प्रेम कहानी' (2002), 'कोशिश - एक आशा' और 'देश में निकला होगा चांद' ने आकार दिया।
शो में उनके किरदार 20-22 साल पहले की बात हैं, लेकिन उन्हें राष्ट्रव्यापी पहचान दिलाई।
बडोला मानते हैं कि अभिनेता को अतीत की सफलता में न रुककर विकास करना चाहिए।
वे अभिनेत्री राजेश्वरी से विवाहित हैं और हाल ही में 'अनदेखी' के चौथे सीजन में दिखे।
'अनदेखी' में हर्ष छाया, गौतम रोडे और सूर्या शर्मा भी मुख्य भूमिकाओं में हैं; बडोला ने पहले सीजन का सह-लेखन भी किया।

मुंबई, 5 मई को अभिनेता वरुण बडोला ने एक खास साक्षात्कार में बताया कि उनके करियर के शुरुआती दशक में 'कोशिश - एक आशा', 'अस्तित्व...एक प्रेम कहानी' और 'देश में निकला होगा चांद' जैसे टेलीविजन शो ने उन्हें एक विश्वसनीय अभिनेता के रूप में स्थापित किया और उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। ये किरदार उनके दिल के करीब बने हुए हैं, लेकिन बडोला मानते हैं कि एक अभिनेता को अतीत की सफलता में न रुककर आगे बढ़ना और विकास करना जरूरी है।

शुरुआती शो और पहचान

वरुण बडोला को सबसे पहले 2002 में शुरू हुए शो 'अस्तित्व...एक प्रेम कहानी' में अभिनेत्री निक्की अनेजा वालिया के साथ मुख्य भूमिका निभाते हुए देश भर में पहचान मिली। इसी दौर में उन्होंने 'कोशिश - एक आशा' में अभिनेत्री संध्या मृदुल के साथ काम किया, जहाँ उनके अभिनय को खूब सराहा गया। 'देश में निकला होगा चांद' में उनका 'देव' का किरदार 2000 के दशक की शुरुआत में टेलीविजन दर्शकों का पसंदीदा बन गया, जहाँ वे अभिनेत्री संगीता घोष के साथ नजर आए थे।

अतीत और भविष्य के बीच संतुलन

बडोला ने अपनी यात्रा के बारे में कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दूसरा चरण उससे आगे निकलना है। 2000 के दशक की शुरुआत में जब भारतीय टेलीविजन के 'गोल्डन एज' में 'अस्तित्व' जैसे शो हजारों करोड़ की दर्शकता का आँकड़ा छूते थे, तब बडोला की 'देव' की भूमिका एक सांस्कृतिक प्रतीक बन गई थी। लेकिन 20 साल बाद, जब ओटीटी प्लेटफॉर्म ने अभिनय को नई परिभाषा दी है, तो बडोला का 'अनदेखी' में सह-लेखक और अभिनेता दोनों के रूप में काम करना यही दिखाता है — कि विकास का मतलब केवल बड़ी भूमिकाएँ नहीं, बल्कि कहानी कहने के तरीके को समझना है। यह वह कौशल है जो दर्शक-केंद्रित उद्योग में बने रहने के लिए जरूरी है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वरुण बडोला को सबसे पहली पहचान किस शो से मिली?
वरुण बडोला को सबसे पहली और सबसे बड़ी पहचान 2002 में शुरू हुए शो 'अस्तित्व...एक प्रेम कहानी' से मिली, जिसमें वे अभिनेत्री निक्की अनेजा वालिया के साथ मुख्य भूमिका में थे। इस शो ने उन्हें घर-घर में पहचाना हुआ नाम बना दिया।
वरुण बडोला ने कौन-कौन से शो में काम किया है?
वरुण बडोला के प्रमुख टेलीविजन शो में 'अस्तित्व...एक प्रेम कहानी' (2002), 'कोशिश - एक आशा' (संध्या मृदुल के साथ) और 'देश में निकला होगा चांद' (संगीता घोष के साथ) शामिल हैं। हाल ही में वे ओटीटी सीरीज़ 'अनदेखी' के चौथे सीजन में दिखे।
वरुण बडोला का 'देव' का किरदार कौन-से शो में था?
'देव' का किरदार 'देश में निकला होगा चांद' में था, जहाँ वरुण बडोला ने अभिनेत्री संगीता घोष के साथ काम किया। यह किरदार 2000 के दशक की शुरुआत में टेलीविजन दर्शकों के बीच बहुत लोकप्रिय हो गया था।
वरुण बडोला की हाल की परियोजनाएँ क्या हैं?
वरुण बडोला को आखिरी बार ओटीटी सीरीज़ 'अनदेखी' के चौथे सीजन में देखा गया था, जिसमें हर्ष छाया, गौतम रोडे और सूर्या शर्मा भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। उन्होंने इस शो के पहले सीजन का सह-लेखन भी किया है।
वरुण बडोला का व्यक्तिगत जीवन कैसा है?
वरुण बडोला की शादी राजेश्वरी से हुई है। वे अपनी निजी ज़िंदगी को ज्यादा सार्वजनिक नहीं करते हैं और अपने अभिनय करियर पर ध्यान केंद्रित रखते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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