विजय को राजनीति में मौका मिलना चाहिए, अनुभव की कमी से न आंकें: शोभा डे
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 7 मई (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु की राजनीति वर्तमान में अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय को लेकर तीव्र चर्चा में है। फिल्मों की दुनिया में दशकों की पहचान बना चुके विजय ने राजनीति में प्रवेश करते ही ऐसा प्रभाव दिखाया है कि उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। यद्यपि पार्टी 118 सीटों के बहुमत लक्ष्य से अभी दूर है, फिर भी विजय की राजनीतिक यात्रा को एक उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है। इसी संदर्भ में प्रसिद्ध लेखिका शोभा डे ने विजय के राजनीतिक सफर पर अपनी विस्तृत राय साझा की है।
अनुभव की कमी को कारण न बनाएँ
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में शोभा डे ने कहा, ''विजय राजनीति के लिहाज से अभी नए चेहरे हैं। उनके पास लंबे समय का राजनीतिक अनुभव नहीं है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने उल्लेखनीय जीत हासिल की है। विजय को खासतौर पर युवाओं का व्यापक समर्थन मिला है। जेन-जेड वोटर्स ने उन्हें काफी पसंद किया, और यही कारण रही कि उनकी पार्टी चुनाव में मजबूत स्थिति में पहुँची।'' उन्होंने आगे कहा कि राजनीति में आने वाला हर व्यक्ति शुरुआत में नया होता है और समय के साथ ही अनुभव बढ़ता है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में मौका देना जरूरी
डे ने लोकतांत्रिक सिद्धांतों का संदर्भ देते हुए कहा, ''लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर इंसान को मौका दिया जाता है। जनता ने विजय को भी वही मौका दिया है। अब लोगों को धैर्य रखना चाहिए और यह देखना चाहिए कि वह आगे क्या काम करते हैं और राज्य के लिए क्या सोच रखते हैं।'' उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी व्यक्ति को शुरुआत में ही नकार देना सही नहीं है, क्योंकि कई बार नए लोग ही राजनीति में बड़ा बदलाव लेकर आते हैं।
तमिलनाडु की फिल्मी-राजनीतिक परंपरा
शोभा डे ने तमिलनाडु की राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री के ऐतिहासिक रिश्ते पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ''तमिलनाडु में फिल्मी सितारों का राजनीति में आना कोई नई बात नहीं है। राज्य के कई प्रभावशाली नेता पहले फिल्मों के लोकप्रिय चेहरे रह चुके हैं। तमिलनाडु की जनता हमेशा से अपने फिल्मी सितारों को गहरा प्रेम देती आई है, और यही कारण है कि कई अभिनेता राजनीति में भी सफल हुए।'' उन्होंने विजय को इसी परंपरा का अगला बड़ा नाम बताया।
जयललिता का उदाहरण
डे ने पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता का उदाहरण देते हुए कहा, ''जब जयललिता राजनीति में आईं, तब उनके पास भी ज्यादा राजनीतिक अनुभव नहीं था। लेकिन बाद में वह तमिलनाडु की सबसे ताकतवर और लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में शामिल हुईं। अगर जयललिता खुद को साबित कर सकीं, तो विजय को भी मौका मिलना चाहिए।'' यह तुलना दर्शाती है कि कैसे अनुभव की कमी किसी की सफलता में बाधा नहीं बन सकती।
टीवीके की मौजूदा स्थिति
तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जगह बनाई है। गौरतलब है कि सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की आवश्यकता होती है, जिसका अर्थ है कि पार्टी अभी बहुमत से 10 सीटें दूर है। आने वाले दिनों में विजय और उनकी पार्टी की राजनीतिक यात्रा काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।